वाराणसी, 11 जनवरी 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।
--- हरेन्द्र शुक्ला। काशी के घाट जहां आस्था और शांति का ठौर माना जाता है अब वह धीरे धीरे नशेड़ियों के कब्जे में आ गया है। शाम ढलते ही घाटों पर युवक युवतियों की टोली घाट की सिढीयों पर बैठकर गांजा, चरस का कश और बियर शराब की मस्ती में डूब जा रहे है। हद तो तब हो गई जब घाटों पर चलता-फिरता "हुक्का बार" देखने को मिला।
ऐसी अराजकता भरे माहौल में निश्चित रुप से देश विदेश से आने वाले सैलानियों की नजर में काशी की क्या छवि बनती होगी यह चिंतनीय है। क्षेत्रीय नागरिकों ने वाराणसी जिला प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराते हुये इस अनैतिक कार्यो पर प्रतिबंध लगाने की गुजारिश की है ताकि काशी की छवि बरकरार रहे।
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