---रंजीत लुधियानवी, कोलकाता, 03 जून 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।
भीषण गर्मी की तपिश में ठंड महसूस करने के लिए लोग पता नहीं क्या कुछ करते हैं, लेकिन हुगली के प्रोफेसर ने तो एसी शर्ट बना कर लोगों को हैरत में डाल दिया। प्रोफेसर रूपम घोष ने गर्मी के मौसम में शरीर को ठंडा रखने के लिए कमीज तैयार करके लोगों को हैरान कर दिया है। जिससे गर्मी में भी शरीर ठीक रहे और मौसम का उस पर किसी तरह का प्रभाव नहीं पड़े। उनकी इस खोज को विश्व स्तर पर मान्यता मिली है और संयुक्त राष्ट्र की ओर से आमंत्रित किया गया है।
आगामी 25 जुलाई को स्टीम समिट में शामिल होने के लिए वे जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि शरीर को ठंडा रखने के लिए एक जैकेट का निर्माण किया। इस जैकेट को पहन कर किसान खेतों में हल चलाने में राहत महसूस करेंगे तो रास्ते पर ट्रैफिक सार्जेंट हंसते-हंसते ड्युटी का पालन करेंगे। बिट द हीट कुलिंग जैकेट का निर्माण उन्होंने 2017 में किया था। मोदी सरकार की ओर से भद्रेश्वर के रहने वाले चंदननगर के बंग विद्यालय के छात्र को सम्मानित भी किया गया था। पिछले साल ही उन्हें इसका पेटेंट भी मिल गया था। इस आविष्कार के बाद न्यूयार्क अकादमी आफ साइंस की ओर से उन्हें फेलो पद प्रदान किया गया। अब 25 जुलाई को वे संयुक्त राष्ट्र में स्टीम समिट में शामिल होने के लिए जा रहे हैं। इस समिट में दुनिया के 180 वैज्ञानिक शामिल हो रहे हैं, भारत से तीन वैज्ञानिकों में दो बंगलुरू से जा रहे हैं।
रूपम के पिता मानवेंद्रनाथ घोष हावड़ा के एक प्राइवेट कारखाने में काम करते हैं और मां गृहवधू है। उनके इकलौते बेटे का कहना है कि उनकी जैकेट के भीतर कुल मिलाकर तीन छोटे पंखे लगाए गए हैं। इसमें दो सामने और एक पीछे है। सामने वाले पंखे शरीर की गर्मी को निकाल बाहर करते हैं। जैकेट के पीछे वाटर बबल सिस्टम मौजूद है। जिससे पीछे वाला पंखा ठंडक पंहुचाने का काम करता है। एक छोटी बैटरी से यह सारा सिस्टम चलता है। इस जैकेट के साथ सोलर पैनल वाली एक टोपी भी है। टोली से ही लिथियम आयल बैटरी चार्ज होती है। इसलिए जैकेट की देखभाल के लिए खर्च भी कुछ नहीं होता। करीब दो हजार रुपए की कीमत से तैयार जैकेट को धोकर साफ भी किया जा सकता है। उनका मानना है कि इस जैकेट को पहन कर लोग गर्मी को भूल जाएंगे और अपना काम आनंद के साथ करेंगे।
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