एनसीएल के बीना क्षेत्र ने लगाया निःशुल्क सामान्य स्वास्थ्य परीक्षण एवं जांच शिविर



---हरिओम पाण्डेय, सोनभद्र, 26 फरवरी 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।

◆ 106 स्कूली बच्चों सहित 256 ग्रामीणों का किया गया स्वास्थ्य परीक्षण

नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड अपनी निगमित सामाजिक दायित्व (सीएसआर) योजना के तहत एनसीएल परिक्षेत्र के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने हेतु लगातार निःशुल्क स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन कर रही है। इसी क्रम में कंपनी के बीना क्षेत्र ने शनिवार को ग्राम जामशीला में निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण एवं जांच शिविर का आयोजन किया। सामान्य स्वास्थ्य परीक्षण एवं जांच शिविर में 106 स्कूली बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें विटामिन एवं रोग निवारक औषधियां दी गईं एवं 56 स्थानीय ग्रामीण महिलाओं एवं 94 पुरूषों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया।

बीना क्षेत्र के क्षेत्रीय चिकित्सा अधिकारी डॉ• तापस हलधर ने शिविर का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि बीना क्षेत्र अपने सीएसआर कार्यक्रम के अंतर्गत आस-पास के गांवों के सर्वांगीण विकास हेतु कई कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि पहले भी स्थानीय ग्रामीणों एवं स्कूली बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण कर निःशुल्क दवाओं का वितरण किया गया है। गौरतलब है कि बीना क्षेत्र ने सीएसआर के तहत हाल ही में कई स्वास्थ्य जांच शिविर व नेत्र जांच शिविरों का आयोजन किया है। 17 फरवरी को प्राथमिक विद्यालय, जामशीला में आयोजित सामान्य स्वास्थ्य जांच शिविर में 415 ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया था, जिसमें डायबिटीज के 10 मरीज एवं हाई ब्लड प्रेशर के 15 मरीज चिन्हित किए गए थे। 14 फरवरी को ग्राम कोहरोल में निःशुल्क नेत्र जांच एवं स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया था, जिसमें 202 ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया था। इस शिविर में 41 चश्मे वितरित किए गए थे एवं मोतियाबिंद के 10 मरीजों को चिन्हित किया गया था। 11 फरवरी को प्राथमिक विद्यालय, घरसड़ी में निःशुल्क नेत्र जांच एवं स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया था, जिसमें 245 ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया था। इस शिविर में 34 चश्मे वितरित किए गए थे एवं मोबियाबिंद के 24 मरीजों को चिन्हित किया गया था। नेत्र जांच शिविरों में चिन्हित किए गए मोतियाबिंद के मरीजों को आगे की इलाज के लिए केंद्रीय चिकित्सालय, सिंगरौली बुलाया गया था। स्वास्थ्य जांच शिविरों में कुपोषण के शिकार महिलाओं और बच्चों को आयरन, विटामिन, प्रोटीन पाउडर, कैल्शियम एवं विटामिन डी की दवा वितरित की गई थी।

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