---रंजीत लुधियानवी, कोलकाता, 17 फरवरी 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।
बीते कुछ सालों से देश में हिंसा और आतंक फैलाने के लिए लव जिहाद का नारा बुलंद किया जा रहा है, जिसमें दूसरे धर्म या जाति में शादी करने वाले लोगों को हिंसा का शिकार बनाया जा रहा है। हालांकि इससे प्यार करने वालों को कोई फर्क नहीं पड़ रहा है। क्योंकि शिक्षा और जागरुकता के कारण प्यार के सामने जाति-धर्म के बंधन लगातार टूटते जा रहे हैं। प्यार के रास्ते पर चलते हुए ऐसे दंपतियों जिहाद के नाम पर हिंसा करने वालों के खिलाफ रास्ते पर उतर कर विरोध जताने का एलान कर दिया है।
घृणा के बजाए प्यार पर जोर देते हुए अलग धर्म में विवाह करने वालों का एक वाट्सएप ग्रूप भालोबासार पथ धरे काफी लोकप्रिय हो चुका है। इस ग्रूप के माध्यम से प्रेम में डूबे दंपतियों ने लोगों के सामने मुखर होने का फैसला किया है। इस बारे में सम्मेलन करके लोगों को गुमराह करने के लिए किए जा रहे गलत प्रचार से जागरुक करते हुए लोगों का संदेश है कि प्यार के कारण हमलोग एक दूसरे के प्रति आकर्षित होकर दो से एक हुए हैं, धर्मांतरण जैसी छोटी तुच्छ सोच प्यार करने वालों के जहन में नहीं होती है।
दो साल पहले बोलपुर के शिक्षक जिन्ना अहमद की पत्नी पूर्णिमा बंदोपाध्याय की मौत हो गई थी। भालोबासार पथ धरे के सदस्य अहमद का कहना है कि मिश्र दांपत्य सफल जीवन के एक नहीं हजारों उदाहरण मौजूद हैं। हमारे विवाद में धर्म कहीं भी नहीं था, अगर कुछ था तो सिर्फ प्यार ही प्यार था। अब लोगों को गुमराह करने के लिए गलत प्रचार किया जा रहा है, इसके खिलाफ आवाज उठाने का वक्त आ गया है। इसलिए वाट्सएप ग्रूप को लेकर सम्मेलन करने की योजना है।
उत्तर चौबीस परगना जिले के बारासात की तहमिना खातून ने सुकुमार मित्र से विवाह किया था। लव जिहाद के नाम पर हिंसा फैलाने वालों को मुंहतोड़ जवाब देते हुए उसका कहना है कि जब-जब सुकुमार पैदा होगा, मैं तहमिना बन कर तुम्हारे साथ रहूंगी। आतंकवादी संगठन के खिलाफ हम एकजुट हो रहे हैं, आपलोग भी हमारे साथ आएं।
हिंदू शर्मिला घोष ने मुसलमान रफीउद्दीन के साथ विवाह किया था। उसके इस अपराध के कारण पेशे से शिक्षिका शर्मिला को समाज के ठेकेदारो ने स्कूल में घुसने नहीं दिया। मजबूर होकर दूसरे स्कूल मेंं तबादला करवाना पड़ा था। उनका कहना है कि हमलोगों ने स्पेशल मैरेज एक्ट के तहत विवाह किया है। पति के साथ मैं एक ही स्कूल में पढ़ाती थी। एक बार ऐसे संकट में फंसी थी कि प्रसिद्ध लेखिका महाश्वेता देवी ने पुलिस को फोन करके मामले में हस्तक्षेप करने के लिए कहा था।
धर्म के नाम पर दंगा फैलाने वालों को कुछ अक्ल आ जाए, यह बतलाने के लिए शर्मिला-रफीउद्दीन ने अपनी बेटी के नाम के साथ कोई टाईटल नहीं जोड़ा है। शर्मिला का कहना है कि इन दिनों लव जिहाद को लेकर जिस तरह लोगों को गुमराह किया जा रहा है, उसे देखते हुए विरोध जताने के लिए एक प्लेटफार्म की जरुरत थी। वाट्सएप ने इस जरुरत को पूरा किया है।
देश भर में लव जिहाद के नाम पर हिंसा फैला रहे संगठनों की ओर से जहां धर्मांतरण का विरोध करते हुए लोगों की हत्याएं करने, जिंदा जलाए जाने की घटनाओं को जायज ठहराने की कायराना हरकत की जा रही है, वहीं यह सवाल भी पूछा जा रहा है कि अगर धर्मांतरण का विरोध करना है, तब कोलकाता जैसे शहर में धर्मांतरण की कोशिश और पत्रकारों की पिटाई का ऐसे कायर क्या जवाब देंगे ?
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