भारत सरकार की ‘कौशल विकास योजना’ में योगदान देकर एनसीएल गौरवांवित-पी॰के॰सिन्हा



---हरिओम पाण्डेय, सोनभद्र, 28 मार्च 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।

● एनसीएल ने किया अपने संविदा कर्मियों के पूर्व कौशल एवं अनुभव को मान्यता देने वाले और ग्रामीण युवतियों के बीच कौशल विकास प्रशिक्षण प्रमाण-पत्र का वितरण

देश के युवाओं का रोजगार परक कौशल विकास कर उन्हें आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाने हेतु भारत सरकार द्वारा चलाई जा रही ‘कौशल विकास योजना’ में योगदान देकर नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड गौरवांवित है। ये कहना है एनसीएल के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक पी•के• सिन्हा का। श्री सिन्हा बुधवार को एनसीएल मुख्यालय स्थित अधिकारी मनोरंजन गृह में एनसीएल द्वारा संचालित किए गए कंपनी के संविदा कर्मियों के पूर्व कौशल एवं अनुभव को मान्यता देने वाले और स्थानीय ग्रामीण युवतियों के कौशल विकास कार्यक्रम के प्रशिक्षुओं को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में एनसीएल के निदेशक (तकनीकी/संचालन) गुणधर पाण्डेय और निदेशक (तकनीकी/परियोजना एवं योजना) पी॰एम॰प्रसाद बतौर विशिष्ट अतिथि उपस्थित थे।

प्रमाण-पत्र वितरण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि पी•के• सिन्हा ने कौशल विकास कार्यक्रम से लाभान्वित हुए सभी प्रशिक्षुओं को बधाई देते हुए कहा कि एनसीएल अपने संविदा कर्मियों और जरूरतमंद स्थानीय ग्रामीणों का कौशल विकास कर उन्हें रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने हेतु निरंतर प्रतिबद्ध है। कंपनी का हमेशा यह प्रयास रहा है कि स्थानीय जरूरतमंद लोगों को सर्वोत्तम कौशल विकास प्रशिक्षण दिया जाए, ताकि वे किसी रोजगार या स्वयं के कारोबार के जरिए आत्मनिर्भर बन सकें। श्री सिन्हा ने कहा कि एनसीएल आने वाले समय में अपनी कौशल विकास योजना का विस्तार करके स्थानीय लोगों की आवश्यकतानुसार कई रोजगारपरक कौशल विकास कार्यक्रम शुरू करेगी। उन्होंने संविदाकारों और ग्रामीण युवाओं से एनसीएल के इस प्रयास का अधिक से अधिक संख्या में लाभ उठाकर आत्म-निर्भर बनने का आह्वान किया।

निदेशक (तकनीकी/संचालन) गुणाधर पाण्डेय ने कहा कि भारत सरकार की कौशल विकास योजना को आगे बढ़ाते हुए एनसीएल ने बड़ी संख्या में अपने परिक्षेत्र के युवाओं को रोजगार परक प्रशिक्षण दिया है। कंपनी जरूरतमंद महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण में योगदान देकर विशेष रूप से गौरवांवित है। एनसीएल इन सभी युवाओं को रोजगार प्रपट करने या अपना स्वयं का रोजगार शुरू करने में योगदान देने का यथासंभव प्रयास करेगी।

निदेशक (तकनीकी/परियोजना एवं योजना) पी॰एम॰प्रसाद ने कहा कि संविदा कर्मियों के कौशल विकास हेतु कोल इंडिया लिमिटेड की सभी अनुषंगी कंपनियों में सबसे पहले प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफलतापूर्वक संचालन कर एनसीएल ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि कंपनी केवल कोयला उत्पादन एवं प्रेषण में ही नहीं, बल्कि अपने सामाजिक सरोकारों के निर्वहन में भी कोल इंडिया की अग्रणी कंपनी है।

भारत सरकार इन दिनों जोर-शोर से ’कौशल विकास योजना’ चला रही है, जिसका उद्देश्य लोगों के पूर्व कौशल को या तो मान्यता देना है या फिर नए सिरे से उनका कौशल विकास करना है। इस योजना में योगदान देते हुए एनसीएल ने नैशनल स्किल डेवलेपमेंट कॉरपोरेशन (एनएसडीसी) के सहयोग से कंपनी में कार्य कर रहे संविदा कर्मियों के पूर्व कौशल को मान्यता देने हेतु और जरूरतमंद ग्रामीण युवतियों के कौशल विकास हेतु अनेक प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए हैं। बुधवार को इन सभी कार्यक्रमों के कोर्स सफलतापूर्वक पूरा करने वाले प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण प्रमाण-पत्र दिए गए।

● संविदाकर्मियों के पूर्व कौशल को अधिमान्यता

संविदा कर्मियों में ज्यादातर ऐसे थे जो किसी कार्य को करना जानते तो थे, लेकिन उनके पास उस कार्य को करने का प्रमाण-पत्र न होने से कार्य की आधिकारिक मान्यता नहीं थी। अब प्रमाण-पत्र मिलने से ऐसे संविदा कर्मियों के कार्यों को अधिमान्यता प्राप्त हो गई है। प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान एनसीएल के विभिन्न कोयला क्षेत्रों में काम करने वाले लगभग 2500 संविदा कर्मियों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया, जिनमें से कोर्स को सफलतापूर्वक पूरा करने वाले 2064 संविदा कर्मियों को प्रशिक्षण प्रमाण-पत्र दिए गए।

सीएसआर के तहत ग्रामीण युवतियों का कौशल विकास एनसीएल अपने निगमित सामाजिक दायित्व (सीएसआर) कार्यक्रम के तहत गत कई वर्षों से स्थानीय ग्रामीणों को रोजगारपरक प्रशिक्षण दिला रही है। अपनी इसी मुहिम को व्यापक बनाते हुए एनएसडीसी के सहयोग से कंपनी के बीना क्षेत्र ने घरसड़ी, बरवानी, चंदुवार एवं जवाहर नगर और खड़िया क्षेत्र ने कोटा बस्ती की कुल 160 जरूरतमंद ग्रामीण युवतियों को सिलाई-कढ़ाई का 45 दिन का प्रशिक्षण दिलाया। प्रशिक्षण कार्यक्रम की समाप्ति के बाद ली गई परीक्षा को पास करने वाली 140 युवतियों को बुधवार को प्रमाण-पत्र दिए गए।

दोनों कार्यक्रम के लाभार्थियों को दिए गए प्रमाण-पत्र अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मान्य हैं, जिनकी ऑनलाइन सत्यता एनएसडीसी की वेबसाइट पर जाकर जांची जा सकती है।

● हुनर को मिला निखार

प्रशिक्षण प्रमाण-पत्र प्राप्त करने वाले कुछ लाभार्थियों ने कार्यक्रम में मुख्य एवं विशिष्ट अतिथियों के समक्ष अपने अनुभव साझा किए। चंदुवार की पुष्पा दूबे ने कहा कि प्रशिक्षण प्राप्त करने से पहले वे सिलाई करना तो जानती थीं, लेकिन उन्हें सिलाई में दक्षता ट्रेनिंग के बाद मिली है। कोटा बस्ती की महिमा ने बताया कि कोर्स पूरा करने के बाद उन्हें एक नई पहचान मिली है। संविदा कर्मी कमल झा ने कहा कि पहले उनके पास हुनर तो था, लेकिन हुनर के साथ योग्यता कोर्स के बाद मिली है। दोनों प्रशिक्षण कार्यक्रमों का संचालन एनसीएल के महाप्रबंधक (मानव संसाधन) राजशेखर कोट्टूरी के नेतृत्व में किया गया। प्रमाण-पत्र वितरण कार्यक्रम में एनसीएल के विभिन्न क्षेत्रों के महाप्रबंधक, मुख्यालय के विभागाध्यक्ष और बड़ी संख्या में एनसीएल के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

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