---संतोष यादव, सुल्तानपुर, 25 मार्च 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।
हिन्दुस्तान सोसलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन (HSRA) द्वारा क्रान्तिकारी पूर्वजों शहीद-ए-आजम भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव की शहादत दिवस के मौके पर मशाल जुलूस शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से निकाला गया। अंत में यह जुलूस जिलापंचायत स्थित शहीद भगत सिंह पार्क पहुँच सभा में तब्दील हो गया। यहाँ शहीद-ए-आजम भगत सिंह की प्रतिमा के समक्ष हुई सभा में बतौर पर्यवेक्षक संगठन के राष्ट्रीय संयोजक कुलदीप यादव जनवादी ने कहा कि आज हमारे देश संक्रमण काल की स्थिति से गुजर रहा है। जिससे 77 फीसदी आवाम बहुत ही भयंकर तरीके से गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। केंद्र में सत्तासीन मोदी सरकार देश के छात्रों, नौजवानों, बेरोजगारों किसानों और मजदूरों को ठगने का काम किया है।
छात्रों को शिक्षा सुलभ और सस्ती करने के बजाय यह सरकार सीट कटौती और 58 विश्वविद्यालयों को स्वयत्तता के नाम वित्तविहीन (सेल्फ फायनेंस) कोर्स चलाकर शिक्षा का बाजारीकरण और निजीकरण कर रही है। जिससे देश के भविष्य नौनिहालों का भविष्य गर्त में जा रहा है। शिक्षा के निजीकरण और बाजारीकरण से शिक्षा की पहुँच गरीब -गुरबा लोगों के पहुँच से दूर हो रही है।
बेरोजगारों को प्रतिवर्ष 2 करोड़ लोगों को रोजगार देने के नाम पर इस तानाशाह मोदी सरकार ने अभी तक चार साल में मात्र 132000 लोगों रोजगार दिया है। रोजगार देने के बजाय ठेके के आधार पर सरकारी उपक्रमों का निजीकरण किया जा रहा है।जो की देश को बेगारी और भुखमरी की तरफ ले जा रहा है। किसानों के फसलों का वाजिब दाम नहीं मिल रहा है। बस मन्दिर और मस्जिद तथा गाय गोबर गोमूत्र में टीवी चैनलों में बहँस कराकर अन्नदाता के ऊपर कुठाराघात राज्य और केंद्र की सरकारें कर रही हैं। जिसका परिणाम है कि महाराष्ट्र और राजस्थान में किसानों ने सड़क पर लाखों की संख्या में उतरकर अपना विरोध दर्ज कराया है। मजदूरों की हालत बद से बदतर है। देश में सरकार रोजगार नहीं दे रही है। और बेरोजगार नौजवान परिवार के पालन पोषण के लिए खाड़ी देशों में रोजगार की तलाश में जाता है तो आतंकी संगठन इराक के मोसुल में 39 भारतीय मजदूरों की निर्मम हत्या कर देता है। और केंद्र की मोदी सरकार देश को गुमराह करती है जबकि एक मजदूर जो कि बन्धक बनाया गया था भागकर आने में कामयाब हो गया था। यह कह रहा था कि आईएसआईएस ने 39 मजदूरों को मौत के घाट उतार दिया है फिर भी विदेश मंत्री सदन से गुमराह करती रही। संगठन के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य सतीश चन्द्र एडवोकेट ने कहा कि शहीद-ए-आजम भगत सिंह ने कौमी एकता का नारा देकर साम्राज्यवादी ब्रिटिश शासन के खिलाफ छात्रों नौजवानों किसानों और मजदूर तबके को लामबन्द करके जंग का आगाज किया था। परन्तु आज संघ और भाजपा देश को जाति और धार्मिक उन्माद फैलाकर बाँटकर सिर्फ और सिर्फ सत्ता के लिए काम कर रही है जिससे देश गर्त में जा रहा है। अनवर अली ने कहा कि शहीद-ए-आजम भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव ने शहादत इसलिए दी थी कि हमारा देश खुशहाली के साथ रहेगा। साम्राज्यवाद का डंका हमारे देश में नहीं बजेगा। कौमी एकता और समाजवाद का सिद्धान्त लागू होगा। लेकिन आज सरकारें मेक इन इण्डिया के नाम पर फिर से ईस्ट इण्डिया कम्पनी की तर्ज पर कम्पनी राज स्थापित करना चाहती है। जो कि हमारे वतन के लिए कतई हितकर नहीं है।हम इसका विरोध करते हैं।और यह बात आम जनमानस तक पहुँचाने का सँकल्प लेते हैं।
मशाल जुलूस और आक्रोश सभा में विकास यादव एडवोकेट, कमलेश अहीर, अमित, कृष्ण प्रताप यादव, अनिल, अनिल पाल, कासिम खान, अनुराग सिंह, सौरभ सेन एडवोकेट, जयसिंह, प्रशांत, लालचंद्र, परमवीर यादव, राहुल, उपेन्द्र यादव समेत तमाम क्रान्तिकारी साथी उपस्थित रहे।
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