शशि कपूर की अंतिम यात्रा में, शामिल न हो पाने का रह गया मलाल



--संतोष यादव,सुल्तानपुर।
फिल्मी जगत की बड़ी शख्सियतों में शुमार पदमभूषण शशि कपूर का का कोई शानी नही था।79 वर्ष के शशि कपूर ने अपने इस आठ दशक की पारी में सिनेमा जगत में अमिट छाप छोड़ी।लम्बे समय से बीमार चल रहे शशि कपूर दुनिया को अलबिदा कह गए। इसी माह की चार तारीख को जब उनके निधन की खबर आई तो उनके प्रशंसकों को बड़ा झटका लगा। मुंबई के कोकिलाबेन हॉस्पिटल में जब उन्होंने अपने जीवन की आखि‍री सांस ली और जैसे ही ये खबर बाहर आई तो लगभग तीन दशक तक उनके निजी गार्ड-ड्राइवर रहे राम तीरथ मिश्रा भी अपने आँसू नही रोक पाये।
उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले के मिश्राने गांव निवासी राम तीरथ मिश्र के पिता राम अजोर मिश्र कोलकाता में ड्राइवर की नौकरी करते थे,इसलिए बचपन इनका कोलकाता में ही बीता हाईस्कूल तक की शिक्षा पूरी होते-होते यूपी में ही इन्हे गार्ड की नौकरी मिल गई।लखनऊ में पोस्टिंग दौरान ही लखनऊ में शूट हो रही जुनून फिल्म में अभिनय करने आए यूनिट के कलाकारों की सुरक्षा में राम तीरथ मिश्र की ड्यूटी लग गई।इस फिल्म की शूटिंग में अभिनय करने अभिनेता शशि कपूर,एवं नसरुद्दीन शाह, अभिनेत्री शबाना सहित नामी कलाकार भी आए थे।
शूटिंग दौरान सुरक्षा ड्यूटी में लगे राम तीरथ शशि कपूर के नजदीक आये और उनकी एक्टिंग के फैन हो गए। फिल्म जुनून का ऐसा जुनून राम तीरथ पर भी चढ़ा कि उन्होंने अपनी नौकरी छोड़कर शशी कपूर के साथ फिल्मी दुनिया में अपनी किस्मत आजमाने माया नगरी पहुँच गए। शशि कपूर की अदाओं पर फिदा रामतीरथ फिल्मी दुनिया में कोई मुकाम तो नही हासिल कर पाये, लेकिन अपनी वफादारी के चलते अपने फेवरेट हीरो शाशि कपूर का भरोसा जीतने,व उनके दिलों में जगह बनाने में वे कामयाब रहे।और लगभग तीस साल तक बॉडीगार्ड और ड्राइवर के तौर पर रामतीरथ ने शशि कपूर के साथ गुजारे। वर्ष 2010 में रामतीरथ अपने गृह जिले लौट आये और अपनी गृहस्ती सभालने में जुटे है।
अभिनेता शशि कपूर को बीमारी हालात में देखने रामतीरथ मुम्बई आते- जाते रहे।इधर बीच जब अपनी अस्वास्थ्ता के चलते वे मुम्बई नही जा सके तो अभी हाल ही में अपने बेटे संतोष मिश्र को उनकी हाल-चाल लेने मुम्बई भेजा था। बकौल संतोष जब मैं मुम्बई पहुँचा तो साहब मुझे देखकर रोने लगे वे कुछ बात करना चाह रहे थे लेकिन बीमारी के चलते कुछ कह नही पाये।
उनकी अंतिम यात्रा में खुद न पहुँच पाने का उन्हें मलाल है।रामतीरथ की नजरों में शशि कपूर किसी भगवान से कम नही थे।घर के पास बने मंदिर में भगवान के साथ शशि कपूर की भी मूर्ति रखी है जहाँ प्रतिदिन मत्था टेकना नही भूलते।

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