मामला न्यायालय से.......



संतोष यादव सुलतानपुर। कूटरचना कर किए गए बैनामे के मामले में धोखाधड़ी के शिकार हुए भाजपा नेता की तरफ से आरोपियों के विरूद्ध मुकदमा दर्ज कराने को लेकर सीजेएम कोर्ट में अर्जी दी गई जिस पर सुनवाई के पश्चात सीजेएम विजय कुमार आजाद ने नगर कोतवाल से आगामी 29 अगस्त के लिए रिपोर्ट तलब की है।

मामला कोतवाली नगर क्षेत्र अन्तर्गत स्थित चांदपुर सैदोपट्टी से जुड़ा है। जहां पर स्थित भूखण्ड संख्या 1160 मि० में अपने हिस्से की भूमि बताते हुए आरोपी इश्तियाक अंसारी निवासी अफलेपुर ने गोमती हास्पिटल के संचालक व भाजपा नेता डा० आर०ए० वर्मा को 21 नवम्बर 2008 को बैनामा कर दिया। इसी बैनामे में स्वयं को धोखाधड़ी का शिकार बताते हुए भाजपा नेता ने सीजेएम कोर्ट में अर्जी दी है जिसमें आरोप लगाया है कि इस बैनामे की भूमि संबंधी अभिलेखों में अपना नाम अंकित कराने के लिए भाजपा नेता ने प्रार्थना-पत्र दिया तो इस पर अबरार निवासी घरहां खुर्द ने आपत्ति जताते हुए उस जमीन को अपने बैनामे की भूमि होना बताया। भाजपा नेता का आरोप है कि असलम शाह ने इसी जमींन का बैनामा 31 मई 1996 को अबरार के पक्ष में किया था। इसके बाद उसने धोखे से इसी जमींन का बैनामा 19 फरवरी 1998 में इश्तियाक के पक्ष में कर दिया और इश्तियाक ने सारे खेल की जानकारी होने के बावजूद भी धोखाधड़ी से उसी जमींन का बैनामा भाजपा नेता के पक्ष में कर दिया। इसी मामले में धोखाधड़ी का शिकार हुए भाजपा नेता ने असलम शाह निवासी सेमरी दरगाह गोसाईगंज व मो. इश्तियाक अंसारी अफलेपुर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने को लेकर अर्जी दी है। सीजेएम विजय कुमार आजाद ने उनकी अर्जी पर सुनवाई के पश्चात नगर कोतवाल से आगामी 29 अगस्त के लिए आख्या तलब है।


• धोखाधड़ी का शिकार हुए भाजपा नेता आरए वर्मा ने कोर्ट में दी गई अर्जी में यह भी तथ्य दर्शाया है कि उन्होंने इस घटना के संबंध में नगर कोतवाल को प्रार्थना पत्र दिया था,जहां से सुनवाई न होने पर पुलिस अधीक्षक के पास भी शिकायत की थी,दोनों जगहो से शिकायत के बावजूद भी कार्यवाही न होने पर उन्होंने कोर्ट की शरण ली।ऐसे में निष्पक्ष कार्यवाही का दावा करने वाली योगी सरकार में जब उनके नेता ही पुलिसिया कार्यशैली से संतुष्ट नही है,तो औरों की क्या दशा होगी ,यह भी अहम सवाल बना हुआ है।


************


नगरडीह के बहुचर्चित हत्याकांड में आरोपी किशोर की तरफ से जिला एवं सत्र न्यायालय में जमानत की मांग को लेकर किशोर न्याय बोर्ड के आदेश के खिलाफ अपील की गयी। जिस पर सुनवाई के पश्चात जिला जज ने आरोपी को राहत न देते हुए अपील खारिज कर दी।

मामला पीपरपुर थाना क्षेत्र के नगरडीह गांव से जुड़ा है। जहां पर बीते 17 दिसम्बर को पीड़िता अपनी मां के साथ गेहूं की सिंचाई करने गयी थी। इस दौरान उसे अकेला पाकर आरोपी सूरज पांडेय निवासी नगरडीह ने अपने साथी के साथ उससे अश्लील हरकत की एवं विरोध करने पर उसे जहरीली दवा पिला दी। जिसके पश्चात उसे अस्पताल ले जाया गया,जहां पर उसका मृत्युपूर्व बयान भी दर्ज हुआ आैर तत्पश्चात उसकी ईलाज के दौरान मौत हो गयी। इस मामले में तात्कालीन थानाध्यक्ष भरत उपाध्याय की कार्यशैली एफआईआर दर्ज करने से लेकर पोस्टमार्टम कराने एवं आरोप पत्र दाखिल करने तक सवालों के घेरे में रही। फिलहाल चार्जशीटेड किशोर आरोपी सूरज पांडेय को जेल भेजने की कार्रवाई की गयी। जिसकी जमानत अर्जी बीते छह जुलाई को किशोर न्याय बोर्ड ने खारिज कर दिया था। इसी आदेश के विरुद्ध आरोपी सूरज पांडेय के संरक्षक बने उसके पिता दुर्गाप्रसाद पांडेय ने जिला जज की अदालत में अपील दायर की। जिस पर सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने आरोपों को निराधार बताया,वहीं जिला शासकीय अधिवक्ता शुकदेव यादव ने विरोध जताया एवं अभियोजन पक्ष से पैरवी कर रहे प्राइवेट अधिवक्ता अशोक कुमार सिंह ने अपराध को अत्यंत गंभीर बताते हुए थानाध्यक्ष भरत उपाध्याय व अन्य पुलिस कर्मियों के जरिए जांच के लिए भेजी जाने वाली स्लाइड के लिफाफे में भी घाल मेल करने का आरोप लगाते हुए अब तक उसकी रिपोर्ट न दाखिल कर पाने का तर्क रखते हुए जमानत पर विरोध जताया। तत्पश्चात जिला न्यायाधीश प्रमोद कुमार ने आरोपी किशोर को जमानत न देते हुए उसकी अपील खारिज कर दी।

वहीं लंभुआ थाना क्षेत्र के शंभूगंज में भारी मात्रा में हुई अवैध शराब बरामदगी के मामले में जेल गये आरोपी प्रिंस सिंह सुत ओमप्रकाश सिंह निवासी पयागीपुर की तरफ से जिला जज की अदालत में जमानत अर्जी प्रस्तुत कर अंतरिम जमानत की मांग की गयी। जिस पर सुनवाई के पश्चात जिला न्यायाधीश ने आरोपी प्रिंस की जमानत अर्जी खारिज कर दी।


***********


अपहृत हुई पीड़िता का हाईकोर्ट के निर्देश पर अदालत में बयान दर्ज हुआ,लेकिन उम्र का निर्धारण न हो पाने के चलते उसकी सुपुर्दगी को लेकर पेंच फंस गया है। सीजेएम विजय कुमार आजाद ने उम्र के वेरीफिकेशन को लेकर संबंधित प्रधानाध्यापक को आगामी 23 अगस्त के लिए तलब किया है।

मालूम हो कि कोतवाली नगर क्षेत्र में हुए अपहरण के मामले में लड़की के पिता ने मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें पुलिसिया कार्यशैली से नाराज होकर उसने हाईकोर्ट की शरण ली। हाईकोर्ट के निर्देश के बावजूद लड़की का बयान व मेडिकल न दर्ज कराने को लेकर अभी हाल में ही विवेचक महेन्द्र कुमार को घंटो तक कस्टडी में भी खड़ा होना पड़ा था। जिसके बाद लड़की का बयान व मेडिकल हुआ तो कोर्ट ने उन्हें कस्टडी से बाहर निकालने का आदेश दिया। इस मामले में गुरुवार को पीड़िता का अदालत में बयान दर्ज हुआ। जिसके बाद उसकी सुपुर्दगी को लेकर मां की तरफ से अर्जी दी गयी है। जबकि लड़की मेडिकल में बीस वर्ष की बतायी गयी है आैर उसने अपने बयान में भी स्वयं को बीस वर्ष का होना बताया है,वहीं विवेचक की तरफ से दाखिल किये गये शैक्षिक प्रमाणपत्र के मुताबिक वह अभी 17 वर्ष से कम है। उम्र का निर्धारण न हो पाने की वजह से पीड़िता की सुपुर्दगी को लेकर पेंच फंस गया है। जिसको लेकर सीजेएम विजय कुमार आजाद ने लघु माध्यमिक विद्यालय शंकर सुबन बहलोलपुर के प्रधानाध्यापक को व्यक्ति रूप से तलब किया है।तब तक के लिए लड़की को पुलिस अभिरक्षा में रखने का निर्देश दिया गया है।

https://www.indiainside.org/post.php?id=242