नई दिल्ली, 09 अप्रैल 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।
● भारतीय रेल की शोध संस्था शोध, डिजायन एवं मानक संस्थान (आरडीएसओ) द्वारा भारतीय उद्योग को आकर्षित करने की एक पहल
भारतीय रेलवे में व्यापार को सुगम बनाने के लिये शोध, डिजायन एवं मानक संस्थान (आरडीएसओ) सक्रिय रूप से विभिन्न शहरों में वेंडरों के साथ बैठकें आयोजित करके भारतीय उद्योग जगत से संपर्क कर रहा है, इन बैठकों में आरडीएसओ के वरिष्ठ अधिकारी संभावित सेवा प्रदाताओं से मुलाकात कर उन्हें नयी ऑनलाइन वेंडर पंजीकरण प्रणाली की विशेषताओं और उसके आसान प्रयोग के बारे में शिक्षित कर रहे हैं।
लघु उद्योग भारती के सहयोग से पहली ऐसी सेवा प्रदाता बैठक राजकोट में 24 जनवरी 2018 को आयोजित की गयी थी जिसमें बैठक में उपस्थित करीब 200 सेवा प्रदाताओं की शंकाओं और प्रश्नों का समाधान वहीं पर वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रश्नोत्तर सत्र के जरिये किया गया था।
इसी प्रकार की सेवा प्रदाता बैठकें अन्य शहरों जैसे फरीदाबाद, लुधियाना, साहिबाबाद, कोयम्बटूर, पुणे और नोएडा में क्रमश:22.02.2018, 07.03.2018, 09.03.2018, 15.03.2018, 04.04.2018 और 05.04.2018 को आयोजित की जा चुकी हैं।
उद्योग जगत ने इन कदमों का स्वागत किया है। अप्रैल और मई 2018 में सात अन्य स्थानों पर ये बैठकें आयोजित की जा रही हैं।
इसका ब्योरा निम्नलिखित है।
संख्या
सेवा प्रदाताओं के साथ बैठक का स्थान
दिनांक
भाग लेने वाले सेवा प्रदाताओं की संख्या
1
राजकोट
24.01.2018
200
2
फरीदाबात
22.02.2018
75
3
लुधियाना
07.03.2018
90
4
साहिबाबाद
09.03.2018
60
5
कोयम्बटूर
15.03.2018
30
6
पुणे
04.04.2018
110
7
नोएडा
05.04.2018
90
8
कानपुर
06.04.2018
प्रस्तावित
9
जमशेदपुर
06.04.2018
प्रस्तावित
10
रायपुर
23.04.2018
प्रस्तावित
11
पटना
24.04.2018
प्रस्तावित
12
जयपुर
25.04.2018
प्रस्तावित
13
कोलकाता
27.04.2018
प्रस्तावित
14.
मुंबई
04.05.2018
प्रस्तावित
इन प्रयासों के परिणामस्वरूप आरडीएसओ के सिस्टम पर पंजीकरण के लिये आने वाले आवेदनों की संख्या जो कि पहले औसतन 25 प्रति माह थी वह अब बढ़कर औसतन 60 प्रति माह हो गयी है। 01.11.2017 से 16.03.2018 के दौरान आरडीएसओ ने 1231 सेवा प्रदाताओं के खातों का पंजीकरण किया और 208 मामलों में भुगतान प्राप्त किया और 27 सेवा प्रदाताओं के नाम सूची से हटा दिये हैं।
इस प्रकार आरडीएसओ ने भारतीय उद्योग के लिये अपनी बाहें पसार रखी हैं और उद्योग जगत के लिये अनुकूल एक संगठन बनने की दिशा में अग्रसर है। इन पहलों का सभी के द्वारा स्वागत एवं प्रशंसा की गयी है।
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