---रंजीत लुधियानवी, कोलकाता, 19 जून 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।
देश में भाजपा के उत्थान व उनके उग्र सांप्रदायिक राजनीति के लिए कांग्रेस जिम्मेवार है। कांग्रेस की ओर से अपनाई गई नीतियों के कारण ही लोग भाजपा की ओर आकर्षित हुए हैं। इसके बाद भी दोनों दलों में फर्क है। कांग्रेस कम से कम भाजपा की तरह धर्मांध नहीं है। माकपा पोलित ब्यूरो के सदस्य और त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री मानिक सरकार ने महानगर में आयोजित एक कार्यक्रम में यह विचार पेश किए।
उन्होंने कहा कि देश में असांप्रदायिक माहौल और लोकतंत्र को वापस लाने के लिए सब कुछ भूल कर आरएसएस-भाजपा को सत्ता से हटाना होगा। इसके लिए मार्क्सवादियों की जिम्मेवारी है कि सभी लोगों को एक प्लेटफार्म पर लाकर संघर्ष करें।
मालूम हो कि भाजपा से पराजित होने के साढ़े तीन महीने तक वे त्रिपुरा से बाहर नहीं निकले। बताया जाता है कि पराजय के बाद दल को संभालने के काम में व्यस्त रहने के कारण वे वहां थे। कोलकाता में माकपा नेता अरूण चौधरी स्मृति व्याख्यान के दौरान उन्होंने कांग्रेस की निंदा करते हुए मौजूदा माहौल में भाजपा के मुकाबले के लिए सभी दलों के साथ रहने पर जोर दिया। मौजूदा समय के देश व जनजाति समस्या और वामपंथियों की भूमिका विषय पर अपने विचार रखते हुए मानिक सरकार ने कहा कि नरेंद्र मोदी के चार साल के शासन के दौरान देश क्रमश खराब की ओर अग्रसर होता चला गया है। यह सोचते हुए भी आतंक होता है कि अगर यह सरकार ज्यादा समय सत्ता में रहेगी तो लोगों की क्या दुर्गति होगी। खेती, उद्योग, रोजगार को लेकर बड़े बड़े दावे करके सत्ता में आने वाली भाजपा अपने वादे पूरे करने में पूरी तरह से नाकाम रही है। लेबर ब्यूरो आफ इंडिया के आंकड़े ही बताते हैं कि चार साल में एक करोड़ लोगों को भी रोजगार नहीं मिला, जबकि इससे कहीं ज्यादा लोग बेरोजगार हुए हैं।
उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में मार्क्सवादियों की जिम्मेवारी बढ़ जाती है। अगर भाजपा को सत्ता से बेदखल नहीं किया गया तो लोगों को राहत नहीं मिलेगी। इसलिए किसान से लेकर मजदूर तक सभी जाति, धर्म, भाषा के लोगों को एकजुट करने में कम्युनिस्टों को महत्वपूर्ण भूमिका निभानी होगी।
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