पत्नी का इलाज और पंचायत में विरोधियों का सफाए पर अनूव्रत का जोर



---रंजीत लुधियानवी, कोलकाता, 28 मार्च 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।

वीरभूम जिले के तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष अनूव्रत मंडल की पत्नी गंभीर बीमारी से पीड़ित है और कोलकाता के अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है। दूसरी ओर, पंचायत चुनाव की अंतिम तैयारियां पूरी करने के लिए उन्हें जिले में प्रतिदिन एक जगह से दूसरी जगह जाना पड़ रहा है। इसके लिए उन्हें प्रतिदिन कोलकाता से वीरभूम के बीच यातायात करना पड़ रहा है। तृणमूल कार्यकर्ताओं और नेताओं के लिए लौह पुरूष मंडल का लक्ष्य पत्नी को स्वस्थ करने के साथ ही पंचायत चुनाव में विरोधी दल का सफाया करते हुए पूरी तरह जीत हासिल करना है।

सूत्रों का कहना है कि मंडल के कारण बाघ और बकरी एक ही घाट में पानी पीते हैं, लेकिन पत्नी छायारानी की शारीरिक हालत के कारण उनकी व्यस्तता बढ़ गई है। बीते कुछ दिनों से रात भर पत्नी के साथ अस्पताल में गुजारने के बाद सुबह बोलपुर पहुंच जाते हैं। भागदौड़ की जिंदगी में शाम ढलते ही फिर कोलकाता चले आते हैं।

बताया जाता है कि उनकी सभाओं में महिलाओं की खासी भीड़ होती है, वे महिलाओं से अपील करते हैं कि उनकी पत्नी की अच्छी सेहत के लिए दुआ करें। वाममोर्चा के हिंसक हमलों की याद दिलाते हुए वे महिलाओं को बताते हैं कि उन दिनों जान बचाने और दल के लिए काम करने के लिए छुप-छुप कर रहते थे। किसी तरह रात दो-ढाई बजे जब घर पहुंचते थे, पत्नी राह देखती मिलती थी। सालों तक घर नहीं लौटने पर भी देर रात तक वह बरामदे में निहारती रहती थी। आप लोगों की भाभी की इस हालत के लिए मैं ही जिम्मेवार हूं, लेकिन कर क्या सकता था ?

हालांकि मंडल का दावा है कि बीते बुरे दिन अब वापस नहीं आएंगे और जिले में तृणमूल का परचम लहराता रहेगा। उनका कहना है कि कहीं भी विरोधी दल को वोट नहीं मिलना चाहिए। विरोधी शून्य पंचायत के लक्ष्य को लेकर वे दिन रात एक कर रहे हैं। उनका कहना है कि उपर वाला भी हमारी मदद करेगा। मालूम हो कि शिवभक्त मंडल शिवरात्री की रात शिव को 108 बेल पत्ते भेंट करने के बाद देर रात राजारहाट के टाटा कैंसर रिसर्च सेंटर में पत्नी के पास पहुंच गए थे। शिव को भेंट किए बेल पत्ते पत्नी के माथे पर लगाते हुए उन्हें आश्वासन देते हुए कहा था कि महादेव तुम्हारी रक्षा करेंगे। इतना ही नहीं, काशी के काशी विश्वनाथ मंदिर से सन्यासी छविरानी के स्वस्थ होने की कामना करते हुए यहां पहुंचे हैं। काशी में पत्नी के स्वस्थ रहने की कामना करते हुए उन्होंने यज्ञ भी करवाया है।

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