---रंजीत लुधियानवी, कोलकाता, 01 जून 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष अपने बयानों के कारण सदैव चर्चा में रहते हैं। इस बार फिर पुलिस वालों को चेतावनी देने के कारण विवादों में घिर गए हैं। पंचायत चुनाव में हिंसा के आरोप को लेकर भाजपा की ओर से उनके नेतृत्व में हाबरा थाना घेराव किया गया था। इस मौके पर उन्होंने थाने में आग लगाने की चेतावनी देते हुए पुलिस वालों को चेतावनी दी।
उन्होंने कहा कि पंचायत चुनाव को लेकर दल के कार्यकर्ताओं की हत्या की जा रही है। इस काम में पुलिस मदद कर रही है। पुलिस सत्ताधारी दल के लोगों की ओर से काम कर रही है। थाना घेराव अभियान के दौरान उन्होंने कहा कि पुलिस वालों को इस काम से बचना चाहिए, ऐसा नहीं करने पर नतीजे खतरनाक हो सकते हैं। मालूम हो कि राज्य में हिंसा के विरोध में भाजपा की ओर से राज्य भर में थाना घेराव अभियान का आयोजन किया गया था।
दूसरी ओर, दिलीप घोष के बयान पर टिप्पणी करते हुए तृणमूल कांग्रेस के महासचिव पार्थ चटर्जी ने कहा कि चुनाव नतीजों के कारण हताशा में भाजपा नेता ऐसी बयानबाजी कर रहे हैं।
पुरुलिया जिले के बलरामपुर में पार्टी के एक दलित कार्यकर्ता त्रिलोचन महतो (21) की हत्या के विरोध में भाजपा नेताओं व कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को पूरे राज्य में विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने तमाम थानों के समक्ष भी प्रदर्शन किया और हत्यारों को शीघ्र गिरफ्तार करने की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि त्रिलोचन की हत्या तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने की है।
लेकिन तृणमूल कांग्रेस ने आरोप का खंडन करते हुए कहा है कि भाजपा की गुटबाजी के कारण यह हत्या हुई है। तृणमूल के जिला अध्यक्ष और स्थानीय विधायक शांतिराम महतो का कहना है कि भाजपा झूठा प्रचार कर रही है, इससे तृणमूल का कोई लेना-देना नहीं है। भाजपा की गुटबाजी के कारण ही हत्या हुई है।
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