---रंजीत लुधियानवी, कोलकाता, 12 अप्रैल 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।
कलकत्ता हाईकोर्ट ने बृहस्पतिवार को राज्य में अगले महीने होने वाले पंचायत चुनावों की प्रक्रिया पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है। उसने राज्य चुनाव आयोग से सोमवार तक चुनाव प्रक्रिया पर विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट मांगी है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 16 अप्रैल को होगी।
भाजपा की ओर से दायर एक याचिका पर सुनवाई के बाद अदालत ने उक्त फैसला दिया। हाईकोर्ट ने अदालत को गुमराह करने के आरोप में भाजपा पर पांच लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है। विपक्ष ने अदालत के फैसले का स्वागत किया है। उधर, तृणमूल कांग्रेस ने हाईकोर्ट की खंडपीठ में इस फैसले को चुनौती देने का फैसला किया है।
भाजपा की ओएर से दायर याचिका पर सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति सुब्रत तालुकदार ने 16 अप्रैल तक चुनाव प्रक्रिया पर रोक लगाते हुए चुनाव आयोग से सोमवार तक इस मुद्दे पर विस्तृत रिपोर्ट जमा करने को कहा। इसमें दूसरी तथ्यों के अलावा नामांकन पत्रों की तादाद और रद्द होने वाले नामांकनों का प्रतिशत भी बताने को कहा गया है। अदालत के अगले आदेश तक नाम वापस लेने और नामांकन पत्रों की जांच की प्रक्रिया ठप रहेगी। इससे पहले न्यायमूर्ति तालुकदार ने 10 अप्रैल को राज्य चुनाव आयोग की ओर से नामांकन पत्र दाखिल करने की समयसीमा बढ़ाने वाला आदेश वापस लेने के फैसले पर भी अंतरिम रोक लगा दी थी।
जज ने भाजपा पर पंचायत चुनावों के तथ्यों के बारे में अदालत को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए उस पर पांच लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया। उन्होंने कहा कि पार्टी ने एक ही मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट में अलग-अलग याचिकाएं दायर की हैं। अगले महीने की एक, तीन व पांच तारीख को होने वाले चुनावों के लिए नाम वापस लेने की अंतिम तारीख भी 16 अप्रैल ही है।
विपक्ष ने अदालत के फैसले का स्वागत किया है। आसनसोल के भाजपा सांसद व केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो ने कहा कि हम इस फैसले का स्वागत करते हैं। भाजपा नेता मुकुल राय ने इसे पार्टी की नैतिक जीत करार दिया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अधीर चौधरी ने कहा कि अदालत का फैसला सराहनीय है। सरकार, पुलिस व चुनाव आयोग तो मूकदर्शक बने हुए हैं। लेकिन अदालत ने हमारी समस्याएं सुनी हैं।
ध्यान रहे कि नौ अप्रैल की रात को राज्य चुनाव आयोग ने नामांकन पत्र दाखिल करने की समयसीमा एक दिन बढ़ा दी थी। लेकिन अगले ही दिन उसने अपने इस आदेश को वापस ले लिया था। इसी के खिलाफ भाजपा ने पहले सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था और उसके निर्देश पर आज हाईकोर्ट में याचिका दायर की।
उधर, तृणमूल कांग्रेस ने एकल पीठ के आदेश को खंडपीठ के समक्ष चुनौती देने का फैसला किया है। तृणमूल कांग्रेस सांसद एडवोकेट कल्याण बनर्जी ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया शुरू हो जाने के बाद उसे रोका नहीं जा सकता। हम इसके खिलाफ खंडपीठ में अपील करेंगे। उन्होंने कहा कि भाजपा पर अदालत की ओर से लगाए गए जुर्माने से साफ है कि वह (भाजपा) झूठी अफवाहें फैला रही है।
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