अस्सिघाट विस्तार : कौन लगा रहा है पत्थर पर पत्थर, हाईकोर्ट का आदेश भी यहां है मूकदर्शक.....



---हरेन्द्र शुक्ला, वाराणसी, 20 मई 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।

काशी : एक तरफ जहां बनारस के जर्जर घाट मरम्मत के लिए तड़प रहे हैं वहीं दूसरी तरफ अच्छीखासी अस्सिघाट विस्तार पर पत्थर पर पत्थर लगाया रहा है। यह किसी को पता नहीं है। जबकि हाईकोर्ट ने पहले से ही गंगा से दो सौ मीटर तक किसी भी तरह की निर्माण पर रोक लगा रखा है। यह निर्माण सरकार के किस योजना के तहत कराया जा रहा है जिला प्रशासन को भी शायद पता नहीं है।

सवाल यह है कि :-

1. यह निर्माण किसके अनुमति से कितने करोड़ रुपये की बजट से किस योजना के तहत कराया जा रहा है ?

2. अच्छी खासी अस्सिघाट विस्तार की सिढ़ीयों को किसके आदेश पर तोड़कर नये पत्थर लगाये जा रहे है ?

3. क्या इसकी अनुमति हाईकोर्ट से ली गयी है ?

4. बाढ़ग्रस्त इस अच्छी खासी घाट पर दुबारा पत्थर लगाने के पीछे मंशा क्या है ?

5. कैंट फ्लाईओवर हादसे के बाद भी निर्माण स्थल पर सुरक्षा मानको की अनदेखी क्यों ?

6. जो निर्माण कार्य चल रहा है उसकी गुणवत्ता को कौन परख रहा है ?

7. जालीदार पत्थर की दीवार खड़ीकर दूर से गंगा दर्शन और घाटों की खूबसूरती को निहारने को क्यों रोका जा रहा है ?

8. कार्यस्थल पर हो रहे कार्यों का विवरण बोर्ड पर क्यों नहीं डिस्प्ले किया गया है ?

9. क्या अस्सिघाट विस्तार को रिटायर्ड जिला सांस्कृतिक अधिकारी खरीदकर अपने व्यवसायिक फायदे के लिए इस्तेमाल कर रहा है ?

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