--अभिजीत पाण्डेय
पटना - बिहार, इंडिया इनसाइड न्यूज।
राज्य के भविष्य के लिए सर्वेक्षण का कार्य बहुत ही महत्वपूर्ण है। समय पर सर्वेक्षण पूरा होने से जमीन से जुड़ी अनेक समस्याओं के समाधान का रास्ता आसान होगा। इसके लिए सभी अधिकारी स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करें, कार्यों की नियमित निगरानी करें और तय समय-सीमा के भीतर परिणाम सुनिश्चित करें।
राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने मंगलवार को पटना में आयोजित विशेष सर्वेक्षण एवं बंदोबस्त कार्यों की समीक्षा बैठक में ये निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भूमि विवादों के स्थायी समाधान और राजस्व व्यवस्था को अधिक पारदर्शी एवं सुदृढ़ बनाने के लिए विशेष सर्वेक्षण एवं बंदोबस्त कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करना आवश्यक है।
श्री जयसवाल ने सभी बंदोबस्त पदाधिकारियों को लक्ष्य की प्राप्ति के लिए मासिक एवं साप्ताहिक कार्ययोजना तैयार करने और उसके अनुरूप कार्यों का निष्पादन सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने जोर दिया कि निर्धारित लक्ष्य के आधार पर काम करने से प्रगति की नियमित समीक्षा की जा सकेगी और कार्यों को समय पर पूरा करने में मदद मिलेगी। विशेष सर्वेक्षण के अंतर्गत खानापूरी, किस्तवार तथा ग्राम सीमा सत्यापन के कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। मंत्री ने ग्राम सीमा सत्यापन का कार्य हर हाल में पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सर्वेक्षण जैसे महत्वपूर्ण कार्य को निर्धारित समय में पूरा करने के लिए वास्तविक समय के आधार पर कार्यों का प्रबंधन और प्रत्येक मौजे की गहन निगरानी आवश्यक है।
मंत्री ने सभी नोडल अधिकारियों को अपने प्रभार वाले जिलों में दो दिन जाकर सर्वेक्षण कार्यों की समीक्षा करने का निर्देश दिया। साथ ही, जिन जिलों में सर्वेक्षण के कार्य अधिक लंबित हैं, वहां अतिरिक्त नोडल अधिकारियों की तैनाती करने को कहा। इन अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी लंबित कार्यों का निष्पादन सुनिश्चित करना होगा, ताकि निर्धारित लक्ष्यों को समय पर हासिल किया जा सके।
विभाग की सचिव सीमा त्रिपाठी ने अधिकारियों को सर्वेक्षण एवं बंदोबस्त कार्यों को गंभीरता से लेते हुए निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप समयबद्ध तरीके से पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के साथ-साथ पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखने पर विशेष जोर दिया।
सचिव ने सर्वेक्षण से संबंधित अभिलेखों की स्कैनिंग का कार्य प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने का निर्देश दिया, ताकि अभिलेखों का डिजिटलीकरण सुनिश्चित हो सके और भविष्य में उनके उपयोग एवं सत्यापन में सुविधा हो।
भू-अभिलेख एवं परिमाप निदेशालय के निदेशक सुहर्ष भगत ने आंकड़ों के आधार पर सभी जिलों में सर्वेक्षण कार्यों की विस्तृत समीक्षा के दौरान लक्ष्य के अनुरूप प्रगति नहीं करने वाले जमुई, बांका, सुपौल और पश्चिम चम्पारण जिलों को कार्यों में तेजी लाने का निर्देश दिया। बैठक में सर्वेक्षण कार्यों के निष्पादन में आ रही बाधाओं की पहचान कर उन्हें दूर करने तथा लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने पर जोर दिया गया।
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