कोलकाता, 26 अगस्त। आज बंगाल में डाक्टरों की एकता का असर देखा गया। ओपीडी सेवा बंद कर प्रशासन को नींद से जगाने की कोशिश की गई। सी०एम०आर०आई०, बी०एम० बिड़ला, कोठारी, बेल्लव्यू, आमरी ढाकुरिया, मेडिक, इलाहाबाद न्यूटिया, ए०एम०आर०आई० साल्टलेक, डफोडिल, फोर्टिस, आरएनटीआईआईसीएस, नेत्रलोक, न्यू नेत्रलोक, शकुंतला नर्सिंग होम बेहला, वूड़लैण्ड्स, जीडी अस्पताल, पीयरलेस, जेनिथ, सुश्रुत अस्पताल, बाल चिकित्सा अकादमी न्यूटाउन, एएमआरआई मुकुंदपुर, चरणक, अपेक्स, आईएलएस दमदम, नाइटइंगल, प्रजनन चिकित्सा संस्थान प्रोफेसर बैद्यनाथ चक्रवर्ती, आईएलएस साल्टलेक, इकबालपुर नर्सिंग होम, विजडर्म, पूर्णम, यूएमआरआई, विनायक अस्पताल, बिंदुबसिनी नर्सिंग होम बिराती, हृदयपुर नेत्रालय, कस्तुरी मेडियकल रिसर्च सेंटर ठाकुरपुकुर, एनएच हावड़ा, एनएच बारासात, आमरी मेडिकल सेंटर साउथर्न एवेन्यू, केपीसीएमसीएच, नॉर्थ सिटी हॉस्पिटल, नारायणा सुपरस्पेशालिटी हावड़ा, नारायणा मल्टीस्पैशलिटी हावड़ा, नारायणा बारसात, अपोलो ग्लेनेग्लेस हॉस्पिटल, पीयरलेस हॉस्पिटल, कोलम्बिया हॉस्पिटल, सुश्रुत, मिलेननियम, कार्निवल, जयमाला हैल्थ केयर, मेडिकल ऑन्कोलॉजी ओपीडी टाटा मेडिकल सेंटर, दीवान नर्सिंग होम सोदपुर जैसे सूची में शामिल संस्थानों के अलावा कई डाक्टरों ने आज 26 अगस्त को अपनी एकता को व्यक्त करते हुए अपने बाहरी रोगी विभाग सेवा (ओपीडी) को बंद कर रखा। वहीं कल्याणी, कांचरापारा, नैहाती, चकदाह के अधिकांश डाक्टरों ने आज अपने निजी क्लिनिकों को भी बंद कर रखा था। ज्ञात हो डाक्टरों और अन्य चिकित्सा पेशेवरों के खिलाफ हिंसा की एक श्रृंखला की पृष्ठभूमि में और विभिन्न चिकित्सा संस्थानों में हिंसा और जबरन वसूली के मामलों के बारे में पुलिस और प्रशासन की पूरी निष्क्रियता का विरोध करते हुए ओपीडी सेवा बंद किया गया।
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