हावड़ा-पश्चिम बंगाल
इंडिया इनसाइड न्यूज।
अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर सच्चिदानन्द योगाश्रम के आचार्य जयंत भट्टाचार्य ने लोगो को जागरूक करते हुए विशेष संदेश दिया है। उनका कहना है कि एक दिन के लिए कुछ आसन करने से बेहतर है कि साल के 365 दिन - प्रतिदान योगाभ्यास करना चाहिए। दिखावे के लिए एक दिन आसन करना उचित नहीं। यदि आप वाकई में योग के महत्व और उसके लाभों का सम्मान करते हैं तो उसे अपने जीवन-शैली में रोजाना स्थान दीजिए, आप में सकारात्मक उर्जा का भण्डार दिखेगा।
उन्होंने आगे बताया कि प्रत्येक वर्ष हम शिविर लगाते है और यहाँ 12 वर्ष बाद लगा रहे हैं। साथ ही उन्होंने नेति क्रिया योग पर विस्तार से अपने वक्तव्यों को रखा। उन्होंने बताया कि इस क्रिया के अभ्यास से सायनस में बहुत लाभ देता है। मस्तिष्क को नेत्र को कर्ण को गला को पूरे ईएनटी विभाग को लाभ पहुंचाता है। जिसे बलगम की समस्या है, उसे नहीं होता है। जिसे ऑक्सीजन की कमी होती है, वो समस्या दूर हो जाती है। बच्चे जिनको पढ़ाई-लिखाई में मन नहीं लगता, इस क्रिया से उनमें पढ़ाने-लिखने की रूचि बढ़ने लगती है, उनके याददाश्त भी बढ़ने लगते है।
साथ ही उन्होंने प्रशिक्षक की निगरानी में नेति क्रिया योग करने का सुझाव दिया। और बताया कि आप स्नान के दौरान भी आसान तरीके से भी इस क्रिया को कर सकते हैं - स्नान करते वक्त अपने अंजलि में जल लें और उसे अपने नाक से पी जाए। दूसरे नाक में भी वैसा ही करें। इस से भी आपको उतना ही लाभ मिलेगा।
20 जून से लेकर 23 जून तक, अर्थात चार दिनों तक चलने वाले नि:शुल्क शिविर में खड़े होकर - अर्धचन्द्रासन, पादहस्तासन, अंगुष्ठासन, बैठ कर - पदमासन, भद्रपदमासन, बज्रासन, भद्रासन और लेट कर - भजंगासन, पवनमुक्तासन आदि योगाभ्यास कराया जा रहा है। इस शिविर में विशेषकर बच्चों के अलावा युवा और बुजुर्ग भी शामिल हो रहे हैं।
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