--- हरेन्द्र शुक्ला, वाराणसी।
● एयरपोर्ट पर तैनात चिकित्सक दलाली में रहता है मशगुल - शमीम मिल्की
वाराणसी, 15 दिसंबर। काशी हिंदू विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति एवं ख्यातिलब्ध डीएनए वैज्ञानिक डा• लालजी सिंह को वाराणसी के अन्तर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट बाबतपुर पर चिकित्सकीय उपचार एवं एंबुलेंस समय पर नहीं मिलने का मामला प्रकाश में आया है। गत 10 दिसंबर को हैदराबाद के लिए फ्लाइट पकड़ने आये डा• लालजी सिंह को दिल का दौरा पड़ा और अन्तर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट पर उन्हें चिकित्सकीय सुबिधा के साथ ही एंबुलेंस भी उपलब्ध नहीं होना सवालियां निशान लगाता है। अंतत: साथ आये परिजनों ने किसी तरह प्राइवेट वाहन से डा• लालजी सिंह को बीएचयू सर सुन्दरलाल अस्पताल में भर्ती कराया जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गयी।
स्व• डा• लालजी सिंह के पुत्र अभिषेक सिंह ने अन्तर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट बाबतपुर की अव्यवस्था की शिकायत प्रधानमंत्री एवं सूबे के मुख्यमंत्री से की है। अपने शिकायत में डीएनए वैज्ञानिक के पुत्र ने यह आरोप लगाया है कि यदि समय पर मेरे पिता को एयरपोर्ट पर फस्टऐड एवं एंबुलेंस मिल गई होती तो उनकी जान बच सकती थी। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया है कि जब उनकी तबीयत बिगड़ी उसके बाद एयरपोर्ट के अधिकारियों से एंबुलेंस की मांग की गई ताकि उन्हें शहर के किसी अस्पताल में इलाज के लिए ले जाया जा सके लेकिन हम लोगों की बातो को गंभीरता से न लेकर बाबतपुर एयरपोर्ट के अधिकारियों ने लापरवाही बरतते हुये एंबुलेंस और प्राथमिक चिकित्सा उपलब्ध नहीं करायी जिसके कारण पद्मश्री डा• लालजी सिंह की मौत हो गयी।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बाबतपुर एयरपोर्ट पर वीवीआईपी का आना जाना लगा रहता है। किसी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए वहां एयरपोर्ट अथॉरिटी की ओर से यात्रियों की आपातकालीन के लिए एक चिकित्सक डा• आशुतोष की भी नियुक्ति की गई है ताकि यात्रियों की अचानक तबियत खराब हो तो उनको प्राथमिक उपचार मिल सके लेकिन डा• लालजी सिंह को इसका लाभ नहीं मिल सका।
इस बाबत लोकमंच के संयोजक शमीम मिल्की ने यह आरोप लगाया है कि एयरपोर्ट पर तैनात चिकित्सक एयरपोर्ट पर दलाली के काम में लिप्त रहता है। उसने अपने मूल पेशे की जगह ट्रेवल्स, कैंटीन, होटलों की दलाली में मशगूल रहता है। श्री मिल्की ने प्रधानमंत्री से यह मांग की है कि बाबतपुर एयरपोर्ट प्रबंधन के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करें ताकि कोई और लालजी सिंह जैसा यात्री प्राथमिक चिकित्सा के आभाव में दम न तोड़े। उन्होंने कहा कि इस घटना के पहले भी आधा दर्जन से ज्यादा यात्रियों की एयरपोर्ट पर चिकित्सकीय सुविधाओं के आभाव में मौत हो चुकी है जो पीएम के संसदीय क्षेत्र में गंभीर सवाल खड़ा करता है।
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