मॉनसून केरल पहुंचा



केरल, 29 मई 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।

दक्षिण पश्चिम मॉनसून आज 29 मई, 2018 को केरल पहुंच गया।

• आज दक्षिण पश्चिम मॉनसून दक्षिण पूर्व अरब सागर के शेष भागों, कोमोरिन-मालदीव क्षेत्र, संपूर्ण लक्ष्यद्वीप, केरल के अधिकतर हिस्सों, तमिलनाडु के कुछ भागों तथा दक्षिण-पश्चिम, मध्य और उत्तर-पूर्व बंगाल की खाड़ी की ओर बढ़ गया।

• इस तरह दक्षिण-पश्चिम मॉनसून अपनी सामान्य तिथि से तीन दिन पहले 29 मई, 2018 को केरल पहुंचा।

• मॉनसून की उत्तरी सीमा (एनएलएम) अक्षांश 120 उत्तर/देशांतर 600 पूर्व, अक्षांश 120 उत्तर/ देशांतर 650 पूर्व, अक्षांश 120 उत्तर/ देशांतर 700 पूर्व , कन्नूर, कोयम्बटूर, कोडाइकनाल, तूतीकोरिन, अक्षांश 090 उत्तर/ देशांतर 800 पूर्व, अक्षांश 130 उत्तर/ देशांतर 850 पूर्व , अक्षांश 180 उत्तर / देशांतर 900 पूर्व, अक्षांश 210 उत्तर/ देशांतर 930 पूर्व से गुजरती है। रेखाचित्र-1 आज तक की मॉनसून की उत्तरी सीमा दर्शाती है।


मॉनसून के केरल आगमन की मौसम विज्ञानी परिस्थितियां

• पिछले तीन चार दिनों में केरल में भारी वर्षा हुई। केरल में मॉनसून आगमन के लिए वर्षा की निगरानी करने वाले 14 स्टेशनों ने 25 मई से 60 प्रतिशत से अधिक वर्षा की जानकारी दी।

• पश्चिमी हवाएं निचले स्तरों पर मजबूत हुई हैं। (30 नॉट से अधिक) और आज सवेरे से दक्षिण अरब सागर के ऊपर (भूमध्य रेखा से अक्षांश 100 उत्तर और देशांतर 550 पूर्व से 800 पूर्व) में 600 एचपीए तक (लगभग 4.5 किलोमीटर तक) पश्चिमी/ पश्चिम-दक्षिण पश्चिम हवाओं के साथ मजबूत हो गई हैं।

• 23 मई से लगातार संवहन बना हुआ है। (आउटगोइंग लांग-वेब रेडिएशन वैल्यू <200 डब्ल्यूएम-1 द्वारा बादल का संकेत।) सेटेलाइट (इनसैट-3डी) ने अक्षांश 5-100 उत्तर, देशांतर 70-800 पूर्व 187 डब्ल्यू/एम2 द्वारा आउटगोइंग लांग-वेब रेडिएशन वैल्यू सीमित

उपरोक्त विशेषताओं के अतिरिक्त निम्नलिखित गतिविधियां भी देखी गईं :

• एक पूर्व-पश्चिम घुमावदार क्षेत्र अक्षांश 12 0 उत्तर (दक्षिण प्रायद्वीप के पार) मध्य समुद्र तल के 3.1 किलोमीटर ऊपर के आसपास से गुजरता है।

• दक्षिण-पश्चिम तथा उत्तर केरल-कर्नाटक के तटों से दूर पूर्व मध्य अरब सागर के आसपास निम्न दबाव क्षेत्र बना हुआ है।

• पूर्व-मध्य तथा पड़ोसी उत्तर-पूर्व बंगाल की खाड़ी के आसपास निम्न दबाव क्षेत्र बना हुआ है। यह अगले 12 घंटों में दबाव का रूप ले लेगा।

● अगले 48 घंटे के दौरान आगे बढ़ना

दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के आगे बढ़ने की स्थितियां अनुकूल हैं। मॉनसून अगले 48 घंटों में मध्य अरब सागर के कुछ भागों, केरल के शेष भागों, कर्नाटक के तटवर्ती इलाकों और दक्षिण के भीतरी भागों, पूर्व मध्य तथा उत्तर-पूर्व बंगाल की खाड़ी के हिस्सों तथा पूर्वोत्तर राज्यों के कुछ हिस्सों की ओर आगे बढ़ सकता है।

https://www.indiainside.org/post.php?id=2805