आसनसोल में ताजा हिंसा के बाद धारा 144 लागू



---रंजीत लुधियानवी, कोलकाता, 28 मार्च 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़

● रामनवमी जुलूस के दौरान हिंसा पर केंद्र ने मांगी रिपोर्ट

रामनवमी के जुलूसों के मुद्दे पर भड़की हिंसा के मुद्दे पर केंद्र ने राज्य सरकार से रिपोर्ट मांगी है। इसबीच, इस मुद्दे पर आसनसोल में बुधवार को लगातार तीसरे दिन हिंसा की ताजा घटनाओं के बाद इलाके में धारा 144 लागू कर दी गई है। कानून व व्यवस्था बनाए रखने के लिए इलाके में बड़े पैमाने पर पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स (रैफ) के जवानों को तैनात कर दिया गया है। सरकारी सूत्रों ने यहां इसकी जानकारी दी।

सूत्रों ने बताया कि केंद्र ने रविवार और सोमवार को राननवमी के जुलूसों के मुद्दे पर राज्य के विभिन्न हिस्सों में भड़की हिंसा पर सरकार से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। केंद्र ने राज्य में कानून व व्यवस्था की स्थिति बहाल करने के लिए अर्धसैनिकों बलों की तैनाती के रूप में सहायता की भी पेशकश की है।

ध्यान रहे कि पुरुलिया, आसनसोल, रानीगंज व कांकिनाड़ा में भड़की हिंसा के दौरान तीन लोगों की मौत हो गई और कई पुलिसवाले घायल हो गए। रानीगंज में एक बम विस्फोट में पुलिस उपायुक्त अरिंदम दत्त चौधरी का दाहिना हाथ उड़ गया था। सूत्रों ने बताया कि बुधवार को आसनसोल में दो तबकों के बीच हिंसक झड़प के बाद सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

आसनसोल से भाजपा सांसद बाबुल सुप्रियो ने मंगलवार को ममता बनर्जी सरकार पर तुष्टिकरण की राजनीति के जरिए सांप्रदायिक सद्भाव को नष्ट करने का आरोप लगाया। उन्होंने राज्यपाल केसरी नाथ त्रिपाठी से मुलाकात कर उनको रानीगंज की ताजा परिस्थिति से भी अवगत कराया।

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पुलिस को हथियारों के साथ रैली में शामिल होने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का निर्देश दिया है। उनका कहना है कि धर्म के नाम पर गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं की जा सकती।

इस आरोप में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष और महिला मोर्चा अध्यक्ष लाकेट चटर्जी के खिलाफ मामला भी दायर किया गया है। पुलिस ने विभिन्न इलाकों में हुई हिंसा के सिलसिले में कम से कम 20 लोगों को गिरफ्तार किया है।

सूत्रों ने बताया कि सोमवार से ही राज्य के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करते हुए भारी तादाद में पुलिस वालों को तैनात किया गया है।

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