अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस : खबरें विशेष



21 जून 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।

■ योग का प्राचीन विज्ञान भारत का आधुनिक विश्व को अमूल्य उपहार : उपराष्ट्रपति

उपराष्ट्रपति एम• वेंकैया नायडू ने कहा है कि बेहतर स्वास्थ्य और सुख के लिए योग सर्वांगीण पद्धति है और इसके शारीरिक, भावात्मक और आध्यात्मिक आयाम हैं। वेंकैया नायडू ने मुंबई में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में कहा कि योग का प्राचीन विज्ञान भारत का आधुनिक विश्व को अमूल्य उपहार है। इस अवसर पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडनवीस और अन्य गणमान्य अतिथि भी उपस्थित थे।

योग के पहले दर्शन को संकलित करने वाले ऋषि पतंजलि का स्मरण करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि योग किसी भी व्यक्ति को उसके विचारो को नियंत्रित करने में सहायता करता है और आंतरिक सामंजस्य का सृजन करने वाली शांति को प्राप्त करने में मदद करता है।

उन्होंने कहा कि योग का धर्म से कुछ लेना-देना नहीं है और यह एक सर्वांगीण विज्ञान है जिसमें जीवन के विभिन्न पक्ष की संपर्कता और चेतनता के मूलभूत सिद्धांतो को आपस में पिरोया गया है। उन्होंने कहा कि कुछ लोगो का इस प्राचीन वैज्ञानिक प्रणाली को धर्म से जोड़ना दुर्भाग्यपूर्ण है।

उपराष्ट्रपति ने लोगो से आधुनिक जीवनशैली की स्वास्थ्य समस्याओ से निपटने के लिए योग को दिनचर्चा में शामिल करने का आव्हान किया। उन्होंने कहा कि योग को विद्यालय पाठ्यक्रम का भाग बनाने का समय आ गया है ताकि भारत भविष्य में स्वास्थ्य और प्रसन्न लोगों का राष्ट्र बन सके।

अपने संबोधन में उपराष्ट्रपति एम• वेंकैया नायडू ने कहा कि योग ध्यान और एकाग्रता को प्रोत्साहन देता है। शारीरिक और मानसिक दक्षता को बढ़ाने के साथ-साथ योग का अभ्यास किसी भी व्यक्ति को जीवन में हर समय संतुलित भाव रखने में सहायता प्रदान करता है। प्रतिदिन योग के महत्व पर ध्यान केंद्रित करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि युवाओ के बीच चिंताजनक कदम जैसे जीवन समाप्त करने के प्रयासो पर योग और ध्यान द्वारा मानसिक शांति और संतुलन विकसित कर रोक लगाई जा सकती है।


■ राष्ट्रपति भवन में चौथा अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया गया

राष्ट्रपति भवन में आज चौथे अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर योग का प्रदर्शन किया गया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में पांच सौ से अधिक अधिकारियों, राष्ट्रपति भवन के कर्मचारियो और उनके परिजनो के साथ-साथ राष्ट्रपति भवन में रहने वाले निवासियो ने भी भाग लिया।

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद इस समय सूरीनाम की राजकीय यात्रा पर हैं और सूनीराम के स्थानीय समय के अनुसार सुबह सात बजे सूरीनाम के राष्ट्रपति और अन्य गणमान्य अतिथियो के साथ पारामरिबू में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस समारोह में भाग लेंगे।


■ केन्द्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह लखनऊ में योग दिवस गतिविधियों में शामिल हुए

केन्द्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह चौथे अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर आज लखनऊ में योग दिवस गतिविधियों में शामिल हुए। लोगों को संबोधित करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि योग को सार्वभौमिक रूप से स्वीकार किया गया है और योग दिवस पूरी दुनिया में उत्सव की तरह मनाया जा रहा है। इसका श्रेय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि योग किसी धर्म से जुड़ा हुआ नहीं है और इसे सब लोग स्वीकार कर रहे हैं। गृहराज्य मंत्री हंसराज गंगाराज अहीर तेलंगाना के मेडचल जिले में योग दिवस समारोह में शामिल हुए।

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आज केन्द्रीय गृह मंत्रालय तथा केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बलों द्वारा विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया।

भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) की टुकड़ियों ने देश के विभिन्न स्थानों पर आयोजित चौथे अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस में भाग लिया। हिमालय की सीमाओं पर तैनात बल के जवान ऊंचाई पर योग गतिविधियों में शामिल हुए। लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, सिक्किम तथा अरुणाचल प्रदेश की विभिन्न इकाइयां, महिला कर्मियों और उनके परिजनों के साथ योग सत्र में शामिल हुईं। लद्दाख क्षेत्र में 18 हजार फीट की ऊंचाई पर 30 हजार जवानों ने योगाभ्यास किया। इसके अतिरिक्त देश के 28 शहरों में आयोजित योगाभ्यास में आईटीबीटी के जवान शामिल हुए। आईटीबीटी के जवान देहरादून में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ योगाभ्यास में शामिल हुए। आईटीबीटी देहरादून, चंडीगढ़ और ईटानगंर में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस आयोजित करने के लिए नोडल एजेंसी थी। छत्तीसगढ़ में नक्सल विरोधी कार्रवाई में तैनात आईटीबीटी की टुकड़ियों ने भी योगाभ्यास में भाग लिया। नई दिल्ली के टिगरी परिसर में आईटीबीटी की 22वीं बटालियन आज आयोजित योगाभ्यास में आईटीबीटी मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारी और जवान अपने परिवारों के साथ शामिल हुए।

ब्लैक कैट कहे जाने वाले राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) ने आज मानेसर (गुरुग्राम), नई दिल्ली मुख्यालय तथा मुंबई, चेन्नई, हैदराबाद, कोलकाता और गांधीनगर के पांच क्षेत्रीय केन्द्रों में योग सत्र का आयोजन किया। योग सत्र में अधिकारियों और उनके परिजनों सहित 2600 ब्लैक कैट कमांडो शामिल हुए। बल के महानिदेशक सुदीप लखटकिया मानेसर में आयोजित योगाभ्यास कार्यक्रम में शामिल हुए और लोगों को नियमित जीवन के रूप में योग को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया।

राष्ट्रीय आपदा अनुक्रिया बल (एनडीआरएफ) ने आज पूरे देश में योग दिवस मनाया। इसका उद्देश्य कर्मियों को तनावमुक्त बनाना और उनमें योग के प्रति जागरूकता लाना है। इस अवसर पर एनडीआरएफ ने नई दिल्ली के नेहरू पार्क में योग और ध्यान सत्र का आयोजन किया, जिसमें कर्मियों ने योगासन और प्राणायाम किया।

एनडीआरएफ के महानिदेशक ने सभी बटालियनों को नियमित रूप से योग सत्र आयोजित करने का निर्देश दिया और बताया कि योग किस प्रकार बलकर्मियों को लाभ पहुंचा सकता है। एनडीआरएफ जीवन के लिए खतरनाक परिस्थितियों में बचाव कार्य करते हैं और उन्हें विभिन्न प्रकार की मानव-त्रासदियों से रू-ब-रू होना पड़ता है। वे अत्यधिक तनाव का सामना करते हैं। यदि एनडीआरएप कर्मी सिर्फ कुछ मिनटों के लिए योगाभ्यास करते हैं तो उन्हें तनाव-मुक्त होने में बहुत मदद मिलेगी। योगाभ्यास से संतुलन, धीरज, लचीलापन व शक्ति में सुधार होता है। ध्यान लगाने से दिमाग तेज होता है, तनाव तथा चिंता से मुक्ति मिलती है और शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली मजबूत होती है। यह स्वस्थ शरीर व स्वस्थ दिमाग बनाए रखने में मदद करता है।

केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) ने सभी 343 इकाइयों और 74 प्रकोष्ठों में योग दिवस मनाया। इसके अंतर्गत पूरे देश के प्रशिक्षण संस्थान, आरक्षित बटालियन, क्षेत्रीय कार्यालय व मुख्यालय शामिल थे। देहरादून और हरिद्वार इकाइयों ने देहरादून (उत्तराखंड) में एक विशाल योग प्रदर्शन कार्यक्रम आयोजित किया। इस कार्यक्रम का नेतृत्व प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किया। सीआईएसएफ के 1000 कर्मियों ने राजपथ, नई दिल्ली में अंतर्राष्ट्रीय योद दिवस समारोह में भाग लिया। योग प्रदर्शन के पहले डीएमआरसी के सीआईएसएफ महिला कर्मियों ने फिलीपींस के मार्शल आर्ट ‘पेकिटी-तिरसिया-काली’ का प्रदर्शन किया। उपस्थित जनसमूह ने सीआईएसएफ की महिलाकर्मियों के मार्शल आर्ट प्रदर्शन की सराहना की। लालकिले पर 2000 सीएपीएफ महिलाकर्मियों ने योग प्रदर्शन किया। इसमें सीआईएसएफ की 600 महिलाकर्मी शामिल थीं। इस प्रदर्शन के लिए मुंबई और हैदराबाद के लिए सीआईएसएफ को अन्य केन्द्रीय बलों के संदर्भ में नोडल बल नियुक्त किया गया था। 1000 केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस कर्मियों ने प्रत्येक स्थान पर योग प्रदर्शन में भाग लिया। नई दिल्ली स्थित सीआईएसएफ के मुख्यालय में भी योग सत्र का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में सीआईएसएफ के महानिदेशक राजेश रंजन, बल के उच्चाधिकारियों तथा सीआईएसएफ कर्मियों ने भाग लिया।

आज सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने पूरे उत्साह के साथ योग दिवस मनाया। पूरे देश में बीएसएफ की इकाइयों ने योग सत्र आयोजित किए गए। बीएसएफ ने शारीरिक प्रशिक्षण सत्र में ‘योग क्रिया’ को शामिल किया है। योग मानसिक व शारीरिक चुनौतियों से निपटने का सबसे प्राचीन अभ्यास है। अधिकांश सैन्यकर्मी योग का जीवन पद्धति के रूप में अभ्यास करते हैं। बीएसएफ ने निजामुद्दीन, नई दिल्ली स्थित अपने मुख्यालय में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया। दिल्ली के विभिन्न स्थलों पर बल के योग विशेषज्ञों ने योग सत्र का संचालन किया। लगभग 4000 बलकर्मियों ने उत्साह के साथ इस सत्र में भाग लिया। इस कार्यक्रम में सुरक्षाबल के उच्च अधिकारी तथा प्रहरियों के परिजन शामिल हुए। बीएसएफ ने चार राज्यों की राजधानियों में - कोलकाता, अगरतल्ला, अहमदाबाद और बंगलूरू – योग प्रदर्शन आयोजित किया। सीमा सुरक्षाबल ने अब तक 9,172 योग प्रशिक्षकों को प्रशिक्षण दिया है। इनमें ईशा फाउंडेशन, पतंजलि योगपीठ, मुरारजी देसाई राष्ट्रीय वैदिक विज्ञान व प्रौद्योगिकी संस्थान तथा विवेकानंद योग शोध संस्थान जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के प्रशिक्षक शामिल हैं। अब ये प्रशिक्षण विशेषज्ञ सुरक्षा बलों की शक्ति को बेहतर बनाने के लिए योग पाठ्यक्रमों का संचालन करते हैं।


■ केंद्रीय मंत्री जीतेंद्र सिंह ने जम्मू में योग दिवस समारोह में भागीदारी की

केन्द्रीय पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, जन-शिकायत एवं पेंशन, परमाणु ऊर्जा एवं अंतरिक्ष राज्य मंत्री डॉ• जितेन्द्र सिंह ने आज चौथे अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर जम्मू में आयोजित योग दिवस कार्यकलापों का नेतृत्व किया।

जम्मू में क्षेत्रीय स्तर के मुख्य कार्यक्रम का आयोजन के के हक्कू स्टेडियम में किया गया। केंद्रीय मंत्री जीतेंद्र सिंह ने समाज के विभिन्न वर्गो के लोगो का नेतृत्व किया और विभिन्न योग आसनो और क्रिया का प्रदर्शन किया।

इस अवसर पर अपने संबोधन में जीतेंद्र सिंह ने कहा है कि योग को अंतर्राष्ट्रीय पटल पर लाना भारत का संपूर्ण विश्व को सबसे महत्वपूर्ण उपहार है और यह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की स्मरणीय उपलब्धि है। उन्होंने लोगो से उचित शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए योग को जीवनशैली के रूप में अपनाने का आव्हान किया।

जम्मू में आयोजित इस कार्यक्रम में खिलाडियो, सुरक्षा कर्मियो, एनसीसी कैडेट और अन्य लोगो ने भी भाग लिया।


■ पूरे विश्व को एक सूत्र में बांधने के लिए योग एक प्रभावशाली साधन है : डॉ• महेश शर्मा

केन्द्रीय संस्कृति (स्वतंत्र प्रभार) राज्य मंत्री और पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री डॉ• महेश शर्मा ने आज कोलकता के शहीद मीनार में चौथे अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस समारोह में संबोधित करते हुए कहा कि योग मनुष्य को शारीरिक एवं मानसिक राहत प्रदान करता है और यह मनुष्य का पूर्ण विकास करता है। संस्कृति मंत्री ने शरीर और मस्तिष्क को पूर्ण तनाव-मुक्त रखने के लिए योग के साकारात्मक पहलुओं के बारे में विस्तार से बताया।

उन्होंने कहा कि एक चिकित्सक होने के नाते मैं लगभग तीस साल से योग का अभ्यास कर रहा हूं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि योग केवल शारीरिक विकास में ही सहयोग नही देता, यह लोगों को मानसिक व्याधियों से दूर रखने में मदद करता है। उन्होंने कहा कि योग लोगों में संचार के स्तर को भी बढ़ाता है।

उन्होंने कहा कि योग मानव सूचकांक का सूचक भी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की शारीरिक दुरुस्ती और मानसिक सजगता का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि वे दिन में 4 से 5 घंटे सोते हैं, डॉ• शर्मा ने कहा कि यह कुशाग्रता प्रधानमंत्री ने अर्जित की है क्योंकि वे प्रतिदिन योगाभ्यास करते हैं। उनके अनुसार योग पूरे विश्व को एक सूत्र में बांधने के लिए एक प्रभावशाली साधन है और इसका श्रेय हमारे प्रधानमंत्री को जाता है।

डॉ• शर्मा ने इस अवसर पर उपस्थित स्कूली बच्चों और शहरी नागरिकों के साथ योगाभ्यास किया। यह सम्पूर्ण आयोजन घोष योग महाविद्यालय, एसएएस फिटनेस, शट्टरबग, फ्रेंड्स ऑफ कोलकता और ChooseGreen.in. द्वारा किया गया। इस अवसर पर शहर में हरियाली को बढ़ावा देने के लिए कार्यरत एनजीओ ChooseGreen.in. द्वारा डॉ• महेश शर्मा को एक बाल वृक्ष भेंट किया गया।


■ डीएसटी ने 21 जून 2018 को अंतर्राष्‍ट्रीय योग दिवस मनाया

हर साल 21 जून को अंतर्राष्‍ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस प्रथा की शुरुआत वर्ष 2015 में तब हुई थी जब प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी की पहल पर संयुक्‍त राष्‍ट्र महासभा ने 21 जून को अंतर्राष्‍ट्रीय योग दिवस के रूप में घोषित करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया था। विश्‍व भर में योग को स्‍वीकार किया जाना पूरे राष्‍ट्र के लिए गर्व का विषय है, क्‍योंकि योग हमारी सांस्‍कृतिक एवं आध्‍यात्मिक विरासत का एक अभिन्‍न अंग है।

आयुष मंत्रालय (प्रमुख या नोडल मंत्रालय) ने विभिन्‍न मंत्रालयों/विभागों के सरकारी अधिकारियों एवं कर्मचारियों और अन्‍य हितधारकों, जो एक महत्‍वपूर्ण लक्षित समूह है, को योग आंदोलन से जोड़ने की मंशा व्‍यक्‍त की है। तदनुसार, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अधीनस्‍थ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग ने नई दिल्‍ली में न्‍यू महरौली रोड स्थित प्रौद्योगिकी भवन में पूर्ण उत्‍साह के साथ 21 जून, 2018 को अंतर्राष्‍ट्रीय योग दिवस मनाया।

अंतर्राष्‍ट्रीय योग दिवस का शुभारंभ प्रात: 07:30 बजे साझा योग प्रोटोकॉल पर आधारित योग कार्यक्रम या सत्र के साथ हुआ। इस दौरान कई अन्‍य गतिविधियां भी आयोजित की गईं। आर्ट ऑफ लिविंग के हैप्पीनेस प्रोग्राम और ब्रह्म कुमारी के योग एवं ध्‍यान पर आयोजित किये गये अलग-अलग सत्र, दैनिक जीवन में योग के असर/फायदों और सहज योग पर आयोजित किये गये व्‍याख्‍यान इन गतिविधियों में शामिल हैं। तनाव घटाने पर आयोजित सत्र के साथ अंतर्राष्‍ट्रीय योग दिवस का समापन किया गया।

उपर्युक्‍त सत्रों में विभाग के अधिकारियों/कर्मचारियों ने बड़े उत्‍साह के साथ भाग लिया।


■ राष्‍ट्रपति ने सूरीनाम में चौथे अंतरराष्ट्रीय योग दिवस समारोहों में भाग लिया

• राष्ट्रपति ने कहा, योग मानवता की अमूर्त विरासत है एवं तनावों एवं जीवनशैली रोगों की आज की दुनिया में उनसे निपटने में यह हम सभी की सहायता कर सकता है

राष्‍ट्रपति रामनाथ कोविंद ने आज (21 जून, 2018) सूरीनाम में सूरीनाम के राष्‍ट्रपति डिजायर डेलानो बौटर्से, सूरीनाम के उपराष्‍ट्रपति माइकल अश्विन अधीन एवं अन्‍य गणमान्‍य व्‍यक्तियों के साथ चौथे अंतरराष्ट्रीय योग दिवस समारोहों में भाग लिया।

महामहिम राष्‍ट्रपति ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि योग प्राचीन भारतीय परंपरा है लेकिन इस पर केवल भारत का ही अधिकार नहीं है। उन्‍होंने कहा कि यह मानवता की अमूर्त विरासत है। उन्‍होंने कहा कि दुनिया भर में प्रत्‍येक महादेश एवं प्रत्‍येक समुदाय में लाखों लोगों ने योग को अंगीकार किया है और अपने खुद के तरीके से योग की व्‍याख्‍या की है।

महामहिम राष्‍ट्रपति ने कहा कि भारत और सूरीनाम के साथ-साथ चौथा अंतरराष्ट्रीय योग दिवस व्‍यवहारिक रूप से विश्‍व के प्रत्‍येक देश में मनाया जा रहा है।

आज बाद में, महामहिम राष्‍ट्रपति ने परमबारिबो में एक भारतीय सांस्‍कृतिक केंद्र का शिलान्‍यास रखा। सूरीनाम में भारतीय सांस्‍कृतिक केंद्र हिन्‍दुस्‍तानी संगीत एवं संस्‍कृति के संवर्द्धन को समर्पित किया जाएगा।

महामहिम राष्‍ट्रपति ने कहा कि तनावों एवं जीवनशैली रोगों की आज की दुनिया में उनसे निपटने में योग हम सभी की सहायता कर सकता है।

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