कोलकाता, 22 मार्च 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।
ओशो सन्यासियों ने कोलकाता के पार्क स्ट्रीट स्थित करनानी मेंशन में ओशो ध्यान केंद्र में ओशो का "संबोधि दिवस" ध्यान व उत्सव के साथ मनाया। ओशो सन्यासी प्रकाश किला (स्वामी चेतन) ने जानकारी देते हुए कहा कि इस अवसर पर ओशो सन्यासियों ने कुंडलिनी ध्यान, दो सांसों के बीच अन्तराल पर ध्यान, सफेद वस्त्रों में संध्या वाइट रॉब ब्रदरहुड ध्यान व अन्य ध्यान, नृत्य, उत्सव व भाव पूर्वक अपने गुरु ओशो का संबोधि दिवस मनाया।
बता दें कि संबोधि का अर्थ है विचार और भाव से रहित शुद्ध चेतना का अनुभव। 1953 में जबलपुर के भंवरताल पार्क स्थित मौलश्री वृक्ष के तले आचार्य श्री रजनीश को संबोधि की परम उपलब्धि हुई थी। ओशो अपनी संबोधि के बारे में कहते हैं कि वह और कुछ नहीं, बस तुम प्रकाश बन जाते हो, तुम्हारा अंतरतम प्रकाशमान हो जाता है।
ध्यान कार्यक्रम का संचालन विजय गुप्ता (स्वामी अंतर हिमालय) ने किया। वहीं तीरथ कुमार पांडे, सुभाष दुबे, रूपा बंका, कृष्ण कुमार मुरारका, ललित गनेरीवाला, प्रबीर जालान, अजय विरमानी, अनु गुप्ता, जीतू गुप्ता, विश्वनाथ दास, राम रतन जोशी, प्रमोद सराफ, आनंद, विजय फतेहपुरिया, रिम्पी, पंकज अरोरा, बिन्जोला व अन्य ओशो प्रेमी व साधक उपस्थित रहे।
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