05 मार्च 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।
(●) मध्य प्रदेश के लिए सात सड़क पुनर्रूद्धार परियोजना को मंजूरी
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने मध्य प्रदेश के लिए सात सड़क पुनर्रूद्धार परियोजनाओं को मंजूरी दी है। ये परियोजनाएं 18 महीने में पूरी की जाएंगी। इनमें 48 महीने तक सड़क के रख-रखाव का काम भी शामिल है।
राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 75 के बमीठा-सतना सेक्शन पर पक्की ढ़लान और घुमावदार फुटपाथ के साथ 97.840 किलोमीटर लंबी दो लेन वाली सड़क के पुनर्रूद्धार और उन्नयन का काम ईपीसी मोड के तहत 191.21 करोड़ की लागत से पूरा किया जाएगा।
दूसरी परियोजना के तहत राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 552 एक्सटेंशन के मुरेना-अम्बाह-पोरसा सेक्शन पर पक्की ढ़लान के साथ दो लेन वाली सड़क के पुनर्रूद्धार और उन्नयन का काम ईपीसी मोड के तहत 166.21 करोड़ रूपये की लागत से पूरा किया जाएगा। इसमें दो बड़े और एक छोटे पुल का निर्माण भी शामिल है।
तीसरी परियोजना राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 552 एक्सटेंशन के पोरसा-अटेर-भिन्ड सेक्शन पर 46.9 किलोमीटर लंबी पक्की ढ़लान वाली दो लेन की सड़क के निर्माण से संबंधित है। यह परियोजना ईपीसी मोड के तहत 217.22 करोड़ रूपये की लागत से पूरी की जाएगी। इसमें दो बड़े पुलों का निर्माण और पांच छोटे पुलों को चौड़ा करने का काम भी किया जाएगा।
चौथी परियोजना के तहत राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 552 एक्सटेंशन में मिहोना-लहर-दाभोह सेक्शन पर इपीसी मोड पर 27.36 किलोमीटर लंबी पक्की ढ़लान वाली दो लेन की सड़क का निर्माण और उन्नयन का काम किया जाएगा। इस पर 133.18 करोड़ रूपए की लागत आएगी। इसमें एक बड़े पुल का निमार्ण और तीन छोटे पुलों को चौड़ा करने का काम भी शामिल है।
पांचवी परियोजना में राजष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 552 एक्सटेंशन पर दोबाह, भंडेर, उत्तर प्रदेश सीमा सेक्शन पर 43.255 किलोमीटर लंबी दो लेन की सड़क का निर्माण और उन्नयन का काम होगा। ईपीसी मोड के तहत यह परियोजना 233.04 करोड़ रूपए की लागत से 18 महीने में पूरी होगी। इसमें तीन बडे पुलों का निर्माण और चार बड़े पुलों को चौड़ा करने का काम भी किया जाएगा।
छठी परियोजना के तहत राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 135 बी पर रीवा – सिरमौर सेक्शन के बीच 162.56 करोड़ रूपये की लागत से पक्की ढलान वाली 36.71 किलोमीटर लंबी दो लेन की सड़क का निर्माण और उन्नयन किया जाएगा।
सातवीं परियोजना राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 943 पर पवई-सलेहा-जासो-नागोद सेक्शन पर पक्की ढलान वाले 50.88 किलोमीटर लंबी दो लेन की सड़क के निर्माण और उन्नयन से जुड़ी है। यह काम ईपीसी मोड के तहत 214.69 करोड़ रूपये में पूरा किया जाएगा।
(●) उत्तर प्रदेश के लिए पांच सड़क पुनरुद्धार परियोजनाओं को मंजूरी
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की स्थायी वित्त समिति ने उत्तर प्रदेश में पांच सड़क पुनरुद्धार परियोजनाओं को मंजूरी दी है।
सोनौली से गोरखपुर तक और जंगल कौडिया से लेकर मोहद्दीपुर तक एनएच 29ई पर मौजूदा सड़क को ईपीसी मोड के जरिए उन्नत कर चार लेन में तब्दील किया जाएगा। परियोजना की कुल लंबाई 17.52 किलोमीटर है। इसे 288.30 करोड़ रुपये की लागत से पूरा किया जाएगा।
कप्तानगंज से पडरौना तक के खंड पर एनएच 730 पर मौजूदा फुटपाथ को उन्नत कर पक्की ढलान के साथ दो लेन में तब्दील किया जाएगा और ईपीसी मोड पर ही कुशीनगर जिले में सर्विस रोड के साथ चार लेन वाला एक आरओबी बनाया जाएगा। परियोजना की कुल लंबाई 27.75 किलोमीटर है। इसे 263.879 करोड़ रुपये की लागत से पूरा किया जाएगा।
बलरामपुर से तुलसीपुर तक के खंड पर एनएच 730 पर मौजूदा फुटपाथ को उन्नत कर पक्की ढलान के साथ दो लेन में तब्दील किया जाएगा। ईपीसी मोड पर ही बलरामपुर जिले में सर्विस रोड के साथ दो लेन वाला एक आरओबी बनाया जाएगा। इस परियोजना की कुल लंबाई 27.255 किलोमीटर है। इसे 212.99 करोड़ रुपये की लागत से पूरा किया जाएगा।
ईपीसी मोड पर इलाहाबाद बाईपास सड़क जंक्शन से इलाहाबाद शहर तक के खंड पर एनएच 96 पर मौजूदा फुटपाथ को उन्नत कर पक्की ढलान के साथ चार लेन में परिवर्तित किया जाएगा। इस परियोजना की कुल लंबाई 17.03 किलोमीटर है। इसे 306.59 करोड़ रुपये की लागत से पूरा किया जाएगा।
ईपीसी मोड पर रामनगर से सिस्वाबाबू तक के खंड पर एनएच 730 पर मौजूदा फुटपाथ को उन्नत कर पक्की ढलान के साथ दो लेन में तब्दील किया जाएगा। इस परियोजना की कुल लंबाई 21.12 किलोमीटर है। इसे 185.18 करोड़ रुपये की लागत से पूरा किया जाएगा।
(●) तमिलनाडु के लिए दो सड़क पुनरुद्धार परियोजनाओं को मंजूरी
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने तमिलनाडु में दो सड़क पुनरुद्धार परियोजनाओं को मंजूरी दी है।
एनएच 234 (गुडि़याथन बाईपास और वेल्लोर बाईपास) पर मौजूदा दो लेन वाली सड़क पर ईपीसी मोड के जरिए 1.5 मीटर की पक्की ढलान सुलभ कराई जाएगी। परियोजना की कुल लंबाई 49.35 किलोमीटर है। इसे 138.06 करोड़ रुपये की लागत से पूरा किया जाएगा।
एनएच 383 (डिंडीगुल-नाथम खंड) पर मौजूदा दो लेन वाली सड़क पर ईपीसी मोड के जरिए पक्की ढलान सुलभ कराई जाएगी। परियोजना की कुल लंबाई 38 किलोमीटर है। इसे 240.38 करोड़ रुपये की लागत से पूरा किया जाएगा।
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