04 मई 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।
(●) भारतीय रेल कल महिला स्पेशल उप-नगरीय ट्रेन की 26वीं वर्षगांठ मनाएगा
• विश्व में पहली महिला स्पेशल रेलगाड़ी 5 मई, 1992 को चर्चगेट और बोरीवली के बीच चली थी
भारतीय रेल और महिला यात्रियों के लिए 5 मई खुशी का दिन है। कल मुम्बई के चर्चगेट और बोरीवली के बीच 05 मई, 1992 को चलाई गई पहली महिला स्पेशल रेलगाड़ी के परिचालन की 26वीं वर्षगांठ है। 05 मई, 1992 को चर्चगेट और बोरीवली के बीच विश्व की पहली महिला स्पेशल रेलगाड़ी चलाई गई थी। भारतीय रेल द्वारा पूरी तरह महिलाओं के लिए समर्पित यह ट्रेन मील का पत्थर है। प्रारंभ में इसका परिचालन पश्चिम रेलवे के चर्चगेट और बोरीवली के बीच हुआ और 1993 में इसका विस्तार करके वीरार तक चलाना शुरू किया गया।
महिला स्पेशल ट्रेन महिलाओं के लिए वरदान साबित हुई, क्योंकि पहले उन्हें नियमित रेलगाडि़यों में महिला कम्पार्टमेंट में प्रवेश के लिए संघर्ष करना पड़ता था। इस ट्रेन को पूरी तरह समर्पित करने का उद्देश्य था कि महिलाएं आराम से यात्रा कर सकें। अति व्यस्त उपनगरीय लाइनों पर सफलतापूर्वक 26 वर्षों से चल रही महिला स्पेशल ट्रेन को महिला यात्री वरदान मानती है।
तब से महिला यात्रियों में सुरक्षा भाव भरने के लिए भारतीय रेल ने अनेक नवाचारी उपाय किये। अनेक महिला कोच में सीसीटीवी कैमरे लगाये गये हैं। पश्चिम रेलवे ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर पिछले वर्ष नये सुरक्षा उपाय के रूप में टॉक बैक प्रणाली लगाई। इस प्रणाली में आपात स्थिति में इकाई में स्थापित बटन को दबाकर किसी की लेडिज कोच की महिला यात्रियों और ट्रेन के गार्ड से दोतरफा संवाद कायम किया जा सकता है। यह महिला यात्रियों के लिए सुरक्षा और चिकित्सा की आपात स्थितियों में लाभकारी है।
(●) राष्ट्रीय रेल संग्रहालय अब शाम में भी खुलेगा
राष्ट्रीय रेल संग्रहालय आगंतुकों के लिए अब शाम में भी खुला रहेगा। संग्रहालय सप्ताह के अंतिम दिन आगंतुकों के लिए विस्तारित समय शाम 06 बजे से रात्रि 09 बजे तक खुला रहेगा। राष्ट्रीय रेल संग्रहालय दिल्ली एनसीआर में पर्यटकों के लिए प्रमुख आकर्षण है। चाणक्यपुरी डिप्लोमेटिक एन्क्लेव में 11 एकड़ से अधिक क्षेत्र में फैला राष्ट्रीय रेल संग्रहालय रेलवे की पुरानी यादों को ताजा करता है। इसमें रेलवे के पुराने दिनों के 75 से अधिक वास्तविक प्रदर्शनियों का संग्रह है।
आगंतुक इंडोर गैलरी, संगीत फव्वारा और प्रदर्शनियों की बहुरंगी प्रकाश व्यवस्था का आनंद लेंगे। प्रवेश द्वार, ट्वॉय ट्रेन स्टेशन तथा आसपास के क्षेत्र को विशेष रोशनी से सजाया गया है। इसके अतिरिक्त ‘द रेल्स’ रेस्तरां में बुफे डिनर में स्वादिष्ट व्यंजन उपलब्ध होंगे। इस रेस्तरां की डिजाइन सीएसएमटी मुम्बई के विश्व विरासत भवन के केन्द्रीय गुंबद की प्रतिकृति रूप में है। इसे पूर्ववर्ती राज्य रेलवे के चिन्हों के साथ सजाया गया है।
केन्द्रीय रेल तथा कोयला मंत्री पीयूष गोयल ने रेलवे संग्रहालय देखने आने वाले आगंतुकों की सुविधा के लिए संग्रहालय को शाम में भी खोलने का निर्देश दिया था। इसी के अनुसार विस्तृत प्रबंध किये गये। पिछले महीने रेल बोर्ड के अध्यक्ष अश्वनी लोहानी ने घोषणा की थी कि संग्रहालय आगंतुकों के लिए मई, 2018 से खोला जाएगा।
हाल में राष्ट्रीय रेल संग्रहालय के आगंतुकों के लिए 30 प्रतिशत डिस्काउंट के साथ कॉम्बो टिकट (डायमंड और गोल्ड) प्रारंभ किया गया है। यह आगंतुकों में काफी लोकप्रिय हो गया है। राष्ट्रीय रेल संग्रहालय के व्यापक नवीकरण का कार्य 2015 में शुरू किया गया था। इसकी अनेक नई विशेषताएं आभासी कोच सिमुलेटर, डीजल और भाप इंजन सिमुलेटर तथा नई इंडोर गैलरी बाद में शामिल की गई।
(●) रेल मंत्रालय ने स्टेशन परिसरों के सौन्दर्यीकरण के लिए पुरस्कारों की घोषणा की
• 62 प्रविष्टियों में से बल्हारशाह तथा चन्द्रपुर (मध्य रेलवे) को प्रथम पुरस्कार, मधुबनी (पूर्व मध्य रेलवे) तथा मदुरै (दक्षिण रेलवे) को दूसरा पुरस्कार तथा गांधी धाम (पश्चिम रेलवे) कोटा (पश्चिम मध्य रेलवे) को सिकंदराबाद (दक्षिण मध्य रेलवे) के साथ तीसरा पुरस्कार मिला
सृजनात्मकता के साथ स्वच्छता को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से रेल मंत्रालय ने सौन्दर्यीकृत किये गये स्टेशनों के लिए सभी क्षेत्रीय रेलवे से नामांकन आमंत्रित किया था। कार्यकारी निदेशक (स्टेशन विकास), दक्षिण मध्य रेलवे के मुख्य वाणिज्य प्रबंधक (सिस्टम), कार्यकारी निदेशक (पर्यटन) तथा नोर्थ ईस्ट फ्रंटीयर रेलवे के एक अधिकारी वाली मूल्यांकन समिति ने 11 क्षेत्रीय रेलवे से प्राप्त 62 प्रविष्टियों की समीक्षा की।
भारतीय रेल में सबसे सुन्दर स्टेशन के रूप में श्रेष्ठ कला को दिखाने के लिए मध्य रेलवे के बल्हारशाह तथा चन्द्रपुर स्टेशनों (नागपुर मंडल) को प्रथम पुरस्कार दिया गया है। बल्हारशाह और चन्द्रपुर रेलवे स्टेशनों को तादोबा वन की पेंटिंग और मूर्तिकला से सुसज्जित किया गया था। यात्रियों ने इसका स्वागत किया और उन्हें स्टेशन में ही तादोबा-वन की वन्य जीव सुन्दरता का अहसास हुआ। दोनों स्टेशनों को पुरस्कार राशि के रूप में 10 लाख रूपये दिये गये हैं।
बिहार में पूर्व मध्य रेलवे के समस्तीपुर मंडल के अंतर्गत आने वाले मधुबनी रेलवे स्टेशनों को मदुरै रेलवे स्टेशन (दक्षिण रेलवे) के साथ दूसरे स्थान पर घोषित किया गया है। पिछले वर्ष अक्टूबर में केवल 10 दिनों में 100 से अधिक कलाकारों ने मधुबनी स्टेशन को मधुबनी चित्रकारी से सजाया। इस चित्रकारी में श्री मीनाक्षी अम्मन मंदिर में सम्पन्न हुए विवाह समारोह में भगवान विष्णु द्वारा नववधु देवी मीनाक्षी को भगवान सुंदरेश्वरर को सौंपते हुए दिखाया गया है। इसके अतिरिक्त रेलवे स्टेशनों की अन्य दीवारों पर भी रंगीन चित्रकारी की गई है। द्वितीय पुरस्कार के विजेताओं को पुरस्कार राशि के रूप में 5 लाख रूपये मिलेंगे।
कोटा स्टेशन (पश्चिम मध्य रेलवे), गांधीधाम स्टेशन (पश्चिम रेलवे) तथा सिकंदराबाद स्टेशन (दक्षिण मध्य रेलवे) को तीसरा पुरस्कार विजेता घोषित किया गया। तीसरा पुरस्कार विजेताओं को पुरस्कार राशि के रूप में तीन लाख रूपये मिलेगे। सिकंदराबाद स्टेशन को नया रूप दिया गया है और इसे चेरियाल कुंडलित चित्रकारियों से सजाया गया है। चेरियाल, तेलंगाना के वारंगल के निकट एक गांव है। चित्रकारी में प्रदर्शित वेशभूषा और विन्यास तेलंगाना की समृद्ध संस्कृति का प्रामाणिक प्रदर्शन है। इसमें शामिल किया गया ग्रामीण परिवेश विशेषता और आनंद प्रदान करता है।
(●) रेल मंत्रालय गोरखपुर आनंद विहार हमसफर एक्सप्रेस के फेरे बढ़ाएगा
• मनोज सिन्हा ट्रेन नंबर-02571 गोरखपुर-आनंद विहार हमसफर एक्सप्रेस को झंडी दिखाकर रवाना करेंगे तथा गोरखपुर स्टेशन पर विभिन्न यात्री सुविधाओं को समर्पित करेंगे
यात्रियों की बढ़ती मांग को देखते हुए रेल मंत्रालय ने दिल्ली-गोरखपुर रेल खंड में गोरखपुर-आनंद विहार हमसफर ट्रेन के फेरों को बढ़ाने का निर्णय लिया है। सप्ताह में तीन दिन चलने वाली यह ट्रेन अब प्रतिदिन चलेगी। ट्रेन नंबर 12571/12572 गोरखपुर-आनंद विहार हमसफर ट्रेन वाया वरहनी अब दो दिन की बजाय चार दिन चलेगी जबकि ट्रेन नंबर 12595/12596 गोरखपुर-आनंद विहार हमसफर ट्रेन वाया बस्ती अब एक दिन की बजाय सप्ताह में तीन दिन चलेगी। स्थानीय जन प्रतिनिधियों के साथ केंद्रीय संचार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा 5 मई, 2018 को गोरखपुर स्टेशन में स्पेशल ट्रेन नंबर 02571 गोरखपुर-आनंद विहार हमसफर ट्रेन को झंडी दिखाकर रवाना करेंगे तथा गोरखपुर स्टेशन पर विभिन्न यात्री सुविधाओं को समर्पित करेंगे।
आराम देह और सुखद यात्रा अनुभव प्रदान करने के लिए मनोज सिन्हा उत्तर पूर्वी रेल के गोरखपुर स्टेशन पर सात नए लिफ्ट, प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर नया वाहन रास्ता, पुनर्निर्मित स्टेशन भवन, पोर्टिको, बुकिंग कार्यालय तथा प्रतीक्षा कक्ष जैसी विभिन्न यात्री सुविधाओं को समर्पित करेंगे।
ट्रेनों का विवरण
12595/12596 गोरखपुर-आनंद विहार (टर्मिनल) हमसफर एक्सप्रेस वाया बस्ती (सप्ताह में 3 दिन)
12595 गोरखपुर-आनंद विहार (टर्मिनल) हमसफर एक्सप्रेस
12596 आनंद विहार (टर्मिनल)-गोरखपुर हमसफर एक्सप्रेस
● प्रस्थान के दिनः गोरखपुर से – सोमवार, मंगलवार, वृहस्पतिवार
● आनंद विहार से – मंगलवार, बुधवार, शुक्रवार
● ठहरावः बस्ती, गोण्डा, लखनऊ, कानपुर सेंट्रल
● नियमित सेवा की संरचनाः एसी3-18, पॉवर कार-2 = 20 कोच
12571/12572 गोरखपुर-आनंद विहार (टर्मिनल) हमसफर एक्सप्रेस वाया बरहनी (सप्ताह में 4 दिन)
12571 गोरखपुर-आनंद विहार (टर्मिनल) हमसफर एक्सप्रेस (साप्ताहिक)
12572 आनंद विहार (टर्मिनल)-गोरखपुर हमसफर एक्सप्रेस (साप्ताहिक)
प्रस्थान के दिनः गोरखपुर से- बुधवार, शुक्रवार, शनिवार, रविवार
आनंद विहार से- सोमवार, वृहस्पतिवार, शनिवार, रविवार
● ठहरावः आनंद नगर जंक्शन, नौगढ, बरहनी, बलरामपुर, गोण्डा, लखनऊ, कानपुर सेंट्रल
● नियमित सेवा की संरचनाः एसी3-18, पॉवर कार-2 = 20 कोच
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