बंगाल : सीमावर्ती इलाकों में वैध को अवैध और अवैध को वैध दिखाए जाने का कारनामा



---प्रकाश पाण्डेय, कोलकाता, 25 अप्रैल 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।

● सीमावर्ती इलाकों में वैध को अवैध और अवैध को वैध साबित करती पुलिस से परेशान ट्रेडर्स और ट्रांसपोर्टर

● दार्जिलिंग के फासीदेवा पुलिस स्टेशन के ओसी पर लगाया आरोप, कहा, जान से मारने की दे रहे हैं धमकी

बंगाल के सीमावर्ती इलाकों में इन दिनों वैध को अवैध और अवैध को वैध दिखाए जाने का कारनामा जोरों पर जारी है और इस खेल के केंद्र में पुलिस की भूमिका उजागर हो रही है। आए दिन बिहार, उत्तर प्रदेश और हरियाणा से मवेशियों को लाया जाता और उन्हें अवैध तरीके से सरहद के पार भेज दिया जाता है। तस्करी का यह खेल पुलिस और तस्करों के तालमेल से सम्भव हो पाता है और ऐसे में मवेशी तस्करी का धंधा फल-फूल रहा है। लेकिन कुछ ऐसे भी लोग है जो वैध तरीके से कृषि व अन्य कामों के लिए देश के विभिन्न हिस्सों से मवेशियों को खरीद कर उत्तर-पूर्व के राज्यों में ले जाते हैं जिन्हें इन दिनों कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बावजूद इसके की उनके पास इस काम को करने के लिए लाइसेंस है। इन्हीं समस्याओं को लेकर सोमवार 23 अप्रैल को महानगर स्थित प्रेस क्लब में ऑल इंडिया लाइवस्टॉक ट्रेडर्स और ट्रांसपोर्टर एसोसिएशन की ओर से एक विशेष संवाददाता सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसमें एसोसिएशन के अध्यक्ष अरुण लिंगदोह और सचिव मुन्ना साइकिया उपस्थित थे।

पत्रकारों से मुखातिब होने के दौरान एसोसिएशन के सचिव मुन्ना साइकिया ने कई अहम दस्तावेज भी पेश किए और उन्होंने कहा कि वे पूरी तरह से वैध तरीके से अपना काम कर रहे हैं। बावजूद इसके उन्हें पुलिस की ओर से लगातार धमकियां दी जा रही है कि वे इस कारोबार को बंद कर दे या फिर उनके वैध लाइसेंस को उन्हें दे दें और इसके एवज में उन्हें हर माह तीन लाख रुपए दे दिए जाएंगे। जिसके लिए साइकिया तैयार नहीं है। ऐसे में उन्हें जान से मारने की भी धमकी दी जा रही है। आगे उन्होंने विस्तार पूर्वक समस्या को रखते हुए कहा कि दार्जिलिंग जिले के अंतर्गत पड़ने वाले फासीदेवा पुलिस स्टेशन के ऑफिसर-इन-चार्ज संजय दास गलत तरीके से लाइसेंस धारक ट्रांसपोर्टरों को परेशान कर रहे हैं और उनसे गैरवाजिब रुपयों की मांग करते हैं। इतना ही नहीं उन्हें इस काम को छोड़ने की धमकियां भी दी जा रही है और साथ ही यह भी कहा जा रहा है कि वे उनका वैध लाइसेंस उन्हें सौंप दे, जिसके एवज में उन्हें हर माह तीन लाख रुपए दे दिए जाएंगे।

मुन्ना साइकिया ने इस मामले की शिकायत एसपी को भी की थी, जिसके बाद ओसी संजय को चेतावनी भी दी गयी थी लेकिन इसके बाद भी वो अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है।

वहीं पीड़ित ने बताया कि पिछले तीन माह से ये दिक्कतें कुछ ज्यादा ही बढ़ गयी है। उक्त समस्या के बाबत पीड़ित ने राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति तक को खत लिखा। लेकिन उनका हर प्रयास विफल ही रहा और आखिरकार एक बार से वे सक्रिय ढंग से कोशिश करते हुए राज्य की मुख्यमंत्री से मिलने के लिए राजधानी कोलकाता आए हैं। मुख्यमंत्री से मुलाकात से पहले उन्होंने एक संवाददाता कार्यक्रम के जरिए उक्त समस्याओं को प्रेस के समक्ष रखा।

एसोसिएशन के अध्यक्ष अरुण लिंगदोह ने कहा कि तस्करों की मदद के लिए ही हमें परेशान किया जा रहा है और खासकर सीमावर्ती जिलों के पुलिस द्वारा आए दिन नाना तरीकों से उन्हें झूठे मामलों में फंसाया जा रहा है। आगे उन्होंने कहा कि उत्तर दिनाजपुर, दार्जिलिंग, जलपाईगुड़ी, अलीपुरद्वार और कुचबिहार में इस तरह के वाक्याओं में लगातार इजाफा हो रहा है। ऐसे में पुलिस और तस्करों की तालमेल को उजागर करने के मकसद से ही वे लोग कोलकाता आए हुए हैं और उन्हें उम्मीद है कि राज्य की मुख्यमंत्री दोषी के खिलाफ सख्त एक्शन लेंगी।

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