--आचार्य श्रीहरि
नई दिल्ली, इंडिया इनसाइड न्यूज।
■बीजेपी मूल के नेता मंदबुद्धि, कमजोर और डरपोक
■वीर, दूरदर्शी, देशद्रोहियों के लिए काल जैसे योगी, हेमंता, अधिकारी, रघुवर दास
मेरा मानना ही नहीं है बल्कि सत्य है, बीजेपी मूल के नेता मंदबुद्धि के होते हैं, कमजोर होते हैं और डरपोक भी होते हैं। सत्ता में नहीं होते हैं तो उन्हें हिन्दू अच्छे लगते हैं, मुसलमानों को सबक सिखाने की बात करते हैं, लव जिहाद और कुकुरमुत्ते की तरह बच्चे पैदा करने की मुस्लिम मानसिकता को जमींदोज करने की बात करते हैं, धर्मांतरण पर रोक लगाने की बात करते हैं पर जैसे ही सत्ता में आते हैं वैसे ही ये सेक्युलर बन जाते हैं, रोजा पार्टी में छेदा टोपी पहन लेते हैं, चिकन बिरयानी इन्हें पसंद आने लगता है। अवैध मस्जिदों के लिए जमीन उपलब्ध कराते हैं, लव जिहादियों की मदद करते हैं, गौ हत्यारों की पैरवी करते हैं।
उदाहरण के लिए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव, त्रिपुरा के मुख्यमंत्री मानिक साहा, गुजरात के मुख्यमंत्री पटेल, दिल्ली के मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के साथ ही साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह, राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी आदि। ये सभी बीजेपी के नेता देशद्रोहियों की गर्दन नापने में नाकाम रहे हैं। राजनाथ सिंह और नितिन गडकरी को मुस्लिम छेदा टोपी पहने हुए, रोजा खोलते हुए तस्वीर सोशल मीडिया पर कोई भी देख सकता है।
कॉकरोच जनता पार्टी को बेमतलब फेमस कर दिया गया, मोदी और शाह की नीतियों ने कॉकरोच जनता पार्टी के माध्यम से देशद्रोहियों और जिहादियों को शक्तिशाली बना दिया गया। अब तो कॉकरोच जनता पार्टी की अगुआई में देशद्रोहियों और जिहादियों द्वारा हिन्दुत्व का संहार करने की सरेआम घोषणा हो रही है।
इसके विपरीत दूसरे दलों से बीजेपी में आए बीजेपी के नेता देशद्रोहियों और मुस्लिम जिहादियों को कानून का पाठ दिलेरी से पढ़ा रहे हैं। इनमें पहला नाम योगी आदित्यनाथ का आता है। योगी आदित्यनाथ मूल रूप से हिंदू महासभा की उपज हैं। योगी आदित्यनाथ ने मुस्लिम जिहादियों और अवैध मस्जिदों तथा सपा के गुंडों पर सत्ता का प्रहार कर हिन्दुत्व का परचम लहराया है। असम के मुख्यमंत्री हेमंता का मूल कांग्रेसी है। हेमंता विश्वा शर्मा ने बांग्लादेशी घुसपैठिये मुस्लिमों को भारतीय कानूनों को पाठ पढ़ाया, मदरसा को बंद कराया, सरकारी भूमि को बांग्लादेशी घुसपैठिये से मुक्त कराया। पश्चिम बंगाल में शिवेन्दु अधिकारी ने ममता बनर्जी के जिहाद की राजनीति को कुचल डाला, मुस्लिम गुंडागर्दी को दफन कर दिया। रघुवर दास समाजवादी पृष्ठभूमि के थे, झारखंड के मुख्यमंत्री के रूप में रघुवर दास ने ईमानदारी और कर्मठता का बेजोड़ नमूना पेश किया था, विकास की अद्भुत मिसाल बनाई, नक्सलवाद को कुचला, ईसाई मिशनरियों की हिंसा और अराजकता को दबाया।
देशद्रोहियों, जिहादियों, मिशनरियों से लड़ने वाले बीजेपी के लोग नहीं हैं, फिर इन सब के खिलाफ लड़ने वाले कौन लोग हैं? देश में करीब एक लाख स्वतंत्र हिन्दुत्व सेनानी है जो बीजेपी या संघ से जुड़े नहीं है, जो स्वतंत्र रूप से हिन्दुत्व की सुरक्षा और संवर्द्धन के लिए लड़ रहे हैं, इनमें आप गौ सुरक्षा के सेनानियों को भी रख सकते हैं। बीजेपी को हिन्दुत्व के स्वतन्त्र प्रहरियों और गौ सुरक्षा के प्रहरियों से खुजली होती है, इन्हें बीजेपी हिंसक और सांप्रदायिकता के प्रतीक मानती है। केंद्र में मोदी राज और राज्यों में बीजेपी की सरकारों के दौरान सैकड़ों हिन्दुत्व के स्वतन्त्र प्रहरियों और गौ सुरक्षा के प्रहरियों की हत्या जिहादियों द्वारा हुई है पर इन बलिदानियों के परिजनों को बीजेपी की सरकारों से कोई सुरक्षा या आर्थिक सहायता नहीं मिली।
ये सभी तथ्य और परिस्थितियां यह सब प्रमाणित करती हैं कि बीजेपी मूल के नेता मंदबुद्धि, कमजोर और डरपोक होते हैं, इनसे देश और हिन्दुत्व की सुरक्षा की उम्मीद करना बेईमानी है।
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