
--राजीव रंजन नाग, नई दिल्ली, इंडिया इनसाइड न्यूज।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर हुए विपक्षी गठबंधन के विरोध प्रदर्शन के एक दिन बाद, अमित शाह की मीटिंग में एनसीपी के मर्जर की बात हुई। सूत्रों ने कहा कि अमित शाह और भाजपा नेताओं ने एनसीपी से अंदरूनी मतभेदों को सुलझाने की अपील की।
शीर्ष सूत्रों ने कहा कि नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के दोनों ग्रुप को एनडीए के तहत लाने की कोशिशें चल रही हैं, एक दिन पहले शरद पवार चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार और उनके वोटर रिवीजन प्रोसेस पर विपक्ष के विरोध में शामिल हुए थे। सोर्स ने कहा कि इस मामले पर तब चर्चा हुई जब अजित पवार ग्रुप के नेताओं के एक ग्रुप ने आज दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की।
मिली जानकारी के अनुसार केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा नेतृत्व से अंदरूनी मतभेदों को सुलझाने और एनडीए को मज़बूत करने के लिए अपने घर को ठीक करने की अपील की। बातचीत मुख्य रूप से अजित पवार के बिना एनसीपी के भविष्य पर फोकस थी, जबकि बीजेपी ने इस बात पर चिंता जताई कि पार्टी अभी कैसे चल रही है।
हालांकि इस हाई-लेवल मीटिंग से एनसीपी के दो गुटों के एनडीए को मजबूत करने के लिए मर्ज होने की अफवाहें उड़ीं, लेकिन सूत्रों ने फिर से एक होने की किसी भी अटकल को साफ तौर पर खारिज कर दिया। सूत्रों ने कहा कि एनसीपी में कुछ ही लोग इस आइडिया से सहमत हैं, और गुट के दो खास नेता सुनेत्रा और पार्थ पवार डेलीगेशन का हिस्सा नहीं थे। मीटिंग में शामिल होने वालों में प्रफुल्ल पटेल, सुनील तटकरे, धनंजय मुंडे और छगन भुजबल शामिल थे।
सोमवार शाम सुनेत्रा पवार के घर पर हुई कोर कमेटी की मीटिंग का एजेंडा एनसीपी गुटों के फिर से एक होने का कड़ा विरोध करना था। खबरों में कहा गया है कि शरद पवार गुट के नेताओं ने भी इस संभावना को खारिज कर दिया है। एनसीपी का कोई भी गुट फिर से एक होने के प्लान के साथ नहीं दिख रहा है। एनसीपी के प्रवक्ता उमेश पाटिल ने कहा कि मीटिंग को "बेवजह पॉलिटिकल ट्विस्ट" देने और "पार्टी के अंदर मतभेद और कोऑर्डिनेशन की कमी का नैरेटिव बनाने" की कोशिश की जा रही है।
उन्होंने कहा, "अलायंस पार्टनर्स के नेताओं के बीच औपचारिक बैठक को पॉलिटिकल न बनाएं। अंदाज़ों को सच नहीं दिखाना चाहिए।" उन्होंने आगे कहा, "एनसीपी महायुति अलायंस का एक ज़रूरी हिस्सा है और सुनेत्रा पवार की लीडरशिप में एकजुट है।" जनवरी में अजित पवार की मौत से पहले दोनों ग्रुप्स के मर्ज होने की उम्मीद थी। शरद पवार समेत कई एनसीपी लीडर्स ने कहा था कि अजित पवार 12 फरवरी को मर्जर का अनाउंसमेंट कर सकते हैं।
बाद में, उनकी चचेरी बहन और शरद पवार ग्रुप की लीडर सुप्रिया सुले ने इशारा किया कि अजित पवार की मौत के साथ ही वह दरवाज़ा बंद हो गया है। उन्होंने कहा था, "अब दादा (अजीत पवार) नहीं रहे तो बात करने के लिए क्या है?" पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार के उनकी जगह लेने और महाराष्ट्र सरकार में डिप्टी चीफ मिनिस्टर के तौर पर शपथ लेने के कुछ दिनों बाद उन्होंने कहा था। मर्जर की बात फिर से शुरू हो गई है।
ज्ञानेश कुमार के मुद्दे पर विपक्ष का दबाव बढ़ने के साथ ही विलय की चर्चा फिर से शुरू हो गई है। रविवार को विपक्ष ने दिल्ली के मशहूर रामलीला मैदान में एक रैली आयोजित की, जिसमें 'इंडिया' गठबंधन के प्रमुख नेता शामिल हुए।
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