खिचड़ी भोज में उजागर हुआ, पूर्व विधायक अरुण वर्मा का झूठ



सुलतानपुर, 31 जनवरी 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।

---संतोष यादव। प्रमुख के आये अविस्वास प्रस्ताव पर समाजवादी पार्टी को धोखा देने वाले चेहरे आज सपा के पूर्व विधायक अरुण वर्मा के साथ गलबहियां करते नजर आये तो सपाई बिदक गए। अब सपाई ही सवाल उठा रहे कि सपा के खिलाफ भाजपा के साथ रहे पार्टी को धोखा देने वालें चेहरों से ठीक सम्बन्ध न होने की कल तक दुहाई देकर पल्ला झाड़ने वाले पूर्व विधायक अरुण वर्मा आज उन्हें अपनी बगल मंच पर बिठा रहे।

ज्ञातब्य है कि सदर विधानसभा क्षेत्र अन्तर्गत बगियाँ गांव स्थिति कार्यालय पर पूर्व क्षेत्रीय विधायक अरुण वर्मा द्वारा खिचड़ी भोज का आयोजन किया गया था।यह कार्यक्रम पूर्व विधायक अरुण वर्मा के निजी कार्यालय पर था।और इस कार्यक्रम के आयोजक भी अरुण वर्मा ही थे। कार्यक्रम में मंच पर पहली पंक्ति में बैठे समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ अभी कुछ दिन पहले ही सपा के खिलाफ खुलकर बगावत करने वाले राम मूर्ति भी बैठे नजर आये तो सपाई भौचक रह गए।कुछ तो कार्यक्रम बीच में ही छोड़कर खिसक लिए तो कुछ लोगो ने जाने से ही परहेज रखा।

गौरतलब है कि अभी हाल ही में सदर विधानसभा अन्तर्गत मोतिगरपुर ब्लाक के प्रमुख व तत्कालीन सपा जिलाध्यक्ष प्रोफेसर राम सहाय यादव के बेटे डॉ0 श्रवण यादव के खिलाफ जब भाजपा के लोगो ने अविस्वास प्रस्ताव लाया तो सपा के ही कई चेहरे भाजपा की गोद में जा बैठे।उन्ही चेहरों में एक नाम पूर्व प्रमुख राम मूर्ति का भी आया था।राममूर्ति की पत्नी मोतिगरपुर की मौजूदा बीडीसी है। उन पर आरोप था कि वे भाजपा की खुलकर मदद कर रहे है।राममूर्ति पूर्व विधायक अरुण वर्मा के खासम खास माने जाते है।अरुण वर्मा के चुनाव दौरान ही राममूर्ति बसपा छोड़कर सपा में आये थे।जब पार्टी के वरिष्ठ लोगो ने अरुण वर्मा पर राममूर्ति के लिए पार्टी का साथ देने का दबाव बनाया तो अरुण ने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया था कि राममूर्ति से अब हमारे सम्बन्ध अच्छे नही है।नतीजा यह हुआ भाजपाई अपने मकसद में सफल हो गए और समाजवादी पार्टी को अपने दल के भीतरघातियों की वजह से ब्लाक प्रमुख पद से हाथ धोना पड़ा था।आज मोतिगरपुर ब्लाक प्रमुख की कुर्सी पर सपा की जगह भाजपा का कब्जा है।उस दौरान क्षेत्रीय पूर्व विधायक अरुण वर्मा पर जब सपाइयों ने पार्टी के साथ गद्दारी और भाजपा की मदद करने का आरोप लगाया था तो यह बात कुछ के गले नही उतर रही थी।लेकिन इधर बीच जब अविस्वास दौरान भाजपा के साथ गलबहियां करने वाले राममूर्ति अरुण वर्मा के साथ पार्टी के कार्यक्रमों में नजर आये तो वे सपाई भी भौचक रह गए जो अरुण की बात का भरोसा कर बैठे थे। समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक अरुण वर्मा द्वारा अपनी ही पार्टी के ब्लाक प्रमुख के खिलाफ भाजपा का साथ देने के लगे आरोपो पर लाख सफाई दे लेकिन खिचड़ी भोज में जो नजारा नजर आया क्या सच्चाई की उस तस्बीर को नकार पाएंगे।वरिष्ठ समाजवादी नेता लाल यादव ने कहा कि पार्टी के साथ गद्दारी करने वाले इन चेहरों को आगे आने वाले चुनाव में सपाई ही सबक सिखाएंगे।

@ अरुण ने ही कहा था धोखा देने वाले बाहर हो
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पूर्व विधायक अरुण वर्मा ने सपा के जिला कार्यालय पर आयोजित कार्यकारिणी की बैठक में खुद पर भाजपा का साथ देने के लगे आरोपो पर सफाई देते हुए तत्कालीन जिलाध्यक्ष प्रोफेसर रामसहाय यादव से ही कहा था कि पार्टी से जुड़े जिन बीडीसी सदस्यों ने अविस्वास प्रस्ताव दौरान पार्टी को वोट नही दिया उनके खिलाफ कार्यवाही की संस्तुति कर प्रदेश कार्यालय को भेजिए हम भी हस्ताक्षर करेगे।अब सवाल यही है कि कल तक जिन्हें पार्टी से निकलवाने की बात अरुण वर्मा कर रहे थे उन्ही चेहरों को अपने साथ बगल बिठा रहे।फ़िलहाल उनका दोहरा चरित्र खिचड़ी भोज में ही सपाइयों के सामने उजागर हो गया।

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