---हरेन्द्र शुक्ला, वाराणसी, 21 मार्च 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।
● बीएचयू सोशल सांइस रासेयो शिविर का चौथा दिन
काशी हिन्दू विश्वविद्यालय सामाजिक विज्ञान संकाय के राष्ट्रीय सेवा योजना की दो इकाई की संयुक्त रुप से चल रहे सात दिवसीय विशेष शिविर के चौथे दिन बच्चों पर पड़ने वाले मनोवैज्ञानिक प्रभाव और जल दिवस के पूर्व संध्या पर जल संरक्षण से संबंधित विविध प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया।
इस अवसर मनोविज्ञान विभाग की डा• स्वर्णलता वर्तमान दौर में युवाओं में मनोवैज्ञानिक तौर पर शैक्षिक उछाल तथा शैक्षिक लचिलापन पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि किस प्रकार विद्यार्थी जीवन विभिन्न प्रकार नकारात्मक विचारों से ग्रस्त रहता है, उन्होंने कहा कि विद्यार्थीयों को कभी हताश नहीं होना चाहिए, चाहे कितनी ही विषम परिस्थितियां क्यों न हो उसे चुनौती के रूप में स्वीकार कर, उसका उपयुक्त हल निकालना चाहिए। चुनौती, प्रतिबद्धता और नियंत्रण शब्दों को विद्यार्थी जीवन में आत्मसात करके सफलता को प्राप्त किया जा सकता है। नकारात्मक विचार पालने से कभी भी आगे नहीं बढ़ा जा सकता है।
दूसरे सत्र में स्वयंसेवको ने "जल संरक्षण एवं एच•आई•वी• एड्स•" की जागरूकता के लिए स्लोगन लिखी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। विश्व जल दिवस की पूर्व संध्या पर जल संरक्षण की महत्ता पर स्वयं-सेवकों ने विचार मंथन किया और जागरुकता रैली का आयोजन किया तथा लोगों को जल की महत्ता बताया।
इस अवसर पर बीएचयू सामाजिक विज्ञान संकाय की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई की कार्यक्रम अधिकारी डा• अरूणा कुमारी एवं डा• पंकज सिंह ने संयुक्त रुप से धन्यवाद ज्ञापन दिया।
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