--- हरेन्द्र शुक्ला, वाराणसी।
(●) छात्रनेता की गिरफ्तारी से भड़के छात्रों ने सिंहद्वार बंद कर किया प्रदर्शन
(●) मामले की होगी जांच दोषियों पर होगी कड़ी कार्रवाई - चीफ प्राक्टर
(●) सर सुन्दरलाल अस्पताल में मरीजों को दिखाने आये परिजनों में दहशत
वाराणसी, 20 दिसंबर। बीएचयू और जिला पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में महामना की बगियां एकबार फिर अराजकता की लिबास में लिपटी नजर आयी। परिसर की सुरक्षा की दावा करने वाली प्राक्टोरियल बोर्ड के जाबांज सुरक्षाकर्मी इधर उधर अपनी पहचान छुपाकर दुबके रहे और बेखौफ उपद्रवियों ने देखते ही देखते परिसर में आशांति की आग लगा दी।
काशी हिंदू विश्वविद्यालय के छात्रनेता आशुतोष सिंह ईशु के गिरफ्तारी से आक्रोशित छात्रों ने बुधवार को बीएचयू सिंहद्वार से लेकर पूरे परिसर में खड़ी सैकड़ों मरीजों के वाहनों में तोड़फोड़ की वहीं सिंहद्वार पर लगे हाई रिजोल्यूशन के सीसीटीवी कैमरे को भी क्षतिग्रस्त कर दिया।
मंदिर परिसर में तैनात सुरक्षाकर्मियों की बेरहमी से पिटाई के बाद वहां दुकानों में तोड़फोड़ की। मंदिर परिसर की दुकाने धड़ाधड़ बंद हो गयी। इसके अलावा बीएचयू के सुरक्षाकर्मियों के दो वाहनों में तोड़फोड़ के बाद नरिया गेट के पास दिल्ली पब्लिक स्कूल के बच्चों से भरी बस में तोड़फोड़ करने के बाद उसमें आग लगा दी। बस में तोड़फोड़ और आगजनी से उसमें सवार बच्चे भयाक्रांत होकर रोने चिल्लाने लगे यह संयोग था कि कोई आनहोनी घटना नहीं हुई।
पूरे परिसर में फैली हिंसा के कारण लोगों में दहशत और भय व्याप्त हो गया। गौर करने वाली बात यह है कि अचानक फैली हिंसा पर काबू करने के बजाय बीएचयू प्राक्टोरियल बोर्ड के सुरक्षाकर्मी जहां हिंसा, तोड़फोड़ और आगजनी होने तक दुबके रहे वहीं जिला पुलिस प्रशासन सिंहद्वार पर उपद्रवियों को नियंत्रित करने के बजाय चुपचाप मूकदर्शक बना रहा। पता चला कि बीएचयू प्रशासन जिला पुलिस प्रशासन से हिंसा पर नियंत्रण के लिए कोई सहयोग नहीं मांगा था।
घटना की सूचना पाकर मौके पर पहुंची बीएचयू की चीफ प्राक्टर प्रो• रोयना सिंह ने यह स्वीकार किया कि अराजक तत्वों ने गुरिल्ला युद्ध की स्थिति अचानक पैदा कर दी। चीफ प्राक्टर ने कहा कि इस हिंसा की जांच कराकर दोषी लोगों के विरुद्ध सख्त कारवाई की जायेगी। उन्होंने बताया कि सुरक्षाकर्मी परीक्षा ड्यूटी में व्यस्त थे इसी बीच मौके का फायदा उठाते हुये अराजक तत्वों ने परिसर में अराजकता का माहौल फैला दिया।
बताते चले कि गत दिनों आईआईटी बीएचयू में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में अश्लीलता का आरोप लगाते हुये बीएचयू के छात्रों ने समाजवादी छात्र सभा बीएचयू ईकाई के अध्यक्ष आशुतोष सिंह ईशु के नेतृत्व में आन्दोलन किया था जिसमें आईआईटी प्रशासन की ओर से आन्दोलनकारी छात्रों के विरुद्ध लंका थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया था। उसी मामले में लंका पुलिस बुधवार की दोपहर में बीएचयू के बिरला छात्रावास में रहने वाले मुकदमे में वांछित छात्रनेता आशुतोष सिंह को गिरफ्तार कर साथ लेती गई। गिरफ्तारी से आक्रोशित छात्रों ने पहले सिंहद्वार बंद कर धरना प्रदर्शन शुरु कर दिया। प्रदर्शन अभी चल ही रहा था कि इसी बीच अचानक पथराव कर आन्दोलनकारियों ने सिंहद्वार और सुरक्षा पोस्ट पर लगे हाई रिज्यूलेशन के सीसीटीवी कैमरे को तोड़ दिया। सिंहद्वार पर पथराव के चलते भगदड़ मच गयी व लोगों ने इधर उधर भागकर किसी तरह अपनी जान बचाई।
इसके बाद आनदोलकारियों ने चिकित्सा विज्ञान संस्थान मार्ग, स्पेशल वार्ड परिसर, महिला महाविद्यालय चौराहा पर खड़ी मरीजों के सैकड़ों चारपहिया वाहनों पर राड से हमलाकर क्षतिग्रस्त कर दिया। इसके बाद विश्वनाथ मंदिर परिसर की दुकानों वाहनों में तोड़फोड़ कर वहां की दूकाने बंद करा दी। मंदिर परिसर में उपद्रवियों ने एक सुरक्षाकर्मी की भी पिटाई कर दी। इसके अलावा कला संकाय के पास आर्य महिला पीजी कालेज समीप खड़ी स्कूल बस में तोडफ़ोड़ किया। एहतियात के तौर पर कई थानों की फोर्स, पुलिस अधिकारियों के नेतृत्व में बीएचयू सिंहद्वार पर तैनात कर दी गई है।
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