रामनवमी की हिंसा पर मानवाधिकार आयोग ने भेजा नोटिस



---रंजीत लुधियानवी, कोलकाता, 02 अप्रैल 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने बीते सप्ताह रामनवमी के जुलूसों के मुद्दे पर पश्चिम बर्दवान जिले के आसनसोल और रानीगंज में भड़की हिंसा पर राज्य सरकार और पुलिस महानिदेशक को नोटिस भेजा है। आयोग ने पुलिस महानिदेशक को एक टीम का गठन कर मौके पर जांच कर उक्त हिंसा की जांच करने का निर्देश दिया है। सरकारी सूत्रों ने सोमवार को यहां इसकी जानकारी दी।

इससे पहले बीते 29 मार्च को केंद्र ने भी राज्य सरकार से रामनवमी की हिंसा पर एक रिपोर्ट मांगी थी और परिस्थिति पर काबू पाने के लिए केंद्रीय बलों को भेजने की पेशकश की थी। राज्य सरकार ने रिपोर्ट तो भेज दी थी। लेकिन केंद्रीय बल भेजने का प्रस्ताव खारिज कर दिया। अब मानवाधिकार आयोग ने उक्त हिंसा का संज्ञान लेते हुए सरकार को नोटिस भेजा है। सूत्रों ने बताया कि आयोग ने सरकार से यह बताने को कहा है कि आसनसोल-रानीगंज इलाकों में हिंसा की वजहें व प्रकृति क्या थी। आयोग ने पुलिस महानिदेशक से मौके पर जाकर जांच के लिए एक टीम का गठन करने को भी कहा है।

ध्यान रहे कि उक्त हिंसा में कम से कम दो लोगों की मौत हो गई और दर्जनों लोग घायल हो गए थे। इसके अलावा दर्जनों घरों व दुकानों में आग लगा दी गई थी। इलाके में सांप्रदायिक हिंसा भड़कने के बाद सैकड़ों लोगों ने घर छोड़ कर राहत शिविरों में शरण ली है। अब हिंसा प्रभावित इलाकों में हालात धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं। उक्त इलाकों में अब भी भारी तादाद में सुरक्षा बल के जवानों को तैनात रखा गया है। ऐहतियात के तौर पर वहां धारा 144 लागू है और इंटरनेट सेवाएं चार अप्रैल तक स्थगित कर दी गई हैं।

रविवार को भाजपा के एक चार-सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने इलाके में लागू निषेधाज्ञा का उल्लंघन कर आसनसोल के प्रभावित इलाकों का दौरा किया था। उसने कुछ राहत शिविरों का दौरा कर हिंसा से प्रभावित लोगों से बातचीत की थी। बाद में प्रतिनिधिमंडल में शाामिल भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने हिंसा पर काबू पाने में नाकाम रहने के लिए राज्य सरकार की खिंचाई की थी।

उससे पहले शनिवार को राज्यपाल केसरी नाथ त्रिपाठी ने भी आसनसोल-रानीगंज इलाकों का दौरा कर हिंसा से प्रभावित लोगों से मुलाकात की थी। उन्होंने वहां एक उच्च-स्तरीय बैठक में हालात की समीक्षा भी की थी।

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