प्रेसीडेंशियल सुइट के नाम से होगा गार्डेन व्यू का 105 नंबर कमरा



• इसी 105 नंबर कमरे में रुके थे राष्ट्रपति
• रूम की एक्स्ट्रा इनकम प्रधानमंत्री राहत कोष में जमा होगी

संतोष यादव, सुल्तानपुर। देश के चौदहवें राष्ट्रपति बने रामनाथ कोविंद की यादें इस जिले भी जुड़ीं है। चार वर्ष पूर्व सुल्तानपुर में ही उन्होनें एक रात्रि गुजारी थी। यहाँ वे जिस कमरे में रुके थे अब वह कमरा खास हो गया है। आगे से उसे प्रेसीडेंशियल सुइट के नाम से ही जाना जायेगा।इस सुइट से होने वाली इनकम प्रधान मंत्री राहत कोष को भेजी जायेगी।

14 दिसम्बर 2013 को सुल्तानपुर में ही जिला मुख्यालय पर भाजपा के वरिष्ठ नेता डा० एम० पी० सिंह के संयोजन में आयोजित "रन फार यूनिटी" कार्यक्रम में शामिल होने के लिए वे वरिष्ठ पदाधिकारी हृदयनाथ सिंह के साथ इस जिले में पहुँचे थे। अपने प्रवास के 24 घंटे उन्होंने गार्डेन व्यू गेस्ट हाउस के 105 नंबर कमरे में ही बिताये थे। भारत गणराज्य के चौदहवें राष्ट्रपति के रूप में निर्वाचित होने के बाद महामहिम रामनाथ कोविंद के सुल्तानपुर में बिताये उस ऐतिहासिक पल को यहाँ लोग सहेजने में जुट गए है।उनकी जीत पर सुल्तानपुर में भी लोगो ने खुले मन से उनका स्वागत करते हुए आतिशबाजी कर व एक दूसरे को मिष्ठान्न खिलाकर खुशी का इजहार किया।

14 दिसम्बर 2013 को जिले में आये महामहिम की सादगी सबने देखी थी। जिस होटल में वे ठहरे थे उसके मालिक संदीप कुमार भी उनकी सादगी के कायल है। संदीप कहते है कि वे सौभाग्यशाली लोगो में शुमार है, कि उनके प्रतिष्ठान पर राष्ट्रपति ठहर चुके है। संदीप कहते है कि इस गार्डेनव्यू में अब तक कई राष्ट्रीय अंतराष्ट्रीय चेहरे ठहर चुके है लेकिन रामनाथ कोविंद का ठहरना सबसे अलग बात रही। कोविंद के राष्ट्रपति उम्मीदवार घोषित होने से लेकर बनने तक संदीप लगातार यहाँ से जुड़ी स्मृतियां ट्वीट करते रहे जिसे कोविंद जी ने संज्ञान भी लिया।इस बात से संदीप काफी खुश भी है लेकिन एक टीस आज भी है कि वे राष्ट्रपति कोविंद के विदा होते समय पहुँच नही पाये थे। वही सर्वर रमेश कुमार जिसने उस दौरान कोविंद जी की सेवा की थी जबसे उन्हें पता चला की वे राष्ट्रपति बन गए फूले नही समा रहे। हर किसी से रमेश अपने संस्मरण सुना रहे। जिले के वे लोग भी अपने को गौरवन्तित महसूस कर रहे है जिन्होंने रन फॉर यूनिटी में उनके साथ हिस्सा लिया था। सुल्तानपुर यात्रा दौरान राष्ट्रपति जी कई कार्यकर्ताओं के घर भी गए थे। आज वे सभी गदगद है।और सोशल मीडिया पर उस दौरान की स्मृतियां ताजा कर रहे है।

गार्डेनब्यू गेस्ट हाउस के संचालक संदीप कुमार कहते है की प्रेसिडेंशियल रूम का किराया वे नही बढ़ायेंगे लेकिन इस रूम में ठहरने वाला स्वेच्छा से जो भी अतरिक्त मनी ददेंगे वह प्रधानमंत्री राहत कोष में जमा कर दिया जायेगा। यह अतरिक्त मनी चेक द्वारा ही स्वीकार की जायेगी। संदीप कहते है कि ये यादें वे सहेज कर रखेगे। उनके आने जाने ठहरने का डाटा निकाला जा चुका है। उनसे जुड़ी हर मेमोरी तैयार की जा रही है। गेस्ट हॉउस के अन्य कमरों की अपेक्षा इस कमरें का लुक एकदम अलग होगा। दो कमरे का एक सेट बनाकर सुल्तानपुर की यादें उसमे सहेजी जायेगी। लेकिन मेंन 105 नंबर कमरे के साथ कोई छेड़छाड़ नही होगी। उस कमरे का मूल स्वरूप बना रहेगा।

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