हर साल बारिश में जलमग्न होता है हावड़ा, अब निकासी व्यवस्था सुधारने के लिए रेलवे और राज्य सरकार मिलकर करेंगे काम



हावड़ा
पश्चिम बंगाल
इंडिया इनसाइड न्यूज।

हर वर्ष मानसून के दौरान हावड़ा शहर के बड़े हिस्से जलभराव की समस्या से जूझते हैं। सत्ता परिवर्तन के बाद नई सरकार ने इस लंबे समय से चली आ रही समस्या के समाधान के लिए ठोस पहल शुरू की है। इसके तहत राज्य सरकार और रेलवे संयुक्त रूप से जलनिकासी व्यवस्था को बेहतर बनाने का काम करेंगे।

मानसून शुरू होते ही हावड़ा की सड़कों, प्रमुख मार्गों और गलियों में जलभराव की समस्या फिर सामने आने लगी है। पिछले शासनकाल में जलनिकासी सुधार के लिए कई परियोजनाएं शुरू की गई थीं, लेकिन उनमें से अधिकांश अपेक्षित परिणाम नहीं दे सकीं। नई सरकार अब हावड़ा की निकासी व्यवस्था के लिए एक मास्टर प्लान तैयार कर रही है। इसी सिलसिले में जिला प्रशासन और रेलवे अधिकारियों के बीच बैठक भी हुई है।

हावड़ा डिवीजन के डीआरएम विशाल कपूर ने बताया कि बरसात के दौरान हावड़ा स्टेशन के आसपास रेलवे ट्रैक पर पानी भर जाने से रेल सेवाएं प्रभावित होती हैं। इसके अलावा टिकियापाड़ा यार्ड से सटी सड़कों पर भी जलभराव होता है। इस बार इन समस्याओं के समाधान के लिए रेलवे और राज्य सरकार ने संयुक्त रूप से काम शुरू कर दिया है। उन्होंने बताया कि रानीझील का पुनरुद्धार किया जाएगा तथा जहां-जहां नालियां अवरुद्ध हैं, उनकी पहचान कर प्राथमिकता के आधार पर मरम्मत और सफाई कराई जाएगी।

वहीं, भाजपा के विधायकों ने जलभराव वाले इलाकों का दौरा कर लोगों से बातचीत की और उनकी समस्याएं सुनीं। शिबपुर के विधायक रुद्रनील घोष ने जलनिकासी की समस्या के लिए पूर्ववर्ती वाम मोर्चा और तृणमूल कांग्रेस सरकारों को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने भरोसा दिलाया कि नई सरकार इस समस्या का स्थायी समाधान करने के लिए काम करेगी।

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