ठुमरी, बरवा और भैरवी पर खूब छिड़ी तान....



वाराणसी, 08 जनवरी 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।

★ बीएचयू संगीत एवं मंच कला संकाय में प्रो• प्रदीप दीक्षित की स्मृति में संगीत सभा

--- हरेन्द्र शुक्ला। काशी हिन्दू विश्व विद्यालय संगीत एवं मंच कला संकाय के पं• ओंकारनाथ प्रेक्षागृह में सोमवार को प्रो• प्रदीप कुमार दीक्षित स्मृति संगीत सभा का आयोजन किया गया। इस अवसर दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रो• ओजेश प्रताप सिंह का गायन हुआ। उन्होंने राग मुल्तानी में विलंबित एक ताल में पारंपरिक रचना - लाडी थारी बात न वे, द्रुत तीन ताल में आगरा घराने की बंदिश के बोल हो मोरे मंदिरवा में... के बाद राग बरवा में बाजे मोरी पायलिया... और अंत में राग भैरवी में बंदिश की ठुमरी - कर न मोरी लागी रे सुनाकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। अंत में मीरा बाई के भजन - नहीं ऐसो जन्म बार बार से समापन किया।

इनके साथ तबले पर पं• कुबेरनाथ मिश्र एवं हारमोनियम पर डॉ• इंद्रदेव चौधरी ने जोरदार संगत की। इसके पूर्व समारोह में डा• ज्ञानेश चंद्र पांडेय ने प्रार्थना - शिवकांत शम्भो शशांकार्द्ध मौली की प्रस्तुति कर संगीत सभा की शुरुवात की।

अतिथियों का स्वागत एवं सम्मान - संकाय प्रमुख प्रो• वीरेंद्रनाथ मिश्र एवं गायन विभाग के प्रमुख प्रो• के शशिकुमार ने किया। वहीं दूसरी तरफ प्रो• प्रदीप कुमार दीक्षित के ऊपर एक वृत्त चित्र का प्रदर्शन सुश्री शिवानी सोनकर ने किया।

इस अवसर पर प्रो• वनमाला पर्वतकर, प्रो• ऋत्विक सान्याल, प्रो• शरदा वेलंकर, प्रो• राजेश शाह, डॉ• के• चंचल, डॉ• रामशंकर सहित वाद्य विभाग और नृत्य विभाग के समस्त शिक्षक व विद्यार्थी मौजूद रहे। संचालन प्रो• संगीता पंडित एवं
धन्यवाद ज्ञापन प्रो• रेवती साकलकर ने दिया।

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