कोलकाता
पश्चिम बंगाल
इंडिया इनसाइड न्यूज।
■वित्तीय वर्ष 2026-27 के पश्चिम बंगाल बजट पर मुख्यमंत्री सुवेन्दु अधिकारी की प्रेस वार्ता
सोमवार को राज्य बजट पेश किए जाने के बाद मुख्यमंत्री सुवेन्दु अधिकारी ने एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। उन्होंने इस बजट को पश्चिम बंगाल के समग्र विकास के उद्देश्य से विकास और विरासत का बजट बताया।
उन्होंने कहा कि बहुत से लोग इसे 'पूर्ण बजट' कह सकते हैं, लेकिन मैं इसे "आठ महीने का बजट" कहूंगा। चूंकि हमारी सरकार का कार्यकाल दो वित्तीय वर्षों के बीच आता है, इसलिए हमें पूरे 12 महीनों का बजट प्रस्तुत करने का अवसर नहीं मिला। पिछली सरकार ने अप्रैल से जुलाई तक चार महीनों के लिए एक 'वोट ऑन अकाउंट' पेश किया था, जिसके माध्यम से राज्य की अर्थव्यवस्था संचालित हो रही थी। वित्त मंत्री, प्रख्यात शिक्षाविद् डॉ. स्वपन दासगुप्ता ने 31 मार्च, 2027 तक की अवधि के लिए यह बजट प्रस्तुत किया है। वित्त मंत्री ने ₹4.38 लाख करोड़ से अधिक का बजट प्रस्तुत किया है। इस बजट का मुख्य उद्देश्य राज्य की आय और व्यय के बीच संतुलन बनाए रखना है, जबकि सेवा शक्ति, उद्योग शक्ति और ज्ञान शक्ति सहित पांच शक्तियों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया है। इस बजट में पश्चिम बंगाल की विरासत, संस्कृति, खोई हुई गौरव-गाथा की पुनर्स्थापना तथा वर्तमान समय की आवश्यकताओं को प्राथमिकता दी गई है।
"इस बजट में रोजगार सृजन के लिए मेरी लंबे समय से प्रस्तावित "त्रिधारा" अथवा त्रिशक्ति" योजना को शामिल किया गया है:
●सरकारी रोजगार: इस वित्तीय वर्ष में विभिन्न सरकारी विभागों में 1 लाख नई नियुक्तियां की जाएंगी। इनमें 20,000 पुलिसकर्मी तथा 50,000 शिक्षक, शिक्षिकाएं, प्रोफेसर और शैक्षणिक कर्मचारी शामिल होंगे। शेष 30,000 नियुक्तियां विभिन्न सरकारी विभागों में संविदा एवं डाटा एंट्री ऑपरेटर पदों पर की जाएंगी। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि भर्ती समिति में कोई राजनीतिक व्यक्ति नहीं होगा और यूपीएससी मॉडल के अनुरूप पारदर्शी भर्ती सुनिश्चित की जाएगी।
●निजी उद्योग और निवेश: फूड प्रोसेसिंग और एमएसएमई क्षेत्रों पर विशेष जोर दिया गया है। औद्योगिक निवेश आकर्षित करने के लिए लैंड सीलिंग कानून की समीक्षा की जाएगी। ₹100 करोड़ से अधिक निवेश करने वाले उद्योगपतियों को पंचायतों या स्थानीय निकायों से अलग से अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं होगी। सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से वसूली, सिंडिकेट और कट-मनी की प्रथा समाप्त कर व्यापार-अनुकूल वातावरण बनाया जाएगा। पूर्ववर्ती सरकार द्वारा बंद की गई प्रोत्साहन योजना को पुनः शुरू किया गया है और इसके लिए ₹5,000 करोड़ का प्रावधान रखा गया है।
●व्यापार और आत्मनिर्भरता: प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, पीएमईजीपी और विश्वकर्मा योजना के माध्यम से छोटे और मध्यम उद्यमियों को सब्सिडी सहायता प्रदान करने में राज्य सरकार बड़ी भूमिका निभाएगी।
"हमारी सरकार किसानों के साथ मजबूती से खड़ी है। धान खरीद पर ₹2,500 प्रति क्विंटल के अतिरिक्त ₹200 प्रति क्विंटल अतिरिक्त देने की घोषणा की गई है। हम इसे चरणबद्ध तरीके से ₹3,100 तक बढ़ाएंगे।
• पीएम-किसान सम्मान निधि के तहत केंद्र सरकार द्वारा दिए जाने वाले ₹6,000 के अतिरिक्त राज्य सरकार ₹3,000 और प्रदान करेगी।
• आलू किसानों के लिए विशेष पैकेज तथा कोल्ड स्टोरेज परिवहन पर सब्सिडी दी जाएगी।
• सबसे बड़ी घोषणा यह है कि कृषि कार्यों में प्रयुक्त बिजली पर ₹2 प्रति यूनिट की छूट दी जाएगी, जिसके लिए राज्य सरकार ₹800 करोड़ व्यय करेगी।
●अन्नपूर्णा भंडार एवं ड्रॉप-आउट रोकथाम: महिलाओं को ₹3,000 की सहायता पहले ही 28 लाख लाभार्थियों तक पहुंच चुकी है। 1 जुलाई से अतिरिक्त 1 करोड़ 5 लाख महिलाओं के खातों में राशि भेजी जाएगी। इसके लिए ₹36,000 करोड़ का प्रावधान रखा गया है। कॉलेज और विश्वविद्यालय स्तर पर छात्राओं के ड्रॉप-आउट को रोकने के लिए ₹50,000 की एकमुश्त सहायता दी जाएगी।
●मातृ वंदना एवं पोषण किट: पीएम मातृ वंदना योजना के तहत ₹5,000 की राशि के अतिरिक्त राज्य सरकार ₹16,000 और जोड़ेगी, जिससे कुल सहायता ₹21,000 तथा 5 पौष्टिक किट हो जाएगी। महिलाओं की सुरक्षा हेतु सरकारी बसों में निःशुल्क यात्रा के लिए 'पिंक कार्ड' शुरू किया जा रहा है। महिला सुरक्षा को सुदृढ़ करने के लिए महिला पुलिसकर्मियों से युक्त दो नई बटालियन (दुर्गा स्क्वाड) बनाई जाएंगी।
●पहाड़ों में भर्ती: ईएफआर (ईस्टर्न फ्रंटियर राइफल्स) में लंबे समय से भर्ती नहीं हुई थी। अब वहां 1,000 नई नियुक्तियां की जाएंगी, जिनमें 30 प्रतिशत हमारी बहनों के लिए आरक्षित होंगी।
"हमने सरकारी कर्मचारियों के लंबित एरियर (2016 से 2019 तक) का बड़ा हिस्सा पहले ही चुका दिया है और शेष राशि भी धन की उपलब्धता के अनुसार प्रदान की जाएगी। केंद्र और राज्य के बीच डीए के 42% अंतर में से 20% डीए की घोषणा पहले ही कर दी गई है, जो अक्टूबर में दुर्गा पूजा के दौरान कर्मचारियों के खातों में पहुंच जाएगी। कर्मचारियों के लिए सातवें वेतन आयोग के गठन हेतु समिति बनाई गई है, जिसका लक्ष्य दिसंबर तक रिपोर्ट प्रस्तुत करना है ताकि इसे जनवरी से लागू किया जा सके।"
●युवाओं के लिए भत्ता: आगामी अक्टूबर से स्नातक युवाओं को ₹3,000 प्रति माह तथा गैर-स्नातकों को ₹2,000 प्रति माह दिए जाएंगे (जिनके परिवार की मासिक आय ₹1 लाख से कम है)।
●स्वास्थ्य और मिड-डे मील: सरकारी अस्पतालों में मरीजों के आहार पर खर्च ₹56 से बढ़ाकर ₹110 कर दिया गया है। मिड-डे मील का आवंटन ₹6.50 से बढ़ाकर ₹10 कर दिया गया है। सभी हाई स्कूलों और महिला कॉलेजों में सैनिटरी नैपकिन वेंडिंग मशीनें लगाई जाएंगी तथा मिड-डे मील की रसोई के लिए 100% गैस की व्यवस्था की जाएगी। कोलकाता में पायलट परियोजना के रूप में मिड-डे मील तैयार करने की जिम्मेदारी 'इस्कॉन' को सौंपी जा रही है।
●कानून-व्यवस्था और बुनियादी ढांचा: कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए दुर्गा पूजा से पहले 16,000 नए कांस्टेबल तैनात किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त सड़कों, पुलों, रेलवे, हवाई अड्डों और बंदरगाहों के निर्माण के माध्यम से संपर्क व्यवस्था में अभूतपूर्व सुधार किया जाएगा। हल्दिया-नंदीग्राम, सागर द्वीप, बीरभूम और दुर्गापुर-बांकुड़ा सहित 5 बड़े पुलों के निर्माण के लिए ₹100 करोड़ का आवंटन किया गया है। मालदा और दक्षिण दिनाजपुर में कटाव रोकने के लिए भी बड़े प्रोजेक्ट शुरू किए गए हैं।
अंत में मैं कहना चाहूंगा कि यह सरकार स्वामी विवेकानंद, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी और रामकृष्ण मिशन के आदर्शों से प्रेरित है। सभी समुदायों की संस्कृति की रक्षा तथा आदिवासी कल्याण के लिए (धरती आबा, एकलव्य विद्यालय और आदिवासी विश्वविद्यालय जैसी पहलों के माध्यम से) यह बजट एक ऐतिहासिक कदम है। मैं सभी नागरिकों से सहयोग का आग्रह करता हूं ताकि पश्चिम बंगाल एक बार फिर अपनी गौरवशाली पहचान प्राप्त कर सके।
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