साफ नीयत के साथ 48 महीने हमने किया काम, 48 साल तक कांग्रेस ने किया सिर्फ कारोबार : प्रकाश जावड़ेकर



---प्रकाश पाण्डेय, कोलकाता, 02 जून 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।

मोदी सरकार के 48 महीनों के कामकाज के ब्यौरों के साथ शनिवार को महानगर पहुंचे केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने प्रेस क्लब में मीडिया से बातचीत की और इस दौरान उन्होंने इन 48 महीनों की तुलना कांग्रेसी राज के 48 सालों से करते हुए कहा कि देश ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कई पैमानों पर तरक्की की ऊंची उड़ान भरी है। दलित हित व विकास संबंधी योजनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि मोदी सरकार, सबका साथ सबके विकास के साथ ही साफ नीयत के साथ विकास की बात करती है। हालांकि पिछले कुछ समय से कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी पार्टियां मोदी सरकार को दलित विरोधी साबित करने में लगी हुई है। जिस बाबा साहब आंबेडकर के नाम पर कांग्रेस सियासी गणित साधने में लगी हुई है, दरअसल उनके सम्मान के लिए 48 साल के राज में कांग्रेस द्वारा कुछ नहीं किया गया। जबकि मोदी सरकार ने उनसे जुड़े पांच स्थानों पर स्मारक बना कर उन्हें तीर्थ के रूप में विकसित किया है। साथ ही उनकी जन्मशती पर सिक्का जारी किया। इतना ही नहीं नए भारत के निर्माण का आधार बनने जा रहे डिजिटल लेन-देन के लिए बनाए गए एप का नाम भी भीम एप रखा गया और गरीब परिवारों के लिए स्वच्छ ईंधन उपलब्ध कराने वाली उज्ज्वला योजना के अंतर्गत 3.85 करोड़ गैस कनेक्शन वितरीत किए गए हैं, जिससे 55 प्रतिशत दलित परिवार लाभान्वित हुए हैं। साथ ही स्टैंडअप योजना के तहत दलित युवाओं को उद्योग लगाने के लिए सस्ते कर्ज मुहैया कराए जा रहे हैं। वित्तीय समावेशन के जरिए मोदी सरकार ने जनधन योजना के तहत 31.56 करोड़ बैंक खाते खोले। स्वतंत्रता के 67 साल में भी सभी लोगों के बैंक खाते नहीं खुले थे। आज जनधन खातों के होने की वजह से सब्सिडी का पैसा सीधे गरीब के खाते में आना शुरू हो गया है।

साल 1985 में तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने देश को एक शर्मनाक सच्चाई से अवगत कराते हुए कहा था कि हम दिल्ली से 100 पैसे भेजते हैं, पर उसमें से 15 पैसे ही जनता तक पहुंच पाते हैं। लेकिन मोदी राज में प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण के माध्यम से यह सुनिश्चित किया है कि पूरा एक रुपया गरीब के पास पहुंचे। आज समग्र विकास के जरिए मोदी सरकार ने पूर्वोत्तर राज्यों की राजधानियों को जैविक खेती की राजधानियां बनाया है। मेघालय, त्रिपुरा को पहली बार रेलवे मार्ग से जोड़ा गया। सभी राज्यों में आईआईटी, एनआईटी स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। मणिपुर में देश की पहली स्पोर्ट्स विश्वविद्यालय स्थापित की गयी। जबकि कांग्रेस शासन के दौरान पूर्वोत्तर राज्यों के साथ सौतेला व्यवहार होता रहा। आगे उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासन के 48 सालों के दौरान देश के हजारों गांव बिजली से वंचित रहें। वहीं मोदी सरकार द्वारा 15 अगस्त, 2015 को 18,452 गांवों की पहचान की गई, जहां लोग बिजली से वंचित थे और बाद में इसमें 1275 और गांवों को जोड़ा गया। केवल 988 दिन में ही इन गांवों में बिजली की व्यवस्था कर दी गयी। खुले में घर की महिलाएं शौच के लिए न जाए इसके लिए मोदी सरकार द्वारा 17 राज्यों में कुल 7.5 करोड़ शौचालय का निर्माण कराया गया, जिसे ग्रामीण महिलाओं ने इज्जत घर की संज्ञा दी। एलईडी बल्बों को महज 17 रुपए में उपलब्ध करा सरकार हर साल 15000 करोड़ रुपए की इलेक्ट्रिसिटी सेव कर रही है। इसके अलावा जीएसटी के जरिए कर प्रणाली में पारदर्शिता स्थापित की गयी और पिछले 40 सालों से लाभकारी मूल्यों से वंचित रहे किसानों को आज सरकार की ओर से कोस्ट प्लस 50 प्रतिशत की व्यवस्था की गयी है और इसके साथ ही खरीफ की फसलों के लिए नए मूल्य लागू किए जाएंगे।

● दीदी पर बरसे जावड़ेकर, राज्य निर्वाचन आयोग को बताया ममता निर्वाचन आयोग

ममता सरकार पर हमला करते हुए केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि बंगाल में मर्डर की सियासत हो रही है। पंचायत चुनाव के दौरान और परिणाम के बाद भाजपा ने अपने कई कार्यकर्ताओं को खाया, जिनमें दुलाल दास, पुरुलिया के युवा कार्यकर्ता त्रिलोचन महतो समेत अन्य कई शामिल रहें, जिन्हें केवल इस लिए मौत के घाट उतार दिया गया क्योंकि वे भाजपा समर्थक थे। आगे उन्होंने राज्य निर्वाचन आयोग को ममता निर्वाचन आयोग करार दिया। लेकिन इसके साथ ही उन्होंने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि जिस राज्य में कभी हम पांचवें पायदान पर होते थे आज वहां विपक्ष की भूमिका में है। लाख लूटपाट और हिंसा के बाद भी अगर हमने पंचायत चुनाव में दूसरा स्थान हासिल किया है तो इसका मतलब साफ है कि यहां की जनता अब भाजपा को चाहती है और आगामी लोकसभा चुनाव में हम सारी सीटों को जीत कर दिखाएंगे। वहीं शारदा और नारदा पर पूछे गए एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि कुछ भी थमा नहीं है, बल्कि आगे-आगे देखिए होता है क्या ? आखिर में उन्होंने कहा कि जून के आखिर तक न्यू एजुकेशन पॉलिसी को लाया जाएगा।

https://www.indiainside.org/post.php?id=2855