@संतोष यादव वाराणसी बीते 4 अगस्त को बी.एच.यू साइबर लाइब्रेरी मे सीट को लेकर छात्रों के दो गुटों मे हुई भिड़ंत बाद की स्थितियां भयानक रूप लेने लगी है।घटना में दोनों पक्षो के छात्रों को चोट आयी थी लेकिन एकतरफा कार्यवाही को लेकर असंतोष बढ़ता जा रहा है।कुछ मठाधीश छात्रों व सत्ताधारी सफ़ेदपोस नेताओं द्वारा प्रशासन पर दबाव बनवाकर एक तरफा कार्यवाही से बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय में अराजकता का माहौल बन रहा है।गौरतलब है कि उसी प्रकरण में बी.एच.यू के ही छात्र विवेक यादव और रजनीश यादव व आनंद कश्यप को धारा 307 जैसी संगीन धाराएं लगाई गई है। दूसरे गुट को खुली छूट दी गई है। इधर राजनीतिक दबाव के चलते अब छात्रो के साथ साथ उनके घर वालो को भी पुलिस परेशान कर रही है, यहा तक की घर के सदस्यों से विश्वविद्यालय की घटना पर पूछताछ के बहाने की जा रही प्रताणना से परिजन घर छोड़ने को विवश हैं।उनका आरोप है कि भाजपा नेता सत्ता के नशे में चूर होकर छात्रों का जीवन बर्बाद करने पर तुले हुए हैं।
यूनाइटेड स्टूडेंट ऑर्गनाइजेशन की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा BHU ने कहा कि प्रशासन भाजपा की कठपुतली बना हुआ है।छात्रो पर संगीन धाराएं लगाकर उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। बीएचयू में लोकतन्त्र को खत्म करने की मुहिम सालो से चलाई जा रही है। आज छात्र हितों को लेकर जो आवाज उठाने की हिमाकत करता है तो उसकी अवाज दबाने की पुरजोर कोशिशे की जा रही हैं।सूत्रो की माने तो प्रशासन द्वारा की जा रही इस एकतरफा कार्यवाही के पीछे वीसी से लेकर भाजपा नेताओ का हाथ सामने आ रहा हैं।
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