16 जनवरी 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।
(●) रेल मंत्रालय महत्वाकांक्षी ‘रेल अवसंरचना विकास परियोजनाओं’ का त्वरित कार्यान्वयन सुनिश्चित करने के लिए निर्माण उद्योग की अग्रणी कंपनियों के साथ ‘मेगा कॉनक्लेव’ का आयोजन करेगा
(●) कॉनक्लेव के दौरान रेल मंत्री पीयूष गोयल व्यक्तिगत रूप से प्रतिभागियों के साथ बातचीत करेंगे
(●) इस कॉनक्लेव का नाम ‘निर्माण-संवाद’ रखा गया है
(●) इस कॉनक्लेव का आयोजन रेलवे पीएसयू रेल विकास निगम लिमिटेड (आरवीएनएल) द्वारा किया जा रहा है
(●) यह कॉनक्लेव परियोजनाओं के क्रियान्वयन के मार्ग में आने वाली बाधाओं/अवरोधों पर चर्चा करने एवं बाधाओं को दूर करने के लिए सुझाव आमंत्रित करने का एक अवसर प्रदान करेगा
महत्वाकांक्षी ‘रेल अवसंरचना विकास परियोजनाओं’ का त्वरित कार्यान्वयन सुनिश्चित करने की एक बड़ी पहल के रूप में रेल मंत्रालय 17 जनवरी, 2018 को निर्माण उद्योग की अग्रणी कंपनियों सहित सभी हितधारकों के साथ एक ‘मेगा कॉनक्लेव’ का आयोजन कर रहा है। इस कॉनक्लेव के दौरान न केवल रेलवे बोर्ड के सदस्य और वरिष्ठ जोनल रेलवे अधिकारी निर्माण क्षेत्र की अग्रणी कंपनियों के साथ परस्पर संवाद करेंगे, बल्कि रेल और कोयला मंत्री पीयूष गोयल भी प्रतिभागियों के साथ परस्पर संवाद एवं व्यक्तिगत रूप से बातचीत करेंगे।
इस कॉनक्लेव का नाम ‘निर्माण-संवाद’ रखा गया है जिसका आयोजन रेलवे पीएसयू रेल विकास निगम लिमिटेड (आरवीएनएल) द्वारा किया जा रहा है, जो रेल परियोजनाओं के त्वरित कार्यान्वयन के लिए रेल मंत्रालय की एक समर्पित सहायक कंपनी है। यह कॉनक्लेव परियोजनाओं के क्रियान्वयन के मार्ग में आने वाली बाधाओं/अवरोधों पर चर्चा करने एवं बाधाओं को दूर करने के लिए सुझाव आमंत्रित करने तथा रेल की परियोजनाओं के निष्पादन में दक्षता लाने का एक अवसर प्रदान करेगा।
रेल बोर्ड, जोनल रेल, सीपीएससी के वरिष्ठ अधिकारी एवं लगभग चार सौ निर्माण एवं परामर्श कंपनियों के शीर्ष कार्यकारी अधिकारी उद्योग के सामने आने वाली बाधाओं एवं मुद्दों पर विचार करने तथा उनके संभावित समाधान पर विचार-विमर्श करने के लिए इस कॉनक्लेव में भाग लेंगे। भारतीय रेल की महत्वाकांक्षी अवसंरचना परियोजनाओं में दोहरीकरण परियोजनाएं, विद्युतिकरण परियोजनाएं, पहाड़ी रेल परियोजनाएं, समर्पित माल ढुलाई गलियारा (डीएफसी) एवं हीरक चतुर्भुज पर उच्च गति परियोजनाएं शामिल हैं।
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