मोदी विरोधी नाम के कारण नहीं दिया जाएगा देशिकोत्तम पुरस्कार ?



---रंजीत लुधियानवी, कोलकाता, 22 मई 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।

विश्व भारती विश्वविद्यालय की ओर से दिया जाने वाला सर्वोच्च पुरस्कार ‘देशिकोत्तम’ क्या इस साल किसी को नहीं मिलेगा ? बताया जाता है कि विश्वविद्यालय की ओर से भेजे गए नामों में ऐसे लोगों के नाम शामिल थे, जो केंद्र की भाजपा सरकार के विरोधी माने जाते हैं। इसलिए इस साल किसी को यह सर्वोच्च पुरस्कार नहीं दिया जा सकता है। हालांकि औपचारिक तौर पर कहा गया है कि पुरस्कार प्रदान कार्यक्रम स्थगित किया गया है, इसे रद्द नहीं किया गया। इसमें अमिताभ घोष, गुलजार, वैज्ञानिक अशोक सेन, द्विजेन मुखर्जी, जोगेन चौधरी समेत सात लोगों के नाम केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय को भेजे गए थे। वहां से यह नाम प्रधानमंत्री कार्यालय भेजे गए।

सूत्रों के मुताबिक अमिताभ घोष और गुलजार गुजरात के गोधरा में हुए हत्याकांड के खिलाफ खुल कर आवाज उठाने वालों में शामिल रहे हैं। जबकि जोगेन चौधरी भले ही प्रसिद्ध चित्रकार हैं, लेकिन इसके साथ ही सबसे मोदी विरोधी दल तृणमूल कांग्रेस के सांसद भी हैं। इसी तरह, द्विजेन मुखर्जी ममता बनर्जी के करीबी माने जाते हैं। बताया जाता है कि इस तरह के नाम की सूची देख कर केंद्र ने नाराजगी जाहिर की है। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधानमंत्री करेंगे और मंत्रालय की ओर से विश्वविद्यालय को सूचित किया गया है कि इस साल प्रधानमंत्री किसी को पुरस्कार नहीं देंगे।

हालांकि औपचारिक तौर पर बताया गया है कि प्रधानमंत्री के पास समय नहीं होगा और दस बजे से लेकर दो बजे तक कार्यक्रम समाप्त करना है। इसलिए देशिकोत्तम पुरस्कार प्रदान करना स्थगित किया गया है, रद्द नहीं किया गया है। इसी तरह, तीन लोगों को गगन और तीन लोगों को दिया जाने वाला रथींद्र पुरस्कार भी स्थगित किया गया है। फिलहाल यह नहीं बताया गया है कि यह पुरस्कार कब प्रदान किए जाएंगे।

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