--अभिजीत पाण्डेय
पटना - बिहार, इंडिया इनसाइड न्यूज।
आज के बदलते सामाजिक एवं आर्थिक परिवेश में बीमा केवल आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह समाज के कमजोर एवं वंचित वर्गों को वित्तीय सुरक्षा प्रदान कर उन्हें सशक्त बनाने तथा समावेशी विकास की अवधारणा को मजबूत करने का भी एक प्रभावी माध्यम है।
बिहार विधान सभा के अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार आज पटना स्थित होटल मौर्या में आईसीसी बिहार स्टेट काउंसिल द्वारा आयोजित कॉन्क्लेव को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि बीमा क्षेत्र में हो रहे तकनीकी नवाचारों और डिजिटल बदलावों के माध्यम से आमजन तक बीमा सेवाओं की पहुंच को और अधिक सरल एवं व्यापक बनाया जा सकता है। विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों, छोटे व्यवसायियों, किसानों एवं समाज के अंतिम पायदान पर खड़े लोगों तक बीमा सुविधाओं की सहज पहुंच सुनिश्चित करना समय की आवश्यकता है।
डॉ. कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में देश में वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। जन-धन, सामाजिक सुरक्षा एवं विभिन्न बीमा योजनाओं के माध्यम से करोड़ों लोगों को आर्थिक सुरक्षा के दायरे में लाया गया है। अब आवश्यकता है कि तकनीक और नवाचार के माध्यम से इन सेवाओं को और अधिक प्रभावी तथा जनसुलभ बनाया जाए।
उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कॉन्क्लेव उद्योग जगत, बीमा विशेषज्ञों, नीति निर्माताओं एवं विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधियों को एक साझा मंच प्रदान करते हैं, जहां विचारों का आदान-प्रदान कर भविष्य की चुनौतियों और संभावनाओं पर गंभीर विमर्श किया जा सकता है। ऐसे संवाद निश्चित रूप से नई नीतियों, नवाचारों और बेहतर कार्ययोजनाओं का मार्ग प्रशस्त करते हैं।
विधानसभा अध्यक्ष ने आयोजकों को सफल आयोजन के लिए बधाई देते हुए कहा कि समावेशी विकास के लिए बीमा में नवाचार की अवधारणा भारत के विकसित एवं आत्मनिर्भर राष्ट्र बनने के संकल्प को मजबूती प्रदान करेगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि बीमा क्षेत्र में नवाचार और तकनीक के बेहतर उपयोग से समाज के प्रत्येक वर्ग को वित्तीय सुरक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति होगी।
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