भारतीय रेल ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस उत्साह के साथ मनाया



09 मार्च 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।

● माटुंगा (महाराष्ट्), गांधीनगर (राजस्थान), गोविंदपुरी (उत्तर प्रदेश), चंद्रगिरि (आंध्र प्रदेश), विद्यानगर (तेलंगाना), मणिनगर (गुजरात), नई अमरावती स्टेशन (महाराष्ट्र), और अजनी (महाराष्ट्र) स्टेशनों को महिला रेल कर्मियों ने पूरी दक्षता से संभाला

● कई रेलगाड़ियों को संचालन महिला दल ने किया

● देशभर के 200 प्रमुख रेल स्टेशनों पर सैनिटरी नैपकीन वितरक और भट्टी लगाई जाएगी

गुरुवार 08 मार्च 2018 को इस अंतर्राष्‍ट्रीय महिला दिवस पर भारतीय रेल महिलाओं की योग्‍यता और सामर्थ्य को उजागर करते हुए यह बताने में अग्रणी रहा कि बराबर मौके दिए जाएं तो देश की महिलाएं बहुत कुछ हासिल कर सकती हैं। भारतीय रेल ने समान अवसर की उपलब्‍धता और समेकित कार्य संस्‍कृति को बढ़ाते हुए नियोजक के रूप में अपनी प्रतिबद्धता दिखाई।

महिला सशक्‍तिकरण को सुनिश्‍चित करने की एक विशेष कोशिश में भारतीय रेल ने माटुंगा (महाराष्‍ट्र), गांधीनगर (राजस्‍थान), गोविंदपुरी (यूपी), चंद्रागिरि (आंध्र प्रदेश), विद्यानगर (तेलंगाना), मणिनगर (गुजरात), नई अमरावती स्‍टेशन (महाराष्‍ट्र) और अजनी (नागपुर) स्‍टेशनों पर सभी महिला रेल कर्मियों को नियुक्‍त किया। भारतीय रेल ने स्‍टेशनों के संचालन का प्रबंधन करने की ट्रेनिंग देकर महिला रेल कर्मियों को सशक्‍त करने का एक उदाहरण पेश किया। जयपुर के पास गांधीनगर रेलवे स्‍टेशन देश का ऐसा पहला स्‍टेशन बन गया जहां टिकट जांच कर्ता से लेकर स्‍टेशन प्रबंधक तक सभी महिला कर्मी हैं। मुंबई का मटुंगा रेलवे स्‍टेशन देश का ऐसा पहला उपनगरीय रेलवे स्‍टेशन होगा, जिसका संचालन महिला कर्मियों द्वारा किया जाएगा, इसके लिए यह लिम्‍का बुक ऑफ रिकार्ड्स 2018 में दर्ज किया जा चुका है। मटुंगा रेलवे स्‍टेशन का संचालन 31 महिला कर्मियों द्वारा होगा, जिसमें स्‍टेशन अधीक्षक, बुकिंग क्‍लर्क और सुरक्षा कर्मी शामिल होंगे। आंध्र प्रदेश का चंद्रगिरि स्‍टेशन राज्‍य का पहला महिलाओं द्वारा संचालित स्‍टेशन बन चुका है। गुजरात का मणिनगर स्‍टेशन राज्‍य का पहला महिलाओं द्वारा संचालित स्‍टेशन बन चुका है। एक अन्‍य उदाहरण में गुवाहाटी में 20 महिला कर्मी रेलगाड़ी की बोगियों के रख-रखाव का जिम्‍मा संभालने के लिए एकजुट हुईं। भारतीय रेल के इतिहास में यह ऐसा पहला मौका है जब महिला कर्मियों ने इस काम के लिए खुद पहल की। देश में पहली रेल ड्राइवर सुरेखा यादव देश की युवा लड़कियों का सही मायने में प्रेरणा बनी है।

महिला दिवस के मौके पर भारतीय रेल की कई रेलगाड़ियों का संचालन महिला रेल कर्मियों द्वारा किया गया। कोएना एक्‍सप्रेस, डक्‍कन एक्‍सप्रेस, मुंबई-अहमदाबाद शताब्‍दी एक्‍सप्रेस, रांची बिक्‍की टोरी एक्‍सप्रेस, हावड़ा दीघा एक्‍सप्रेस, दादाधाम एक्‍सप्रेस, गोरखपुर नौटनवा एक्सप्रेस, बारामती एक्‍सप्रेस, संघमित्रा एक्‍सप्रेस और भोपाल-बिलासपुर एक्‍सप्रेस में टिकट जांच का काम महिला कर्मियों द्वारा किया गया।

जयपुर स्‍टेशन पर महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा भारतीय रेल की पहली महिला कुली सुश्री मंजू देवी को ‘फर्स्‍ट लेडीज’ कार्यक्रम में सम्‍मानित किया गया। रेलवे बोर्ड के अध्‍यक्ष अश्‍विनी लोहानी दक्षिण-पूर्व मध्‍य रेलवे की अपनी यात्रा के दौरान पीपी यार्ड के महिला कर्मियों से मिले। ये महिला कर्मी बोगियों के आरओएच के लिए तकनीकी काम करती हैं। पीपी यार्ड में कुल 32 महिला कर्मी काम करती हैं।

भारतीय रेल ने महिला सशक्‍तिकरण को और मजबूती देने के उद्देश्‍य से देश भर में 200 प्रमुख रेलवे स्‍टेशनों पर सैनिटरी नैपकीन के लिए वितरक और भट्ठी मशीन लगाने का फैसला लिया है। इस पहल से समाज के वित्‍तीय तौर पर कमजोर महिलाओं और महिला रेल कर्मियों को काफी फायदा पहुंचेगा।

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