मोटरसाइकिल रैली : भाजपा व तृणमूल समर्थकों में झड़प



कोलकाता, 12 जनवरी 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।

---रंजीत लुधियानवी। भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) की ओर से निकाली जा रही मोटरसाइकिल रैली को लेकर शुक्रवार को तृणमूल कांग्रेस व भाजपा समर्थकों के बीच जमकर झड़प हुई। दोनों ही दलों की तरफ से पत्थरबाजी की गई और कई गाड़ियों को नुकसान पहुंचाया गया। सूत्रों के मुताबिक पूर्व मेदिनीपुर जिले के कांथी से वृहस्पतिवार को शुरू हुई मोटरसाइकिल रैली वृहस्पतिवार की रात महानगर पहुंची थी। रैली में शामिल लोगों के लिए जोड़ाबागान थाना इलाके के पाथुरियाघाट स्ट्रीट स्थित बिन्नानी भवन में ठहरने की व्यवस्था की गई थी और शुक्रवार सुबह रैली को आगे निकलना था, लेकिन तृणमूल समर्थकों ने इसका विरोध किया और बिन्नानी भवन के मुख्यद्वार पर बैठ गए। यह खबर जब भाजपा के स्थानीय नेताओं को लगी तो वे दलबल के साथ बिन्नानी भवन पहुंचे व पत्थरबाजी हुई जिसपर वहां बैठे तृणमूल समर्थकों को अपने बचाव में हटना पड़ा और बिन्नानी भवन से भाजयुमो के सभी समर्थक निकाल बाहर हुए। इस दौरान भाजपा समर्थकों ने पाथुरियाघाट स्ट्रीट में खड़ी कई गाड़ियों को नुकसान भी पहुंचाया।

भाजपा कार्यकर्ताओं का कहना है कि तृणमूल कार्यकर्ताओं ने पहले उन पर हमला किया, जबकि राज्य की सत्ताधारी पार्टी का कहना है कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने तृणमूल कार्यकर्ताओं की पिटाई की।


(■) तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ताओं के कथित हमलों के बाद भाजपा ने रद्द की अपनी मोटरसाइकिल रैली

महानगर के विभिन्न इलाकों में तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ताओं के कथित हमलों के बाद भाजपा ने शुक्रवार को अपनी मोटरसाइकिल रैली रद्द कर दी। पार्टी ने इन हमलों में अपने कई कार्यकर्ताओं के घायल होने का दावा किया है। पूर्व मेदिनीपुर जिला मुख्यालय से बृहस्पतिवार को शुरू हुई उक्त सप्ताहव्यापी रैली को कूचबिहार तक जाना था। पार्टी ने इसे प्रतिरोध संकल्प यात्रा का नाम दिया था। पहले पुलिस ने इसकी अनुमति देने से मना कर दिया था। लेकिन बाद कलकत्ता हाईकोर्ट ने इसकी सशर्त अनुमति दी थी।

भाजपा का आरोप है कि रैली शुरू होने से पहले तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बिना किसी उकसावे के पार्टी के कार्यकर्ताओं और रैली में शामिल लोगों पर हमला कर दिया। दूसरी ओर, तृणमूल कांग्रेस ने कहा है कि भाजपाइयों ने महिलाओं पर अश्लील टिप्पणी की थी और तोड़-फोड़ मचाई थी।

कलकत्ता हाईकोर्ट ने इस रैली को हरी झंडी दिखाते हुए रैली के दौरान कानून व व्यवस्था बनाए रखने के लिए दो विशेष अधिकारियों की नियुक्ति की थी। इन दोनों को रैली के साथ जाना था और रैली के आयोजक भाजपा युवा मोर्चा की ओर से उनको इसके लिए रोजाना 30 हजार रुपये का भुगतान किया जाना था। इससे पहले पुलिस ने गंगासागर मेले में जुटने वाली भीड़ की दलील देते हुए इसकी अनुमति देने से मना कर दिया था। अदालत की हरी झंडी मिलने के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चेताया था कि अगर गंगासागर मेले के दौरान कोई अप्रिय घटना होता है उसकी जिम्मेदारी भाजपा पर होगी। उन्होंने भाजपा पर मेले के दौरान गड़बड़ी फैलाने की साजिश रचने का भी आरोप लगाया था।

भाजपा ने तृणमूल कांग्रेस के कथित हमलों के खिलाफ यहां गांधी प्रतिमा के समक्ष धरना दिया। प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष ने पत्रकारों को बताया कि पार्टी के कार्यकर्ता कल राज्य के तमाम थानों के समक्ष प्रदर्शन करेंगे।

https://www.indiainside.org/post.php?id=1466