कोलकाता। 08 जनवरी 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।
--- रंजीत लुधियानवी। रेल अवरोध और कोहरे के कारण सोमवार 08 जनवरी को ट्रेन यातायात बुरी तरह से प्रभावित हुई। दो आदिवासी दलों की ओर से 12 घंटे के रेल रोको कार्यक्रम के कारण कम से कम पांच जिलों में बंगाल में ट्रेन सेवा बाधित हुई। झारखंड देशम पार्टी और आदिवासी सेंगल अभियान की ओर से रेल गाड़ियां रोकी गई। नाराज लोग केंद्र सरकार और झारखंड सरकार की ओर से जमीन अधिग्रहण, पुनवार्स और रिसेटमेंट (झारखंड अमेंडमेंट बिल) 2017 और झारखंड फ्रीडम आफ रिलिजन एक्ट 2017 को लागू करने के फैसले का विरोध कर रहे थे।
सुबह छह बजे से पुरूलिया जिले में आद्रा डिविजन के तहत कांटादिह, मधुकुंडा और इंद्राबिल स्टेशनों पर रेलगाड़ियां रोकी गई जिससे ट्रेनों के आने-जाने में देरी हुई। आद्रा डिविजन के पुरूलिया और बांकुड़ा जिले में रेल सेवाओं पर असर पड़ा। जबकि झारखंड के टाटानगर रेलवे स्टेशन पर अवरोध से झारखंड और पुरुलिया में रेल सेवा प्रभावित हुई। इसके साथ ही मालदा, उत्तर दिनाजपुर और पूर्व बर्दवान जिले में भी रेल सेवाएं प्रभावित हुई।
सूत्रों ने बताया कि राजधानी एक्सप्रेस समेत कई ट्रेनों को सुबह 6.20 बजे बांकुड़ा जिले के झाटीफाड़ी रेलवे स्टेशन पर रोक दिया गया। अवरोध के कारण कई ट्रेनें रद्द की गई। लंबी दूरी के यात्रियों को रेल अवरोध के कारण परेशानी का सामना करना पड़ा।
नाराज लोगों की ओर से भूमि अधिग्रहण विधेयक का विरोध किया जा रहा है। उनका कहना है कि इस विधेयक के बाद झारखंड सरकार आदिवासी लोगों की जमीन बगैर किसी सहमति और उसके सामाजिक महत्व के स्कूल, कालेज या अस्पताल बनाने के लिए अधिग्रहित कर सकती है। इसके साथ ही दूसरे विधेयक का विरोध धर्म को चुनने की आजादी पर रोक लगाए जाने के विरोध में किया जा रहा है। इस विधेयक के कारण लोग अपना धर्म परिवर्तित नहीं कर सकेंगे। ऐसा करने वालों को सजा के तौर पर चार साल की जेल होगी।
पूर्व रेलवे सूत्रों की ओर से बताया गया कि हावड़ा डिवीजन में गुड़प और जौ ग्राम के बीच झापांडांगा में रेल गाड़ियां रोकी गई। हावड़ा-बर्दवान कार्ड लाइन में सुबह साढ़े छह बजे से 7.17 तक अवरोध हुआ। जबकि सियालदह डिवीजन में बारासात-बनगांव सेक्शन में दत्तपुकुर स्टेशन पर अवरोध किया गया। यहां सुबह 9.43 से 11.48 और बाद में गुमा स्टेशन पर दोपहर 12 बजे से 12.15 बजे तक अवरोध किया गया।
दूसरी ओर, घने कोहरे के कारण करीब एक दर्जन ट्रेनें देरी से चल रही थी। इसमें कोलकाता राजधानी एक्सप्रेस (वाया गया) नौ घंटे, पूर्वा एक्सप्रेस (वाया पटना) सात घंटे, कालका मेल 10 घंटे, नई दिल्ली-सियालदह एक्सप्रेस 10 घंटे, अमृतसर मेल 15 घंटे, दूर एक्सप्रेस 10 घंटे, अमृतसर एक्सप्रेस 12 घंटे देरी से चल रही थी।
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