खबरें विशेष : राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण



नई दिल्ली, 24 मार्च 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।

(●) एनएचएआई ने पंजाब में राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना का अनुबंध दिया

भारत राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने पंजाब में भारतमाला योजना के अंतर्गत ईपीसी मोड में विकसित होने वाले निम्न राष्ट्रीय राजमार्ग खंड का अनुबंध-पत्र जारी कर दिया है।

एनएच-354 (पूर्व एसएच-21) के रामदास से गुरदासपुर खंड को फुटपाथ सहित दो लेन/ चार लेन में विकसित करने के लिए मैसर्स सीगाल इंडिया लिमिटेड- इंदरजित मेहता कंस्ट्रक्शन्स प्रा. लि. (जेवी) को ठेका दिया है। इसकी लागत 149.49 करोड़ रुपये है। सड़क की लम्बाई 47.492 किलोमीटर है।

रामदास–गुरदासपुर खंड सीमा सड़क का हिस्सा है और उसे भारतमाला योजना के अंतर्गत एनएचएआई को दे दिया गया है। इस कार्य का उद्देश्य बेहतर सड़क की व्यवस्था करना तथा सीमावर्ती क्षेत्रों का विकास करना है। इस परियोजना में 1.5 किलोमीटर की सड़क को चार लेन में तथा 45.992 किलोमीटर लम्बी सड़क को दो लेन में निर्मित किया जाएगा। सड़क के दोनों और फुटपाथ भी होंगे। इनमें 37.182 किलोमीटर लचीला फुटपाथ और 10.13 किलोमीटर ठोस फुटपाथ होंगा। ठेके की अवधि 550 दिन है, जिसमें 4 वर्षों की ओ एंड एम अवधि भी शामिल है।

इस परियोजना के तहत 03 छोटे पुल, 01 आरओडी, 1.22 किलोमीटर लम्बी सड़क का दोबारा निर्माण और 23 बस पड़ाव निर्मित किए जायेंगे।


(●) एनएचएआई ने कर्नाटक में राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना का अनुबंध दिया

भारत राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने कर्नाटक में राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 4ए के विकास के लिए अनुबंध-पत्र जारी कर दिया है।

लगभग 30 किलोमीटर लम्बे बेलगांव-खानापुर खंड को चार लेन में बनाने के लिए अशोका कंसेशन्स लिमिटेड को ठेका दिया गया है, जिसकी लागत 892.16 करोड़ रुपये है। कर्नाटक/ गोवा सीमा पर 52 किलोमीटर लम्बे दो लेन वाले राजमार्ग के निर्माण का ठेका ईपीसी मोड में मैसर्स दिलीप बिल्डकोन लिमिटेड को दिया गया है, जिसकी लागत 503.22 करोड़ रुपये है। इस खंड में दोनों तरफ फुटपाथ भी बनाए जायेंगे।

एनएच-4ए का यह खंड कर्नाटक के मुख्य शहर बेलगांव को गोवा की राजधानी पणजी से जोड़ता है। उल्लेखनीय है कि पणजी एक प्रमुख बंदरगाह है और अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन केंद्र है। यह राजमार्ग खानापुर, गुनजी और रामनगर से गुजरता है।

निर्माण में दो बड़े और छह छोटे पुल तथा प्रमुख सड़कों पर यातायात सुविधा और अड़चनों को दूर करने के लिए पांच आरओबी शामिल हैं। इस खंड में दो बाइपास का भी प्रस्ताव है। यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी प्रमुख चौराहों पर वाहनों के लिए 21 अंडरपास/ ओवरपास इत्यादि बनाए जायेंगे। परियोजना में 4 बस पड़ाव भी होंगे। परियोजना की रियायती अवधि 17.5 वर्ष है, जिसमें 2.5 साल की निर्माण अवधि भी शामिल है।

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