--राजीव रंजन नाग
नई दिल्ली, इंडिया इनसाइड न्यूज।
'कॉकरोच जनता पार्टी' (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दिपके को शुक्रवार को उनके घर से हिरासत में ले लिया गया। यह घटना दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क में उनके 'लहरा दो तिरंगा' रैली निकालने से कुछ ही मिनट पहले हुई। एक हफ्ते के भीतर दिपके को हिरासत में लिए जाने की यह दूसरी घटना है। इससे पहले, मुम्बई से दिल्ली पहुंचने पर उन्हें हिरासत में लिया गया था। उस समय वे मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने वाले थे, जिन पर मतदाता सूची में हेरफेर (वोटर-लिस्ट मैनिपुलेशन) करने के आरोप लगे थे। यह मामला मतदाता सूची के 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (एसआईआर) के दौरान सामने आया था।
आज की इस मार्च के पीछे एक मुख्य कारण 'कॉकरोच जनता पार्टी' के सदस्यों - सौरव दास और आशुतोष रांका - की गिरफ्तारी भी थी। इन दोनों को 13 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर राष्ट्रीय ध्वज लहराते हुए प्रवेश करने के आरोप में पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था। इस ऐतिहासिक स्थल को विरोध प्रदर्शन की जगह के रूप में अधिसूचित किए जाने के एक दिन बाद ही यह घटना हुई थी। पुलिस के साथ बातचीत के दौरान, दिपके से कहा गया, "आप नई दिल्ली नहीं जा सकते। हम आपको हिरासत में ले रहे हैं।" इस पर उन्होंने जवाब दिया, "अगर मैं नई दिल्ली नहीं जा सकता, तो कहीं और तो जा ही सकता हूँ। मैंने कौन सा कानून तोड़ा है?"
छात्र नेता नेहा बोरा (29) को भी जंतर-मंतर के पास से हिरासत में लिया गया। इस सप्ताहांत 'कॉकरोच यूथ मूवमेंट' के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों की कोशिशों को रोकने के लिए प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की, जिसके तहत कई प्रमुख कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया है।
आज की इस हिरासत से पहले, दिल्ली पुलिस दिपके के घर पहुंची और उन्हें मार्च न निकालने का नोटिस दिया। बीएनएस की धारा 163 के तहत जारी इस नोटिस में कहा गया था कि शहर के मुख्य शॉपिंग हब, कनॉट प्लेस इलाके में निषेधाज्ञा लागू है। इसमें आगे चेतावनी दी गई कि नई दिल्ली नगर परिषद (एनडीएमसी) ने प्रस्तावित तिरंगा यात्रा की अनुमति नहीं दी है, और अगर मार्च निकालने का फैसला करते हैं तो इसे कानून का उल्लंघन माना जाएगा।
गांधी की तस्वीर वाली सफेद टी-शर्ट और जींस पहने दिपके को यह भी बताया गया कि तिरंगा लहराना कानून के खिलाफ नहीं है, लेकिन बिना अनुमति के मार्च निकालना और भीड़ इकट्ठा करना प्रतिबंधों का उल्लंघन होगा और पुलिस कानूनी कार्रवाई करेगी। 31 वर्षीय नेता को ध्वज संहिता के अनुसार राष्ट्रीय ध्वज के साथ उचित सम्मान का व्यवहार करने के प्रतिबंधों के बारे में भी बताया गया।
वीडियो में दिखाया गया है कि अपने लिविंग रूम में हल्के पीले रंग के सोफे पर बैठे और कंधों पर छोटा राष्ट्रीय ध्वज लपेटे दिपके अपने सामने खड़े पुलिसकर्मी से यह सवाल पूछते हुए सुनाई दे रहे हैं: "क्या आरोप लगाया है आपने मेरे ऊपर?" कांच की मेज पर रखे कागजों के गट्ठे को देखा जा सकता है, जिन पर दिपके पुलिसकर्मियों से सवाल करते हुए कुछ अंश पढ़ रहे हैं।
अभिजीत दिपके ने आरोप लगाया है कि पुलिस हर जगह उनका पीछा कर रही है और पुलिस तथा इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) के जासूस लगातार उन पर नज़र रख रहे हैं।
'कॉकरोच जनता पार्टी' ने शुक्रवार शाम 5 बजे कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में तिरंगा फहराने का आह्वान किया था। यह प्रदर्शन सीजेपी नेताओं आशुतोष रंका और सौरव दास की गिरफ्तारी के विरोध में है, जिन्हें जंतर-मंतर पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। इस घटना के मद्देनजर, दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर और कनॉट प्लेस के आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। इस कार्यक्रम के लिए सेंट्रल दिल्ली में लगभग 32,000 सुरक्षाकर्मियों को तैनात किए जाने की खबर है।
अभिजीत दिपके ने आरोप लगाया है कि पुलिस हर जगह उनका पीछा कर रही है और पुलिस तथा इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) के जासूस लगातार उन पर नज़र रख रहे हैं। नई दिल्ली नगर परिषद (एनडीएमसी) ने पहले ही घोषणा कर दी है कि 'प्रशासनिक कारणों' से कनॉट प्लेस का सेंट्रल पार्क शुक्रवार और शनिवार (17 अक्टूबर) को आम जनता के लिए बंद रहेगा। इसके बाद, दिल्ली पुलिस ने भी एक बयान जारी कर प्रदर्शनकारियों से अपील की है कि वे इस तरह के जमावड़े के आह्वान पर ध्यान न दें।
प्रदर्शन की अनुमति न देने से लेकर प्रदर्शन स्थल को रद्द करने, मेट्रो स्टेशनों को बंद करने, युवाओं और छात्र नेताओं को हिरासत में लेने, रेलवे सेवाओं को रोकने और भारी संख्या में सुरक्षा बलों की तैनाती तक - पिछले लगभग एक हफ्ते से दिल्ली पुलिस ने यह सुनिश्चित करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है कि प्रस्तावित प्रदर्शन न हो सकें।
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