---हरेन्द्र शुक्ला, वाराणसी।
(●) पुलिस आरोपियों की तलाश में, एक छात्र के घर नोटिस चस्पा
काशी, 28 दिसंबर। काशी हिंदू विश्वविद्यालय में गत दिनों विभिन्न मामलों में वांछित समाजवादी छात्र सभा छात्र नेता आशुतोष सिंह की गिरफ्तारी के विरोध में गत 20 दिसंबर को परिसर में आन्दोलन की आड़ में हिंसा फैलाने वाले आरोपियों पर प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने कड़ा रुख अख्तियार करते हुये 13 छात्रों को निलंबित कर दिया है। छात्रावास की सुविधाओं से भी वंचित कर दिया गया है। निलंबित छात्रों पर सर सुन्दरलाल अस्पताल में इलाज कराने के लिए दूर दराज से आये मरीजों उनके तीमारदारों एवं आम लोगों के सैकड़ों वाहन तोड़ने, स्कूली बस फूंकने, महिलाओं-पुरुषों से भी मारपीट का आरोप था।
हिंसा के मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से लंका थाने में गौरव सिंह, शुभम तेवतिया, आशुतोष त्रिपाठी, बिट्टू सिंह, शिवम द्विवेदी, प्रवीण राय, अभिजीत, रुदप्रताप सिंह, सौरभ राय, प्रतीक तिवारी, एलएन शर्मा, सत्यम राय, धीरज सिंह, हिमांशु प्रभाकर सहित 15 छात्रों के खिलाफ नामजद तहरीर दी गई थी। हालांकि सीसीटीवी फुटेज व अन्य जांच में पता चला कि इसमें से दो छात्र घटना के दौरान मौजूद नहीं थे जिनके विरुद्घ कार्रवाई रोक दी गई।
बीएचयू हिंसा में एक और छात्र गुलाम सरवार का नाम सामने आया। इस आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सभी छात्रों के मूल निवास पर भी छापेमारी की और लंका थानाध्यक्ष ने विश्वविद्यालय प्रशासन को पत्र लिखा। इसी आधार पर बीएचयू प्रशासन ने पिछले दिनों 13 छात्रों को हास्टल व अन्य शैक्षणिक सुविधाओं से निलंबित कर दिया है।
घटना के आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस वाराणसी, चंदौली, सोनभद्र, बिहार और राजस्थान में लगातार छापेमारी की लेकिन आरोपी पकड़ से अभी भी दूर हैं। पुलिस ने राजस्थान पुलिस के साथ आरोपी एनएल शर्मा के घर भरतपुर में नोटिस चस्पा कर दी है । इसी दौरान पुलिस ने गत दिनों एक आरोपी छात्र गुलाम सरवर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। शेष आरोपीयों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।
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