बीएचयू के नये वाइसचांसलर प्रो• राकेश भटनागर



---हरेन्द्र शुक्ला, वाराणसी , 23 मार्च 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।

★ बेपटरी हुये शैक्षिक माहौल और 70 हजारी सलाहकार होगें चुनौती

काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के नये कुलपति को ढूंढने में शिक्षा के क्षेत्र में अलख जगाने वाली सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय को पांच माह का समय खर्च करना पड़ गया। लंबी कवायद के बाद सरकार ने जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय के मालीक्यूलर बायोलॉजी एंड जेनेटिक इंजीनियरिंग लैब्रोटी के प्रोफेसर राकेश भटनागर को बीएचयू का नया कुलपति नियुक्त किया है। इस आशय का ई-मेल गुरुवार देर शाम बीएचयू को प्राप्त हो गया है।

प्रो• राकेश भटनागर इसके पूर्व कुमाऊं विश्वविद्यालय नैनीताल में कुलपति रह चुके हैं। इसके पूर्व कुलपति की नियुक्ति को लेकर अलग अलग अटकलें लगाई जा रही थी। बीएचयू के नव नियुक्त कुलपति सोमवार को अपना पदभार ग्रहण कर सकते हैं। मजेदार बात यह है कि कुलपति की नियुक्ति की सुचना के बाद प्रशासनिक पदों का मजा लेने के आदि हो चुके गिरोह ने जेएनयू तक अपना जाल बिछाना शुरु कर दिया है। वैसे नये कुलपति के सामने बेपटरी हो चुके शैक्षिक माहौल, सर सुन्दरलाल अस्पताल की व्यवस्था, बीएचयू ट्रांमा सेंटर में विशेषज्ञ चिकित्सक एवं पैरामेडिकल स्टाफ की स्थायी नियुक्ति का कार्य चुनौतीपूर्ण होगा। वहीं अब नये कुलपति की नियुक्ति के बाद गत तीन वर्षों से सेवा निवृत्ति के बाद भी 70 हजारी सलाहकारों की धुकधुकी बढ़ गई है। देखना है कि नये कुलपति रजिस्ट्रार के पद से सेवानिवृत्त के• पी• उपाध्याय की पुन: सभी सुविधाओं से लैस करके 70 हजार प्रतिमाह मानदेय पर सलाहकार नियुक्त किया गया। वहीं बिहार से सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी ए• के• सेठ को भी 70 हजार प्रतिमाह मानदेय सहित सभी सुविधाओं से लैस करके सुरक्षा सलाहकार बनाया गया है।

सलाहकारों की सलाहकारी में विश्वविद्यालय में उग्र आंदोलन और निरीह छात्राओं पर बर्बरता पूर्वक लाठीचार्ज भी किया जा चुका है। इस घटना के बाद तत्कालीन कुलपति प्रो• जी• सी• त्रिपाठी को लंबी छुट्टी पर जाना पड़ा था।

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