दुग्ध उत्पादन में बंगाल बना सर्वश्रेष्ठ



---प्रकाश पाण्डेय, कोलकाता, 05 जून 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।

दूध उत्पादन के क्षेत्र में बंगाल ने गुजरात को मात देते हुए सर्वश्रेष्ठ स्थान हासिल किया है। कुछ साल पहले ही महिलाओं को सशक्त करने के उदेश्य से मिल्क को-ऑपरेटिव की शुरुआत की गई थी, जिसका नाम मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सुंदरिनी नैचुरल्स रखा था। लेकिन समय के साथ अब इसके उत्पादों की मांग में भी इजाफा हुआ है। सुंदरिनी गाय का दूध, घी, शहद, मूंग दाल और चावल की काफी मांग है और इससे होने वाले लाभ को को-ऑपरेटिव में काम करने वाली महिलाओं के बैंक खातों में सीधे जमा किया जाता है। वहीं इस योगदान के लिए केंद्र सरकार के राष्टीय डेयरी विकास बोर्ड ने सुंदरिनी को आदर्श मॉडल के रूप में चुना है। इतना ही नहीं सुंदरिनी नैचरल्स की उपलब्धियों की वजह से राज्य पशु पालन विभाग के सुंदरबन को-ऑपरेटिव मिल्क एंड लाइवस्टॉक प्रोड्यूसर यूनियन लिमिटेड को दूध उत्पादन का सर्वश्रेष्ठ को-ऑपरेटिव चुना गया है। सुंदरिनी को एक जून को मनाए जाने वाले विश्व दुग्ध दिवस पर गुजरात के आणंद में केंद्रीय पंचायती राज और कृषि मंत्री पुरुषोत्तम रुपाला ने एक्सीलेंस अवॉर्ड दिया था। उसी दिन सुंदरबन को-ऑपरेटिव मिल्क एंड लाइवस्टॉक प्रड्यूसर्स यूनियन लिमिटेड को नए और ऑर्गेनिक तरीकों से उपभोक्ताओं के लिए प्राकृतिक और सुरक्षित खाद्य पदार्थ बनाने के लिए फिक्की मिलेनियम अलायंस अवॉर्ड के तहत 25 लाख रुपए का इनाम भी दिया गया।

सुंदरबन मिल्क को-ऑपरेटिव के मैनेजिंग डायरेक्टर अंबिका प्रसाद मिश्रा ने कहा कि सभी उत्पाद ऑर्गेनिक होते हैं। गायों को ऐंटीबायॉटिक नहीं दिए जाते। उन्हें ऑर्गेनिक तरीके से बनाया चारा ही डाला जाता है। दूध को प्लास्टिक के कंटेनर की जगह स्टील के कंटेनर में रखा जाता है। खास बात यह है कि केवल दूध के उत्पाद ही नहीं अंडे जैसे उत्पाद भी यहां उपलब्ध कराए जाते हैं।

https://www.indiainside.org/post.php?id=2886