हावड़ा, 21 फरवरी 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।
उत्तर हावड़ा के डवसन रोड स्थित पारसनाथ दिगम्बर जैन मंदिर के सभागार में आयोजित धर्म सभा में क्रांतिवीर मुनि श्री प्रतीक सागर जी महाराज ने कहा कि हमारा भारत देश तीर्थ भूमि हैं क्योंकि यहां तीर्थकर और संत अत्माओ ने जन्म लिया हैं। भरत वह भूमि हैं जहाँ गंगा हमारे पाप और ताप को नष्ट करती हैं जिसे गंगा माँ कहते हैं। हम पत्थर में भी भगवान की मूर्ति को देख कर पूजा करते हैं, जो पेड़ फल और छाया देते हैं उसे हम देवता का सम्मान देते हैं।
मुनि श्री ने आगे कहा कि दुनिया में पाता वही हैं जो छोड़ता हैं जिसने कुछ छोड़ा कुछ मिला, कुछ - कुछ छोड़ा कुछ -कुछ मिला, सब कुछ छोड़ा सब कुछ मिला जैसे हमारे तीर्थकर भगवान। जो देता है वह देवता हैं, जो तोड़ता हैं वह राक्षस के समान हैं। आगर आप अमीर बनना चाहते हो तो जो तुम कमाते हो उस का छटवां भाग दान करो। कुएँ से जितना पानी निकलता हैं उसे जादा नया पानी आ जाता है।
ज्ञानीयों ने सच कहा हैं - "खाया पिया अंग लगेगा, दान किया वह संग चलेगा बाकि बचा जंग लगेगा"। अब आप सोचे आप को क्या करना हैं ?
https://www.indiainside.org/post.php?id=1833