डॉ• अरुण निषाद ने बढ़ाया जनपद का गौरव



---संतोष यादव, लखनऊ, 20 मार्च 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज।

सुल्तानपुर जिले के बेलहरी निवासी तथा लखनऊ विश्वविद्यालय (संस्कृत विभाग) के वरिष्ठ शोध छात्र डॉ• अरुण कुमार निषाद का यह पहला काव्य संग्रह ‘दिल की आवाज’ साहित्य जगत में इन दिनों खूब चर्चा है। यह पुस्तक गूगल बुक, गूगल प्ले स्टोर तथा अमेजन आदि वेबसाइटों पर उपलब्ध है।

डॉ• निषाद ने बताया कि इस काव्य संग्रह में गीत, गजल, नवगीत, मुक्तक, क्षणिकायें, हायकू आदि सम्मिलित हैं। इनकी प्रारम्भिक शिक्षा जनता इण्टर कालेज बेलहरी सुल्तानपुर, स्नातक के.एन.आई. पी.एस.एस. सुल्तानपुर, स्नातकोत्तर राणा प्रताप पी.जी. कालेज सुल्तानपुर की है। इनके अतिरिक्त इन्होंने राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय इलाहाबाद से पत्रकारिता में डिप्लोमा तथा गान्धर्व संगीत महाविद्यालय सुल्तानपुर से संगीत (गायन) में प्रभाकर की भी डिग्री प्राप्त की है।

डॉ• निषाद के दर्जनों शोधपत्र देश विदेश की प्रतिष्ठित पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं और इन्होंने दर्जनों राष्ट्रीय अन्तर्राष्ट्रीय संगोष्ठीओं में अपना शोधपत्र वाचन किया है। डॉ• निषाद राजस्थान से प्रकाशित मासिक ई पत्रिका हस्ताक्षर के संस्कृत प्रभारी भी हैं। डॉ• निषाद उ.प्र. अपराध निरोधक समिति, जिला सुरक्षा संगठन सुल्तानपुर, मानवाधिकार संरक्षण समिति के भी सदस्य हैं। इन्हें डॉ• राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय, फैजाबाद, लखनऊ विश्वविद्यालय, संस्कृत भारती अवध प्रान्त लखनऊ, उ.प्र. संस्कृत संस्थान लखनऊ, रायल ह्यूमिनिटी एजूकेशनल एण्ड वेलफेयर सोसाइटी, सुल्तानपुर, लखनऊ पुस्तक मेला लखनऊ, आदर्श सेवा समिति सुल्तानपुर जैसी अनेकों संस्थाओं से सम्मान तथा पुरस्कार प्राप्त हुआ है।

डॉ• निषाद ने अपनी इस सफलता का श्रेय अपने परिजनों, गुरुजनों, मित्रों तथा शुभचिन्तकों को दिया है। उनकी इस सफलता से साहित्य जगत में हर्ष व्याप्त है।

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